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स्टाक का पता करके समिति पर जाएगा यूरिया
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सहारनपुर। सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत न हो, इसके लिए समितियों पर यूरिया भेजने में पूरी सावधानी बरती जा रही है। एआर कॉपरेटिव के माध्यम से समन्वय बनाया जा रहा है, ताकि यह पता चले कि किस समिति पर यूरिया पूरी तरह खत्म हो गया है। वहां प्राथमिकता से यूरिया भिजवाया जाएगा।
दरअसल, अगस्त महीने में सहारनपुर जिले को लक्ष्य से अधिक यूरिया प्राप्त हुआ है। 15 अगस्त को ही यूरिया की रैक लगी थी। अब तक 58200 मीट्रिक टन यूरिया आ चुका है, जबकि 52900 मीट्रिक टन का लक्ष्य था। वहीं, समितियों से किसानों द्वारा जरूरत से ज्यादा यूरिया उठान को लेकर भी सवाल उठे थे, जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच हुई। उसमें पता चला कि ई पॉस मशीन से एक ही किसान का फिंगर प्रिंट लेकर कई किसानों का यूरिया उठवा दिया गया, लेकिन रजिस्टर में सभी किसानों के नाम दर्ज किए गए।
अब समितियों पर यूरिया भेजने से पहले यह पता लगाया जा रहा है कि वहां यूरिया उपलब्ध है या नहीं, या फिर पूरी तरह खत्म हो गया है। जिला कृषि अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि समितियों पर यूरिया उपलब्ध है। जिन समितियों पर यूरिया खत्म हो जाता है, वहां के लिए बफर में यूरिया मौजूद है। अगले महीने तक एक रैक और आने की संभावना है। इस महीने के लक्ष्य में 52960 मीट्रिक टन यूरिया आना था, जबकि 58200 मीट्रिक टन आ चुका है।
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अनावश्यक यूरिया खरीद से बचें किसान
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि उर्वरक विक्रेताओं और समिति क र्मचारियों को ईपॉस के जरिये ही यूरिया बेचने का निर्देश दिया गया है। किसानों से अपील है कि जिन फसलों में आवश्यकता है, उसी अनुपात में यूरिया खरीदें। यूरिया की उपलब्धता बनी हुई है और आपूर्ति होती रहेगी, अनावश्यक रूप से खरीदने की जरूरत नहीं है।
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दरअसल, अगस्त महीने में सहारनपुर जिले को लक्ष्य से अधिक यूरिया प्राप्त हुआ है। 15 अगस्त को ही यूरिया की रैक लगी थी। अब तक 58200 मीट्रिक टन यूरिया आ चुका है, जबकि 52900 मीट्रिक टन का लक्ष्य था। वहीं, समितियों से किसानों द्वारा जरूरत से ज्यादा यूरिया उठान को लेकर भी सवाल उठे थे, जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच हुई। उसमें पता चला कि ई पॉस मशीन से एक ही किसान का फिंगर प्रिंट लेकर कई किसानों का यूरिया उठवा दिया गया, लेकिन रजिस्टर में सभी किसानों के नाम दर्ज किए गए।
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अब समितियों पर यूरिया भेजने से पहले यह पता लगाया जा रहा है कि वहां यूरिया उपलब्ध है या नहीं, या फिर पूरी तरह खत्म हो गया है। जिला कृषि अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि समितियों पर यूरिया उपलब्ध है। जिन समितियों पर यूरिया खत्म हो जाता है, वहां के लिए बफर में यूरिया मौजूद है। अगले महीने तक एक रैक और आने की संभावना है। इस महीने के लक्ष्य में 52960 मीट्रिक टन यूरिया आना था, जबकि 58200 मीट्रिक टन आ चुका है।
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अनावश्यक यूरिया खरीद से बचें किसान
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि उर्वरक विक्रेताओं और समिति क र्मचारियों को ईपॉस के जरिये ही यूरिया बेचने का निर्देश दिया गया है। किसानों से अपील है कि जिन फसलों में आवश्यकता है, उसी अनुपात में यूरिया खरीदें। यूरिया की उपलब्धता बनी हुई है और आपूर्ति होती रहेगी, अनावश्यक रूप से खरीदने की जरूरत नहीं है।