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यूपी: सिर्फ यादों में रह जाएगा 131 साल पुराना रेलवे इंस्टीट्यूट, कर्मचारियों के परिजनों को मिलती थीं ये खास सुवधाएं
Tue, 26 Oct 2021 12:49 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: कपिल kapil
Updated Tue, 26 Oct 2021 12:49 AM IST
सार
अंग्रेजों के समय में बना नीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट अब सिर्फ यादों में रह जाएगा। 131 साल पुराने इंस्पेक्टर में तोड़ने का काम शुरू हो चुका है। हालांकि इसकी जगह दूसरे स्थान बनाया रहा है।
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सीनियर रेलवे स्टेशन
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सहारनपुर में वुडन फ्लोर पर बैडमिंटन, बच्चों की बर्थडे पार्टी और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए बेहद कम खर्च में मिलने वाला सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट अब टूटने वाला है। अंग्रेजों के शासन में बना यह भवन अब सिर्फ यादों में रह जाएगा। क्योंकि इसके स्थान पर नया रेलवे इंस्टीट्यूट बन रहा है, जिसका 75 प्रतिशत कार्य हो भी गया है।
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दरअसल, सहारनपुर में खलासी लाइन के निकट 1890 में सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट का निर्माण हुआ था। करीब 131 साल से यह रेलवे कर्मियों, पेंशनर्स और उनके परिवार के सदस्यों के लिए बेहद मददगार रहा है। क्योंकि बेहद कम खर्च में यहां कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अनुमति मिलती रही है। फिलहाल इंस्टीट्यूट में सगाई या अन्य कार्यक्रम करने के लिए रेलवे कर्मियों को 1100 रुपये ही शुल्क अदा करना होता है और 24 घंटे के लिए यह बुक हो जाता है। इसके अलावा बाहरी लोगों के लिए दस हजार रुपये शुल्क निर्धारित है।
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ये मिलती रही हैं सुविधाएं
सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में एक हॉल टेबिल टेनिस का है। जब इसका निर्माण हुआ था तो रेलवे के अधिकारी कर्मचारियों के अलावा अंग्रेज अधिकारियों के परिवार के लोग भी यहां टेबिल टेनिस खेलते रहे। इसके अलावा दूसरा बड़ा हाल बैडमिंटन के लिए है। उसमें वुडन फ्लोर और वुडन स्टेज बना हुआ है। इसके अलावा पीछे की तरफ जिम भी संचालित है। वहां महज 100 रुपये प्रतिमाह शुल्क पर रेलवे कर्मियों के परिवार के सदस्य व्यायाम करते हैं। टेबिल टेनिस और बैडमिंटन खेलने के लिए रेलवे कर्मियों से कोई शुल्क नहीं, जबकि बाहरी लोगों से 1500 रुपये प्रतिमाह लिया जाता है। इसके अलावा रेलवे कर्मियों के बच्चों के लिए यहां कंप्यूटर सेंटर भी चल रहा है।
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दो महीने में शिफ्ट हो जाएगा इंस्टीट्यूट
नया रेलवे इंस्टीट्यूट खलासी लाइन में ही आरक्षण केंद्र से आगे बनाया जा रहा है। उसका भवन बनकर तैयार हो गया है। यह मल्टीस्टोरी बन रहा है। उसमें भी कई हाल बनाए जा रहे हैं। नए भवन में करीब दो महीने में शिफ्टिंग हो जाएगी। फिलहाल पुराने इंस्टीट्यूट में पीछे की तरफ से तोड़ने का कार्य शुरू हो चुका है।
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सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट की प्रबंध समिति के सचिव अजय त्यागी ने बताया कि इस इंस्टीट्यूट से 131 साल की यादें जुड़ी हुई हैं। अब नए भवन में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही हैं।