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सहारनपुर में बुखार से तीन की मौत, हड़कंप
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Three deaths due to fatal fever
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जानलेवा बुखार से तीन मौत होने पर हड़कंप
सहारनपुर। जिले में बुखार से तीन मौत पर हड़कंप मचा हुआ है। देवबंद, लखनौती और सरसावा में बुखार से ग्रामीण बुखार से जूझ रहे थे। इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई।
देवबंद में स्क्रब टाइफस बुखार से पीड़ित धर्मपुर सरावगी गांव के एक युवक की देहरादून में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
धर्मपुर सरावगी निवासी गौरव पिछले काफी दिनों से बुखार की चपेट में आया हुआ था। पिता मांगेराम के मुताबिक गौरव करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। जिसका उन्होंने उत्तराखंड के रुड़की, नागल, देवबंद और तलहेड़ी में उपचार कराया। लेकिन उसे आराम नहीं हुआ। दो दिन पूर्व उसे देहरादून स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, लेकिन सोमवार की शाम उसकी मौत हो गई। मांगेराम ने बताया कि चिकित्सकों ने जांच उपरांत बताया कि गौरव स्क्रब टाइफस नामक बुखार से पीड़ित है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर इंद्राज सिंह ने बताया कि यह संक्रमण अधिकतर संक्रमित पशुओं से होता है।
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लखनौती के गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी एक युवक की बुखार के कारण मौत हो गई। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
गांव बुड्ढाखेड़ा में पिछले काफी दिनों से बुखार समेत अन्य बीमारियों ने लोगों को घेर रखा है। पांच दिन पूर्व गांव निवासी सुशील उर्फ सील (35) को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया था। कई चिकित्सकों को दिखाने के बाद भी उसकी हालत बिगड़ती चली गई। जब उसे आराम नहीं मिला तो परिजनों ने उसे मुलाना स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार शाम उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गांव लाकर मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक के तीन छोटी-छोटी बच्चियां हैं। जवान मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। सीएचसी प्रभारी रोहित वालिया का कहना है कि गांव में टीम भेजकर मरीजों की जांच व दवा वितरण कराया जाएगा।
सरसावा के ग्राम अगवानहेड़ा में बुखार से एक मौत हो गई, जबकि बुखार से पीड़ितों की संख्या में दर्जनों में है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में कैंप लगाकर मरीजों की देखभाल करने की मांग की है।
सोमवार को गांव अगवानहेड़ा के निवासी हमीद (80 वर्षीय) की मौत हो गई। ग्रामीण याकूब, कय्यूम, शहजाद, नौशाद ने बताया कि गांव में गंदे पानी की निकासी का नाला गंदगी से अटा है, जिस कारण गलियों में गंदगी रहती है। मच्छर पैदा होकर गांव में बीमारियां फैला रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पांच दिन पूर्व भी गांव के लियाकत की बुखार के कारण मौत हो गई थी जबकि सोमवार एक ओर बुजुर्ग की मौत हो गई। ग्रामीण अंकित शर्मा, दलीप सिंह, तेजपाल, महीपाल, रागिब ने बताया कि गांव में अब भी बुखार से पीड़ित कई मरीज समुचित ईलाज की बाट जोह रहे हैं। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा के अधीक्षक डाक्टर राजेश ने बताया कि वृद्ध की मौत का कारण सांस की बीमारी था।
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सहारनपुर। जिले में बुखार से तीन मौत पर हड़कंप मचा हुआ है। देवबंद, लखनौती और सरसावा में बुखार से ग्रामीण बुखार से जूझ रहे थे। इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई।
देवबंद में स्क्रब टाइफस बुखार से पीड़ित धर्मपुर सरावगी गांव के एक युवक की देहरादून में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
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धर्मपुर सरावगी निवासी गौरव पिछले काफी दिनों से बुखार की चपेट में आया हुआ था। पिता मांगेराम के मुताबिक गौरव करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। जिसका उन्होंने उत्तराखंड के रुड़की, नागल, देवबंद और तलहेड़ी में उपचार कराया। लेकिन उसे आराम नहीं हुआ। दो दिन पूर्व उसे देहरादून स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, लेकिन सोमवार की शाम उसकी मौत हो गई। मांगेराम ने बताया कि चिकित्सकों ने जांच उपरांत बताया कि गौरव स्क्रब टाइफस नामक बुखार से पीड़ित है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर इंद्राज सिंह ने बताया कि यह संक्रमण अधिकतर संक्रमित पशुओं से होता है।
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लखनौती के गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी एक युवक की बुखार के कारण मौत हो गई। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
गांव बुड्ढाखेड़ा में पिछले काफी दिनों से बुखार समेत अन्य बीमारियों ने लोगों को घेर रखा है। पांच दिन पूर्व गांव निवासी सुशील उर्फ सील (35) को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया था। कई चिकित्सकों को दिखाने के बाद भी उसकी हालत बिगड़ती चली गई। जब उसे आराम नहीं मिला तो परिजनों ने उसे मुलाना स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार शाम उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गांव लाकर मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक के तीन छोटी-छोटी बच्चियां हैं। जवान मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। सीएचसी प्रभारी रोहित वालिया का कहना है कि गांव में टीम भेजकर मरीजों की जांच व दवा वितरण कराया जाएगा।
सरसावा के ग्राम अगवानहेड़ा में बुखार से एक मौत हो गई, जबकि बुखार से पीड़ितों की संख्या में दर्जनों में है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में कैंप लगाकर मरीजों की देखभाल करने की मांग की है।
सोमवार को गांव अगवानहेड़ा के निवासी हमीद (80 वर्षीय) की मौत हो गई। ग्रामीण याकूब, कय्यूम, शहजाद, नौशाद ने बताया कि गांव में गंदे पानी की निकासी का नाला गंदगी से अटा है, जिस कारण गलियों में गंदगी रहती है। मच्छर पैदा होकर गांव में बीमारियां फैला रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पांच दिन पूर्व भी गांव के लियाकत की बुखार के कारण मौत हो गई थी जबकि सोमवार एक ओर बुजुर्ग की मौत हो गई। ग्रामीण अंकित शर्मा, दलीप सिंह, तेजपाल, महीपाल, रागिब ने बताया कि गांव में अब भी बुखार से पीड़ित कई मरीज समुचित ईलाज की बाट जोह रहे हैं। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा के अधीक्षक डाक्टर राजेश ने बताया कि वृद्ध की मौत का कारण सांस की बीमारी था।