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Saharanpur News: प्रदूषण जांच में टायर ऑयल फैक्टरी फेल, बंद करने के आदेश दिए
Sat, 25 Jan 2025 12:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 25 Jan 2025 12:39 AM IST
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सहारनपुर, देवबंद। कोतवाली के गोपाली क्षेत्र में लगी टायर से तेल निकालने वाली फैक्टरी को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। न्यायालय उपजिलाधिकारी की ओर से दिए गए आदेश में प्रदूषण के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव का हवाला दिया गया है।
प्रदूषण विभाग की जांच में भी इसे मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। गोपाली गांव में आबादी के समीप टायर पायरोलिसिस इकाई के तहत आस मोहम्मद इंटरप्राइजेज के नाम से प्लांट लगाया हुआ है। चालू होने के बाद से ही क्षेत्र के लोग इससे होने वाले प्रदूषण से परेशान थे और उनके स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा था। ग्रामीणों ने प्रदूषण विभाग सहित अधिकारियों से इसकी शिकायत की हुई थी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने यहां आकर जांच की, जिसमें मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की शर्तों का अनुपालन नहीं पाया गया। साथ ही औद्योगिक प्रक्रिया से निकलने वाली दुर्गंध युक्त गैस को भी सीधे वायुमंडल में छोड़ा जा रहा था और कई दूसरी व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं मिली थीं। इस कारण आसपास के इलाके में दुर्गंध फैल रही थी।
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जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम दीपक कुमार ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सभी साक्ष्यों का अवलोकन किया।
इसमें फैक्टरी मानकों के अनुरूप संचालित न होने और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए फैक्टरी को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए कोतवाली पुलिस को तीन दिन के भीतर फैक्टरी को बंद कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को निर्देशित किया गया है।
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प्रदूषण विभाग की जांच में भी इसे मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। गोपाली गांव में आबादी के समीप टायर पायरोलिसिस इकाई के तहत आस मोहम्मद इंटरप्राइजेज के नाम से प्लांट लगाया हुआ है। चालू होने के बाद से ही क्षेत्र के लोग इससे होने वाले प्रदूषण से परेशान थे और उनके स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा था। ग्रामीणों ने प्रदूषण विभाग सहित अधिकारियों से इसकी शिकायत की हुई थी।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने यहां आकर जांच की, जिसमें मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की शर्तों का अनुपालन नहीं पाया गया। साथ ही औद्योगिक प्रक्रिया से निकलने वाली दुर्गंध युक्त गैस को भी सीधे वायुमंडल में छोड़ा जा रहा था और कई दूसरी व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं मिली थीं। इस कारण आसपास के इलाके में दुर्गंध फैल रही थी।
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जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम दीपक कुमार ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सभी साक्ष्यों का अवलोकन किया।
इसमें फैक्टरी मानकों के अनुरूप संचालित न होने और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए फैक्टरी को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए कोतवाली पुलिस को तीन दिन के भीतर फैक्टरी को बंद कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को निर्देशित किया गया है।