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UP News: सहारनपुर में क्यों नष्ट कराए गए 1300 तमंचे, 2300 कारतूस, 2861 चाकू-छुरी और तलवारें, पढ़ें खबर
Mon, 21 Apr 2025 06:14 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 21 Apr 2025 06:14 PM IST
सार
पुलिस ने इन हथियारों को गुंडे-बदमाशों से बरामद किया था। फिलहाल कोर्ट के आदेश पर 1987 से 2000 के बीच जब्त किए अवैध हथियारों को नष्ट किया है। उसके बाद के हथियार अभी भी थानों के मालखाने में हैं।
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जब्त किया गया असलहा। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : पुलिस
विस्तार
पुलिस ने 1987 से जब्त किए अवैध हथियारों के जखीरे को सोमवार को नष्ट करा दिया। इसमें 1300 तमंचे, 2300 कारतूस और 2861 चाकू-छुरी व तलवारें शामिल थीं। इन सभी हथियारों पर जंग लगा हुआ था।
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दरअसल, पुलिस ने यह हथियार अलग-अलग मामलों में चेकिंग के दौरान बरामद किए थे। जब पुलिस किसी को पकड़ती है, तो उससे बरामद होने वाले हथियारों को मालखाने में रख लिया जाता है। जबकि मामला अदालत में चलता है तो अदालत में पुलिस को बरामद हथियार लेकर जाना होता है। दिखाना होता है कि यह हथियार आरोपी से मिला था।
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इस तरह एक के बाद एक मालखाने में इनकी संख्या बढ़ती जाती है। अब सदर मालखाने से इन तमंचों को नष्ट किया गया। इसके लिए अदालत से अनुमति ली गई। सभी अवैध हथियार पुलिस ने 1987 से संभालकर रखे हुए थे। अदालत के आदेश पर 1987 से वर्ष 2000 तक जितने भी अवैध हथियार पकड़े गए थे, उन सभी को नष्ट कराया गया।
वर्ष 2000 के बाद पुलिस ने जो भी हथियार पकड़े और बरामद किए, वह सभी अभी तक संभालकर रखे हुए हैं। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार, एसपी यातायात सिद्धार्थ वर्मा, सीओ अभितेष सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन सालिक राम गुप्ता आदि मौजूद रहे।
वर्ष 2000 के बाद पुलिस ने जो भी हथियार पकड़े और बरामद किए, वह सभी अभी तक संभालकर रखे हुए हैं। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार, एसपी यातायात सिद्धार्थ वर्मा, सीओ अभितेष सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन सालिक राम गुप्ता आदि मौजूद रहे।
इस तरह किया नष्ट
इन हथियारों को तोड़कर पुर्जे-पुर्जे कर दिया गया। इसके बाद इन्हें स्क्रैप में बेच दिया गया।
इन हथियारों को तोड़कर पुर्जे-पुर्जे कर दिया गया। इसके बाद इन्हें स्क्रैप में बेच दिया गया।