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‘हौसला’ हुई हताश, नहीं बनवाया जा रहा भोजन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:38 AM IST
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गर्भवती महिला
- फोटो : demo pics
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सहारनपुर में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली हौसला पोषण योजना शुरू होते ही जांच की कार्रवाई शुरू करा दी गई है। गांवों में इस योजना का पैसा लेने के बावजूद कई प्रधानों द्वारा खाना न बनवाए जाने के आरोपों के बाद से प्रशासन के होश उड़े हुए हैं।
सीडीओ ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से एक-एक गांव की रिपोर्ट तलब की है। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्र पर ही पका हुआ गरम संतुलित पोषक आहार खिलाए जाने की हौसला पोषण योजना 10 अगस्त से शुरू की गई।
योजना शुरू होने के साथ ही विवाद भी शुरू हो गया। कुछ गांवों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधानों ने धमकाकर उनसे पैसा तो निकलवा लिया, लेकिन खाना आज तक नहीं बनवाया गया।
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बीनपुर, मुबारकपुर, बूढ़पुर की शिकायतें की गईं। यही नहीं कुछ गांवों में एक सप्ताह खाना बनवाने के बाद खाता ही खाली कर दिया गया और खाना बंद करा दिया गया। लगातार शिकायतें आने लगीं। लेकिन, अब मामला अधिकारियों तक पहुंच गया है।
मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा ने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर भोजन बनाए जाने की जांच कराए जाने एवं सभी गांवों की रिपोर्ट दिए जाने के आदेश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी का कहना है कि उन्होंने सभी आंगनबाड़ियों की बैठक बुलाई है, जिसमें सभी से अब तक बनवाए गए भोजन के बारे में जानकारी एवं खर्च का हिसाब लाने के लिए कहा है। उसकी रिपोर्ट सीडीओ को भेजी जाएगी।
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सीडीओ ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से एक-एक गांव की रिपोर्ट तलब की है। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्र पर ही पका हुआ गरम संतुलित पोषक आहार खिलाए जाने की हौसला पोषण योजना 10 अगस्त से शुरू की गई।
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योजना शुरू होने के साथ ही विवाद भी शुरू हो गया। कुछ गांवों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधानों ने धमकाकर उनसे पैसा तो निकलवा लिया, लेकिन खाना आज तक नहीं बनवाया गया।
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बीनपुर, मुबारकपुर, बूढ़पुर की शिकायतें की गईं। यही नहीं कुछ गांवों में एक सप्ताह खाना बनवाने के बाद खाता ही खाली कर दिया गया और खाना बंद करा दिया गया। लगातार शिकायतें आने लगीं। लेकिन, अब मामला अधिकारियों तक पहुंच गया है।
मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा ने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर भोजन बनाए जाने की जांच कराए जाने एवं सभी गांवों की रिपोर्ट दिए जाने के आदेश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी का कहना है कि उन्होंने सभी आंगनबाड़ियों की बैठक बुलाई है, जिसमें सभी से अब तक बनवाए गए भोजन के बारे में जानकारी एवं खर्च का हिसाब लाने के लिए कहा है। उसकी रिपोर्ट सीडीओ को भेजी जाएगी।