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ट्रंप का गाजा पर कब्जे से संबंधित प्रस्ताव निंदनीय : मदनी
Fri, 07 Feb 2025 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 07 Feb 2025 12:45 AM IST
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मौलाना महमूद मदनी। अध्यक्ष, जमीयत उलमा-ए-हिंद।
- फोटो : संवाद
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सदस्य मौलाना महमूद मदनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने गाजा पर अमेरिकी कब्जे और फलस्तीन की जनता को जबरन बेदखल करने का प्रस्ताव रखा है।
मौलाना महमूद मदनी ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यह घोषणा न केवल हास्यास्पद है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन भी है। मौलाना मदनी ने कहा कि गाजा जमीन का एक टुकड़ा मात्र नहीं, बल्कि लाखों उत्पीड़ित फलस्तीनियों की मातृभूमि है। जो कई दशकों से प्रताड़ना, कब्जे और आक्रमणकारी नीतियों का सामना कर रहे हैं।
फलस्तीनी जनता को जबरन उनके घरों से बेदखल करने का कोई भी प्रयास मानवाधिकारों पर सीधा हमला होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में इस्राइल के हमले और आतंकवाद में लगभग 50 हजार निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में और अन्याय की योजना फलस्तीनियों के जख्मों पर नमक छिड़कने के बराबर है।
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मदनी ने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस्राइली शासक के साथ व्हाइट हाउस में मंच साझा कर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र संघ और प्रभावशाली वैश्विक शक्तियों से इस योजना का खुलकर विरोध करने और फलस्तीन की जनता के वैध अधिकारों की बहाली के लिए व्यावहारिक कदमों में तेजी लाने की मांग की है।
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मौलाना महमूद मदनी ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यह घोषणा न केवल हास्यास्पद है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन भी है। मौलाना मदनी ने कहा कि गाजा जमीन का एक टुकड़ा मात्र नहीं, बल्कि लाखों उत्पीड़ित फलस्तीनियों की मातृभूमि है। जो कई दशकों से प्रताड़ना, कब्जे और आक्रमणकारी नीतियों का सामना कर रहे हैं।
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फलस्तीनी जनता को जबरन उनके घरों से बेदखल करने का कोई भी प्रयास मानवाधिकारों पर सीधा हमला होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में इस्राइल के हमले और आतंकवाद में लगभग 50 हजार निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में और अन्याय की योजना फलस्तीनियों के जख्मों पर नमक छिड़कने के बराबर है।
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मदनी ने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस्राइली शासक के साथ व्हाइट हाउस में मंच साझा कर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र संघ और प्रभावशाली वैश्विक शक्तियों से इस योजना का खुलकर विरोध करने और फलस्तीन की जनता के वैध अधिकारों की बहाली के लिए व्यावहारिक कदमों में तेजी लाने की मांग की है।