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सहारनपुर: कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच को तीन सदस्यीय समिति गठित
Sat, 18 Feb 2023 06:15 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 18 Feb 2023 06:15 PM IST
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गर निगम में बैठक करते निगम कर्मचारी
सहारनपुर। नगर निगम में 109 सफाई कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव के पत्र के बाद नगर निगम के अधिकारी कार्रवाई में जुट गए हैं, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए निगम के अधिकारी किसी जल्दबाजी में नहीं हैं। इसी लिए नगर आयुक्त गजल भारद्वाज ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है, जो नियुक्तियों की जांच कर एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपेगी।
नगर निगम में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी तैनात हैं, जिनके माता या पिता ने त्यागपत्र देकर अपने बेटा या बेटी या फिर पत्नी को नौकरी पर लगवाया हुआ है। संयुक्त सचिव कल्याण बनर्जी ने दो दिन पहले ही नगर आयुक्त गजल भारद्वाज को पत्र लिखकर ऐसी नियुक्तियों को निरस्त करने और नियुक्ति देने वाले प्राधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा है। चूंकि मामला केवल कर्मचारियों की नौकरी ही नहीं, बल्कि उनकी और उनके परिवारों की जिंदगी से जुड़ा है। ऐसे में नगर आयुक्त ऐसी नियुक्तियों की जांच करा लेना चाहती हैं, जिसके लिए समिति बनाई गई है।
तीन सदस्यीय समिति में अपर नगर आयुक्त राजेश यादव, अपर नगर आयुक्त एसके तिवारी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी/सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम शामिल हैं। समिति के एक सदस्य ने बताया कि वह संभवत: सात से आठ दिन में अपनी रिपोर्ट नगर आयुक्त को प्रस्तुत कर देंगे।
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मानवीय पहलू को ध्यान में रखें अधिकारी
नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा चिट्ठी लिखने के बाद से संबंधित कर्मचारियों में खलबली है। संबंधित कुछ कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त से मिलकर अपनी बात रखी थी। शुक्रवार को भी नगर निगम परिसर स्थित पार्क में उक्त कर्मचारियों ने बैठक की। कर्मचारी नेता सोनी आजाद ने कहा कि कर्मचारी अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से अधिकारियों के सामने रख रहे हैं। उन्होंने निगम अधिकारियों से अनुरोध किया है कि कोई भी कार्रवाई करने से पहले वह संबंधित कर्मचारियों के प्रति मानवीय पहलू को जरूर ध्यान में रखें। क्योंकि ज्यादातर कर्मचारी सेवानिवृत्ति के आसपास हैं और 25 से 30 साल से निगम की सेवा में लगे हैं। यदि उनकी नौकरी जाती है तो उनके साथ ही उनसे जुड़े परिजन भुखमरी की कगार पर आ जाएंगे।
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नगर निगम में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी तैनात हैं, जिनके माता या पिता ने त्यागपत्र देकर अपने बेटा या बेटी या फिर पत्नी को नौकरी पर लगवाया हुआ है। संयुक्त सचिव कल्याण बनर्जी ने दो दिन पहले ही नगर आयुक्त गजल भारद्वाज को पत्र लिखकर ऐसी नियुक्तियों को निरस्त करने और नियुक्ति देने वाले प्राधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा है। चूंकि मामला केवल कर्मचारियों की नौकरी ही नहीं, बल्कि उनकी और उनके परिवारों की जिंदगी से जुड़ा है। ऐसे में नगर आयुक्त ऐसी नियुक्तियों की जांच करा लेना चाहती हैं, जिसके लिए समिति बनाई गई है।
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तीन सदस्यीय समिति में अपर नगर आयुक्त राजेश यादव, अपर नगर आयुक्त एसके तिवारी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी/सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम शामिल हैं। समिति के एक सदस्य ने बताया कि वह संभवत: सात से आठ दिन में अपनी रिपोर्ट नगर आयुक्त को प्रस्तुत कर देंगे।
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मानवीय पहलू को ध्यान में रखें अधिकारी
नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा चिट्ठी लिखने के बाद से संबंधित कर्मचारियों में खलबली है। संबंधित कुछ कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त से मिलकर अपनी बात रखी थी। शुक्रवार को भी नगर निगम परिसर स्थित पार्क में उक्त कर्मचारियों ने बैठक की। कर्मचारी नेता सोनी आजाद ने कहा कि कर्मचारी अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से अधिकारियों के सामने रख रहे हैं। उन्होंने निगम अधिकारियों से अनुरोध किया है कि कोई भी कार्रवाई करने से पहले वह संबंधित कर्मचारियों के प्रति मानवीय पहलू को जरूर ध्यान में रखें। क्योंकि ज्यादातर कर्मचारी सेवानिवृत्ति के आसपास हैं और 25 से 30 साल से निगम की सेवा में लगे हैं। यदि उनकी नौकरी जाती है तो उनके साथ ही उनसे जुड़े परिजन भुखमरी की कगार पर आ जाएंगे।