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ये है कांग्रेस का प्लान: मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग को साधने में जुटे दिग्गज नेता, लोकसभा चुनाव में दिखेगा असर

Thu, 21 Dec 2023 04:25 PM IST
कपिल kapil विनीत तोमर, अमर उजाला, सहारनपुर
विनीत तोमर, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 21 Dec 2023 04:25 PM IST
सार

Congress UP Jodo Yatra : चुनाव की जीत-हार में मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग की अहम भूमिका मानी जाती है। इस लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस या अन्य दल सभी अपने-अपने तौर-तरीकों से मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग को साधने में लगे हुए हैं।

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UP Jodo Yatra: Congress big leaders are busy in helping Muslims and Scheduled Castes
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी के दर्शन के बाद कांग्रेस ने सहारनपुर से यूपी जोड़ो यात्रा का आगाज कर दिया। लोकसभा चुनाव को लेकर शुरू की गई यूपी जोड़ो यात्रा इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह 11 जिलों में 15 संसदीय सीटों से गुजरेगी। जिस तरीके से इस यात्रा का रूट प्लान तैयार किया गया है, उससे माना जा रहा है कि इसके माध्यम से पश्चिम यूपी से लेकर मध्य तक मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग को साधने की तैयारी है। यह यात्रा अधिकतर उन शहरों से निकलेगी जहां पर मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग के मतदाताओं की संख्या अच्छी-खासी है।

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दरअसल, चुनाव की जीत-हार में मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग की अहम भूमिका मानी जाती है। इस लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस या अन्य दल सभी अपने-अपने तौर-तरीकों से मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग को साधने में लगे हुए हैं। कांग्रेस ने पहले दलित गौरव संवाद अभियान चलाया और फिर दलित अधिकार मांग पत्र भरवाकर अनुसूचित वर्ग की नब्ज टटोलने का काम किया।

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सहारनपुर से शुरू हुई यह यात्रा मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर, सीतापुर और लखनऊ में पहुंचकर समाप्त होगी। यूं तो यात्रा की शुरुआत मां शाकंभरी के दर्शन के बाद हो चुकी है, लेकिन असल भीड़ गंगोह में दिखाई दी। इसके बाद यात्रा को देवबंद से निकाला जाएगा। देवबंद भी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है।

इसके अलावा बाकी जिलों के रूट प्लान पर नजर डालें तो वहां पर भी यात्रा के स्वागत और ठहराव के लिए उन स्थानों का चयन किया गया है, जहां पर इन दोनों वर्ग की आबादी ज्यादा है। हालांकि इस यात्रा से मेरठ, हापुड़, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर को दूर रखा गया है।

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इसलिए गंगोह में जुटाई भीड़
यात्रा शुरू होने के बाद पहला कार्यक्रम गंगोह में रखा गया। खास बात यह है कि सहारनपुर मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर गंगोह विधानसभा क्षेत्र को मसूद परिवार का गढ़ माना जाता है। हालांकि, यह क्षेत्र लोकसभा सीट कैराना के अंतर्गत आता है। मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग की यहां पर काफी संख्या है। इसे भुनाने के लिए ही कांग्रेस ने पहला पड़ाव या फिर शुरुआत कहें, गंगोह से की है।

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