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धूमधाम से म्हाड़ी पर पहुंची छड़ियां, गूंजे जयकारे

Thu, 16 Sep 2021 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 11:33 PM IST
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The sticks reached Mhadi with pomp, cheers echoed
शारदा नगर पुल से छड़ियो की शोभायात्रा लेकर म्हाड़ी जाते भक्त - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। ढोल और बैंडबाजों के साथ छड़ियां श्री जाहरवीर गोगा की म्हाड़ी पर पहुंचीं। कुछ भक्तों ने थोड़ी दूरी तक छड़ियों की शोभायात्रा निकाली। इसके बाद वाहनों के जरिए छड़ियों को ले जाया गया। बाबा जाहरवीर के जयकारों से वातावरण भक्ति मय हो गया। गंगोह मार्ग पर खूब भंडारे आयोजित हुए। वहीं, श्रद्धालुुओं के प्रसाद व निशान चढ़ाने पर रोक रही। म्हाड़ी के द्वार बंद रहे और पुलिस तैनात रही।
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बृहस्पतिवार को शुक्ल पक्ष की दशमी पर महानगर में विभिन्न स्थानों से 26 छड़ियों के साथ ढोल की थाप पर नाचते-गाते हुए भक्त गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा की म्हाड़ी पर छड़ियां लेकर पहुंचे। मोहल्ला गणपत सराय से नेजा और सरदार छड़ी म्हाड़ी पर गई। देर रात तक छड़ियों के म्हाड़ी पर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भक्तों ने कुछ दूरी तक छड़ियों की शोभायात्रा भी निकाली। वहीं, नेजे और सरदार सहित सभी 26 छड़ियों के स्थानों पर भक्तों ने पूजा अर्चना कर भोग व दूध की धार लगाई। इस दौरान भक्त विनोद प्रकाश, गुलशन सागर, अनिल प्रताप सिंह, ओम प्रकाश, बृजपाल, मित्ता, सोनू, विक्रम सोगर, शैंकी सागर, सत्यम सागर, रवि उपाध्याय सहित अनेक भक्त मौजूद रहे।
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सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
म्हाड़ी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। श्रद्धालुओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रशासन की ओर से बनाई सूची में नाम देखने के बाद ही छड़ियों और भक्तों को म्हाड़ी स्थल पर जाने दिया।
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म्हाड़ी के द्वार पर मत्था टेक कर लौटे श्रद्धालु
कोरोना संक्रमण की वजह से म्हाड़ी मेले श्रद्धालुओं के जाने पर रोक रही, लेकिन इसके बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते रहे, जो म्हाड़ी के द्वार पर मत्था टेककर लौट गए।

कभी लगती थी छड़ियों सहित दौड़
वर्ष 2000 तक छड़ियों सहित दौड़ लगती थी। छड़ियां अंबाला रोड स्थित श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर पर एकत्र होती थी। यहां पर पूजन करके छड़ियां जब गंगोह मार्ग पर पूर्वी यमुना नहर की पुलिया पर पहुंचती थीं तो, म्हाड़ी तक दौड़ लगती थी। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छड़ी और निशानियों को प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाता था। दौड़ की वजह से श्रद्धालु चोटिल हो जाते थे। इसी के मद्देनजर दौड़ पर रोक लगा दी गई थी।

गंगोह रोड स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर नंगे पैर निशान लेकर आता बालक

गंगोह रोड स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर नंगे पैर निशान लेकर आता बालक- फोटो : SAHARANPUR

गंगोह रोड़ स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर बल्ली पर चढ़ाया गया निशान

गंगोह रोड़ स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर बल्ली पर चढ़ाया गया निशान- फोटो : SAHARANPUR

गंगोह रोड गोग्घा म्हाड़ी पर निशान चढ़ाने जा रहे श्रद्धालुओं को लौटाती पुलिस।

गंगोह रोड गोग्घा म्हाड़ी पर निशान चढ़ाने जा रहे श्रद्धालुओं को लौटाती पुलिस। - फोटो : SAHARANPUR

गंगोह रोड़ स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर बल्ली से बंद की गयी म्हाड़ी

गंगोह रोड़ स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर बल्ली से बंद की गयी म्हाड़ी- फोटो : SAHARANPUR

गंगोह रोड़ स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर बाहर से दर्शन करते श्रद्घालु

गंगोह रोड़ स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर बाहर से दर्शन करते श्रद्घालु- फोटो : SAHARANPUR

गंगोह रोड स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर अपनी मन्नत पुरी होने बच्चे को गेट के बाहर से सड़क पर माथा टिकवा?

गंगोह रोड स्थित गोग्घा म्हाड़ी पर अपनी मन्नत पुरी होने बच्चे को गेट के बाहर से सड़क पर माथा टिकवा?- फोटो : SAHARANPUR

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