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यूपी के शख्स ने लाॅकडाउन में दिखाई नई राह, घर की छत पर ही हाइड्रोफोनिक तकनीक से उगाई हरी सब्जियां

Sun, 08 Nov 2020 12:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sun, 08 Nov 2020 12:15 AM IST
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Vegetables grown with hydrophonic technology in lockdown
हाईड्रोफोनिक खेती - फोटो : SAHARANPUR
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान मिले समय का सदुपयोग कर विकास सिंह ने घर की छत पर ही हाइड्रोफोनिक तकनीक से सब्जियां पैदा कर लोगों को नई राह दिखाई है। इससे उन्हें ताजी सब्जियां उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने इस विधि से सरसों, गोभी, पालक, टमाटर, चना आदि उगाया हुआ है।
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नोएडा की एक कंपनी में कार्य करने वाले नवीन नगर निवासी विकास सिंह लॉकडाउन के दौरान 20 मार्च को अपने घर वापस आए। लॉकडाउन में बंदी के कारण उनके परिवार को सब्जियों के लिए परेशान होना पड़ा।
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इसे देखते हुए उन्होंने यू ट्यूब और केवीके के प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा से हाइड्रोफोनिक खेती के बारे मेें जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत पर 72 पौधों वाला प्रोजेक्ट लगाया। जिससे उन्हें घर के लिए ताजी सब्जियां मिल रही हैं।
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कैसे होती है हाइड्रोफोनिक खेती
केवीके प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि हाइड्रोफोनिक खेती इजराइल की तकनीक पर आधारित है। इसमें मिट्टी की बजाए पानी का उपयोग पौधे के पोषण के लिए किया जाता है। इसमें एक चार इंच के पाइप में छेद कर पौधे क्ले बॉल्स या कोकोनट पिट के माध्यम से रोपे जाते हैं। इसमें आरओ के पानी को जड़ों के नीचे से गुजारा जाता है।

इसी पानी में जल विलेय पोषक तत्वों को डालकर पौधों की खुराक को पूरा किया जाता है। पानी को पाइप में टुल्लू पंप की सहायता से चलाया जाता है। जो वापस वाटर स्टोर में चला जाता है। इस प्रकार पानी पाइप में घूमता रहता है। इस विधि में कीटनाशक दवाइयों का प्रयोग नहीं किया जाता। पानी के माध्यम से खुुराक ग्रहण कर पौधे तेजी से बढ़ते हैं।

गिफ्ट के लिए बनाया फ्लावरिंग पॉट
हाइड्रोफोनिक खेती के लिए बच्चों को जागरूक करने के लिए विकास सिंह ने फ्लावरिंग पॉट भी तैयार किया है। उनका कहना है कि इसे बर्थ डे आदि पर गिफ्ट देकर बच्चों आदि को इस तकनीक के प्रति प्रेरित किया जा सकता है। उनके पास राजस्थान के सीकर जिले के एक स्कूल से इसके एक मॉडल बनाने की मांग भी आ चुकी है।

कम स्थान की आवश्यकता
विकास सिंह का कहना है कि हाइड्रोफोनिक खेती को मल्टी लेयर किया जा सकता है। इसके लिए सिर्फ एक बार सेटअप बनाने के बाद सिर्फ पानी और पोषक तत्वों का खर्च रहता है। इसको छत पर आसानी से लगाया जा सकता है। महानगरों में भी इस तकनीक का प्रयोग कर लोग घर में ताजी सब्जियां उगा सकते हैं।

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