एक बार फिर सहारनपुर जनपद का नाम आतंकी गतिविधियों से जुड़ा है। यूपी एटीएस द्वारा पकड़े गए आठ संदिग्ध आतंकियों में चार सहारनपुर के अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं, जो आपस में संपर्क में थे और जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़े थे।
Saharanpur: संदिग्ध को दी शरण और 11 माह में लुकमान ने खड़ा कर लिया आतंकी नेटवर्क, मिले कई सबूत
जिहादी किताबें, पेन ड्राइव व अन्य सामान बरामद
लुकमान ने बांग्लादेशी निवासी आतंकी अब्दुल तल्हा को अपने यहां 11 माह शरण दी और मदरसा शिक्षक के रूप में पैसा भी दिया। लुकमान के पास से चार जिहादी किताबें, पेन ड्राइव, दो मेमोरी कार्ड व दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पेन ड्राइव में आतंकी गतिविधियों से संबंधित वीडियो, ऑडियो और फोटो सेव किए गए थे।
कामिल के अकाउंट में तल्हा ने मंगाए थे फंडिंग के ढाई लाख रुपये
एटीएस के अनुसार इसी तरह गांव मनोहरपुर निवासी कारी मुख्तयार भी लुकमान, मुफक्किर, अलीम व शहजाद का साथी है। इसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। देवबंद के गांव जाहीरपुरा निवासी कामिल को भी एटीएस ने पकड़ा है, जिसका हाल पता सलेमपुर थाना रानी जनपद हरिद्वार है। इसको मुदस्सिर के साथ वहीं से पकड़ा गया है। इसने अलीनूर व तल्हा बांग्लादेशी को सलेमपुर में घर किराए पर दिलवाकर शरण दी। इसके एकाउंट में तल्हा ने फंडिंग के रूप में ढाई लाख रुपये मंगवाए थे।
कैलाशपुर निवासी मोहम्मद अलीम को भी गिरफ्तार किया गया। एटीएस के मुताबिक, मोहम्मद अलीम को आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य बनाया। अलीम अहसान बांग्लादेशी को लुकमान, शहजाद व कारी मुख्तयार से मिलवाया था। इनके अलावा शहजाद निवासी नंगला नाई झिंझाना जनपद शामली, मुदस्सिर निवासी नंगला इमरती जनपद हरिद्वार, अलीनूर बांग्लादेशी, नवाजिश अंसारी निवासी झारखंड को गिरफ्तार किया गया है।
पकड़े गए चारों आरोपियों के पास से से पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज मिले हैं। इन चारों संदिग्ध आतंकियों को कुछ माह पूर्व पकड़े गए आतंकी अब्दुल तल्हा और नवाजिश ने आतंकी संगठनों से जोड़ा था। इसके बाद इन्होंने जनपद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया।