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Saharanpur News: एक सीसी सड़क के दो दावेदार, अधिकारियों में मचा हड़कंप
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अमर उजाला के 24 सितंबर के अंक में प्रकाशित समाचार। संवाद
सहारनपुर, छुटमलपुर। मुजफ्फराबाद विकास खंड के गांव दतौली मुगल में एक सीसी सड़क का दो जगह ग्राम पंचायत और जिला पंचायत से भुगतान होने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिला पंचायत के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी बाबूराम ने गांव का दौरा कर पुरानी और नई डाली गई सीसी सड़कों का स्थलीय निरीक्षण किया।
बता दें कि इस गांव में दिसंबर माह में सुंदलहेडी मार्ग पर एक सीसी सड़क डाली गई थी। ग्राम प्रधान राव राशिद का कहना है कि यह सड़क ग्राम पंचायत द्वारा डलवाई गई है। इसी रास्ते पर जिला पंचायत से भी सड़क स्वीकृत हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला पंचायत के ठेकेदार ने ग्राम पंचायत की सीसी सड़क पर अपना बोर्ड लगा कर फोट खींच कर करीब तीन लाख रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया। इस प्रकरण की जांच के निर्देश सीडीओ द्वारा दिए जाने के बाद आनन फानन में ठेकेदार ने सुंदलहेडी मार्ग पर सड़क का निर्माण करा दिया। इस प्रकरण को अमर उजाला में 24 सितंबर के अंक में ग्राम पंचायत की सड़क में खेल शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया गया तो संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
रविवार को छुट्टी के बावजूद जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी बाबूराम शाम के वक्त गांव पहुंचे। उन्होंने पुरानी और नई डाली गई सड़कों का निरीक्षण कर बाकायदा इसकी फोटो और वीडियोग्राफी की। उन्होंने बताया कि वे गांव में गए थे। फाइल में जिस सड़क का फोटो और साइड प्लान लगा कर भुगतान पाया गया है वह सड़क मौके पर है। रात में किसने आनन फानन में एक और सड़क बना दी यह जांच का विषय है। ग्राम प्रधान और सचिव गांव में नहीं मिले हैं। उनके द्वारा दोनों को नोटिस भेज कर पूर्व में डाली गई सड़क से संबंधित प्रपत्र और भुगतान के दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। वहीं ग्राम प्रधान राव राशिद अपने पुराने रुख पर मजबूती के साथ कायम हैं उनका कहना है कि सड़क ग्राम पंचायत निधि से उनके द्वारा डाली गई थी। नई सड़क जिला पंचायत के ठेकेदार ने डाली है।
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इन्सेट के लिए प्रस्तावित
सड़क बना दी जिपंस को बुलाया तक नहीं
छुटमलपुर। हैरत की बात है जिस जिला पंचायत सदस्य रंजीता के प्रस्ताव पर सड़क डाली गई दर्शाई गई है उनके पति अजब सिंह का कहना है कि विपक्षी दल का सदस्य होने के कारण उन्हें ना तो सड़क बनाते वक्त बुलाया गया और ना ही सड़क के लोकार्पण के वक्त किसी ने निमंत्रण दिया। मामले में बड़ा गोलमाल है। इसकी जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि वे भी आज अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद माजरा जानने गांव गए थे।
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बता दें कि इस गांव में दिसंबर माह में सुंदलहेडी मार्ग पर एक सीसी सड़क डाली गई थी। ग्राम प्रधान राव राशिद का कहना है कि यह सड़क ग्राम पंचायत द्वारा डलवाई गई है। इसी रास्ते पर जिला पंचायत से भी सड़क स्वीकृत हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला पंचायत के ठेकेदार ने ग्राम पंचायत की सीसी सड़क पर अपना बोर्ड लगा कर फोट खींच कर करीब तीन लाख रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया। इस प्रकरण की जांच के निर्देश सीडीओ द्वारा दिए जाने के बाद आनन फानन में ठेकेदार ने सुंदलहेडी मार्ग पर सड़क का निर्माण करा दिया। इस प्रकरण को अमर उजाला में 24 सितंबर के अंक में ग्राम पंचायत की सड़क में खेल शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया गया तो संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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रविवार को छुट्टी के बावजूद जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी बाबूराम शाम के वक्त गांव पहुंचे। उन्होंने पुरानी और नई डाली गई सड़कों का निरीक्षण कर बाकायदा इसकी फोटो और वीडियोग्राफी की। उन्होंने बताया कि वे गांव में गए थे। फाइल में जिस सड़क का फोटो और साइड प्लान लगा कर भुगतान पाया गया है वह सड़क मौके पर है। रात में किसने आनन फानन में एक और सड़क बना दी यह जांच का विषय है। ग्राम प्रधान और सचिव गांव में नहीं मिले हैं। उनके द्वारा दोनों को नोटिस भेज कर पूर्व में डाली गई सड़क से संबंधित प्रपत्र और भुगतान के दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। वहीं ग्राम प्रधान राव राशिद अपने पुराने रुख पर मजबूती के साथ कायम हैं उनका कहना है कि सड़क ग्राम पंचायत निधि से उनके द्वारा डाली गई थी। नई सड़क जिला पंचायत के ठेकेदार ने डाली है।
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सड़क बना दी जिपंस को बुलाया तक नहीं
छुटमलपुर। हैरत की बात है जिस जिला पंचायत सदस्य रंजीता के प्रस्ताव पर सड़क डाली गई दर्शाई गई है उनके पति अजब सिंह का कहना है कि विपक्षी दल का सदस्य होने के कारण उन्हें ना तो सड़क बनाते वक्त बुलाया गया और ना ही सड़क के लोकार्पण के वक्त किसी ने निमंत्रण दिया। मामले में बड़ा गोलमाल है। इसकी जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि वे भी आज अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद माजरा जानने गांव गए थे।

अमर उजाला के 24 सितंबर के अंक में प्रकाशित समाचार। संवाद