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आज आएगा जनादेश
ब्यूरो/अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2016 12:30 AM IST
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राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा से जुड़ी देवबंद विधानसभा के उपचुुनाव का परिणाम मंगलवार को आएगा। मतगणना का समय नजदीक आने के साथ ही सियासी दल के लोगों की धड़कनें भी तेज होने लगी हैं।
उधर, आम लोगों में भी परिणाम को लेकर बेहद उत्सुकता है। कारण, देवबंद उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल सेमीफाइनल के रूप में देख रहे हैं। उपचुनाव में बसपा की गैरमौजूदगी और कम मतदान के चलते बड़े उलटफेर की भी संभावना जताई जा रही है।
हालांकि प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतगणना के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस्लामिक तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम के चलते देवबंद विधानसभा के परिणाम पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। कारण, इस सीट पर जीत-हार से सियासी दलों के मिशन-2017 के दावों की हकीकत का भी आंकलन किया जाएगा।
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हालांकि मतदान के दिन बारिश के चलते बूथों पर उम्मीद से कम मतदाता ही पहुंचे। कम मतदान से भी सभी राजनीतिक दलों का गणित गड़बड़ा गया है। यह सीट सपा विधायक के निधन से खाली हुई है, ऐसे में सपा हर हाल में यहां जीत दर्ज कर दोबारा सरकार बनाने के दावे को मजबूती देना चाहेगी।
केंद्र में सत्तासीन होते वक्त भाजपा ने यूपी में बड़ी जीत दर्ज की थी और तब से ही विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की बड़ी उम्मीदें हैं। ऐसे में भाजपा को उस जीत से अब तक अपने जनाधार की परीक्षा देने का वक्त है।
अपनी जमीन तलाश रही कांग्रेस ने हाल में सहारनपुर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पदयात्रा से मुसलमान और किसानों को रिझाने की कोशिश की थी। ऐसे में कांग्रेस के सामने भी अपनी जमीन मजबूत होने के दावे को परखना है।
विजय जुलूस नहीं निकाल पाएंगे
मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं। प्रत्येक टेबल पर चार-चार कर्मचारी तैनात होंगे, जो मतों की गणना करेंगे। मतगणना 22 राउंड में होगी। मतगणना को निष्पक्ष और शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े बंदोबस्त किए हैं। मतगणना केंद्र पर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात रहेगा।
कोई भी व्यक्ति बिना पास के मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश नहीं कर सकेगा। मतगणना केंद्र से सौ मीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति एंट्री नहीं कर सकेगा। साथ ही जीत के बाद विजयी जुलूस नहीं निकाला जाएगा, इसकी वजह जनपद में आदर्श आचार संहिता और धारा 144 लागू होना है।
देवबंद सीट के लिए हुए उपचुुनाव में केवल 52 फीसदी लोगों ने ही वोट डाले थे। परिणाम दोपहर करीब एक बजे तक घोषित हो जाएगा। एडीएम-एफ/सहायक निर्वाचन अधिकारी सैयद निजामुद्दीन ने मतगणना की तैयारी दुरुस्त होने की बात कही।
चुनाव मैदान में प्रत्याशी
देवबंद विधानसभा सीट के लिए 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें सपा से मीना सिंह, भाजपा से रामपाल सिंह पुंडीर, कांग्रेस से माविया अली, विनोद कुमार तेजयान, किरण आरसी जाटव, शराफत अली, जहीर फात्मा, वीर प्रताप, शाहिद सुहैल, सुधीर, अमित और सहसपाल उर्फ साहब सिंह हैं।
अधिकारी कहिन
मतगणना को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से निपटाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। मतदान केंद्र के भीतर और बाहर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात रहेगा। यदि किसी ने शांतिभंग करने या आचार संहिता का उल्लंघन करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- पवन कुमार, डीएम
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उधर, आम लोगों में भी परिणाम को लेकर बेहद उत्सुकता है। कारण, देवबंद उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल सेमीफाइनल के रूप में देख रहे हैं। उपचुनाव में बसपा की गैरमौजूदगी और कम मतदान के चलते बड़े उलटफेर की भी संभावना जताई जा रही है।
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हालांकि प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतगणना के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस्लामिक तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम के चलते देवबंद विधानसभा के परिणाम पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। कारण, इस सीट पर जीत-हार से सियासी दलों के मिशन-2017 के दावों की हकीकत का भी आंकलन किया जाएगा।
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हालांकि मतदान के दिन बारिश के चलते बूथों पर उम्मीद से कम मतदाता ही पहुंचे। कम मतदान से भी सभी राजनीतिक दलों का गणित गड़बड़ा गया है। यह सीट सपा विधायक के निधन से खाली हुई है, ऐसे में सपा हर हाल में यहां जीत दर्ज कर दोबारा सरकार बनाने के दावे को मजबूती देना चाहेगी।
केंद्र में सत्तासीन होते वक्त भाजपा ने यूपी में बड़ी जीत दर्ज की थी और तब से ही विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की बड़ी उम्मीदें हैं। ऐसे में भाजपा को उस जीत से अब तक अपने जनाधार की परीक्षा देने का वक्त है।
अपनी जमीन तलाश रही कांग्रेस ने हाल में सहारनपुर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पदयात्रा से मुसलमान और किसानों को रिझाने की कोशिश की थी। ऐसे में कांग्रेस के सामने भी अपनी जमीन मजबूत होने के दावे को परखना है।
विजय जुलूस नहीं निकाल पाएंगे
मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं। प्रत्येक टेबल पर चार-चार कर्मचारी तैनात होंगे, जो मतों की गणना करेंगे। मतगणना 22 राउंड में होगी। मतगणना को निष्पक्ष और शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े बंदोबस्त किए हैं। मतगणना केंद्र पर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात रहेगा।
कोई भी व्यक्ति बिना पास के मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश नहीं कर सकेगा। मतगणना केंद्र से सौ मीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति एंट्री नहीं कर सकेगा। साथ ही जीत के बाद विजयी जुलूस नहीं निकाला जाएगा, इसकी वजह जनपद में आदर्श आचार संहिता और धारा 144 लागू होना है।
देवबंद सीट के लिए हुए उपचुुनाव में केवल 52 फीसदी लोगों ने ही वोट डाले थे। परिणाम दोपहर करीब एक बजे तक घोषित हो जाएगा। एडीएम-एफ/सहायक निर्वाचन अधिकारी सैयद निजामुद्दीन ने मतगणना की तैयारी दुरुस्त होने की बात कही।
चुनाव मैदान में प्रत्याशी
देवबंद विधानसभा सीट के लिए 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें सपा से मीना सिंह, भाजपा से रामपाल सिंह पुंडीर, कांग्रेस से माविया अली, विनोद कुमार तेजयान, किरण आरसी जाटव, शराफत अली, जहीर फात्मा, वीर प्रताप, शाहिद सुहैल, सुधीर, अमित और सहसपाल उर्फ साहब सिंह हैं।
अधिकारी कहिन
मतगणना को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से निपटाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। मतदान केंद्र के भीतर और बाहर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात रहेगा। यदि किसी ने शांतिभंग करने या आचार संहिता का उल्लंघन करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- पवन कुमार, डीएम