एसटीएस द्वारा पकड़े गए सहारनपुर निवासी चार संदिग्ध आतंकी लंबे समय से देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। इनमें लुकमान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और कामिल को उत्तराखंड में 50 से अधिक आतंकी माड्यूल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। एटीएस की पूछताछ में यह खुलासे हुए हैं।
सहारनपुर: पश्चिमी यूपी व उत्तराखंड में करने थे 50 आतंकी माड्यूल तैयार, एटीएस की पूछताछ में किए बड़े खुलासे
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एटीएस के मुताबिक, लुकमान ने बांग्लादेशी निवासी अब्दुल तल्हा के संपर्क में था। कारी मुदस्सिर भी मदरसा चलाता है, जिसकी गतिविधियां भी संदिग्ध मिली हैं, जबकि मोहम्मद अलीम और कामिल काफी दिनों से अपने घरों से गायब थे, लेकिन चारों एक-दूसरे संपर्क में थे।
लुकमान और कामिल से एटीएस को अहम जानकारियां मिली हैं। इनके संपर्क में रहे लोगों को पकड़ने के लिए लखनऊ एटीएस दोबारा सहारनपुर, देहरादून और हरिद्वार में छापा मार सकती है। पकड़े गए चारो आतंकी उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश कई युवाओं को आतंकी संगठनों को जोड़ रहे थे।
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दिखावे के लिए हरिद्वार में की परचून की दुकान
एसटीएस के मुताबिक, कामिल छह माह पूर्व तक अपने गांव में रहता था, लेकिन उसके पास अचानक पैसा आया और वह हरिद्वार जाकर रहने लगा। वहां पर उसने दिखावे के लिए परचून की दुकान भी कर ली थी। बताया जा रहा है कामिल के पास अब्दुल तल्हा के जरिए पैसा आया था।
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नौ वर्ष पूर्व शुरू किया था मदरसा
मनोहरपुर निवासी कारी मुख्तार गांव में मदरसा चलाता है, जिसमें करीब 50 से 60 बच्चे तालीम हासिल कर रहे हैं। मुख्तार तीन भाई हैं, जिनमें अशरफ, अरशद तथा अमजद हैं। मुख्तार का एक भाई गांव में एक दुकान चलाता है, जबकि दो सहारनपुर जाकर लकड़ी का काम करते हैं। मुख्तार की आठ लड़कियां हैं। कोई लड़का नहीं है। सभी की उम्र सात वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक है। मुख्तार के मदरसे का नाम मदरसा आइनल उलूम है। यह मदरसा उसने करीब नौ वर्ष पहले शुरू किया था।