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Saharanpur News: 48 साल की अवधि में 1996 में टूटा था प्रत्याशियों का रिकॉर्ड
Sat, 17 Feb 2024 02:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 17 Feb 2024 02:26 AM IST
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सहारनपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। राजनीतिक दलों की तरफ से मैदान में उतरने के लिए दावेदारों की लंबी कतार है तो वहीं निर्दलीय भी पीछे नहीं हैं, लेकिन पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 1996 के चुनाव में सहारनपुर लोकसभा सीट पर प्रत्याशियों का रिकॉर्ड टूटा था।
1971 से 2019 तक के 48 साल के इतिहास में यह चुनाव ऐसा था जब पांच, 10 या 15 नहीं, बल्कि 57 प्रत्याशी चुनावी दंगल में उतरे थे। इसमें नौ प्रत्याशी राजनीति दलों के थे तो 48 प्रत्याशी निर्दलीय थे। इस चुनाव में भाजपा से लेकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा की साख दांव पर लगी थी। हालांकि भाजपा की तरफ से मैदान में उतरे नकली सिंह ने 235811 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। दूसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी की तरफ से रशीद मसूद रहे थे। कुल मतदान 709458 हुआ था। वोट प्रतिशत की बात करें तो 48 साल में ऐसा दूसरी बार हुआ था जब इतना कम वोट प्रतिशत रहा था। वर्ष 1971 में 46.36 प्रतिशत और 1996 में 59.17 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि इस अवधि में सबसे अधिक मतदान 2014 में 74.24 प्रतिशत हुआ था। इसमें भाजपा के राघव लखनपाल ने जीत हासिल की थी।
21 प्रत्याशी नहीं छू सके थे 200 का भी आंकड़ा
1996 में हुए चुनाव में न केवल प्रत्याशियों की संख्या रिकॉर्डतोड़ थी, बल्कि एक और रिकॉर्ड टूटा था। इस साल पहली बार ऐसा हुआ था कि 21 प्रत्याशी 200 वोट का आंकड़ा भी नहीं छू सके थे। सबसे कम 52 वोट निर्दलीय प्रत्याशी को मिले थे, जबकि जनता पार्टी के प्रत्याशी भी मात्र 82 वोट पर सिमट गए थे।
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केवल एक महिला प्रत्याशी थी मैदान में
1997 के चुनाव में कुल प्रत्याशियों की संख्या 57 थी, जिसमें मात्र एक महिला प्रत्याशी थीं। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और 497 वोट मिले थे। जातिगत संख्या देखें तो इसमें मुस्लिम प्रत्याशियों की संख्या 18 थी।
कब-कब कितने प्रत्याशी रहे मैदान में
साल प्रत्याशी
1971 4
1977 7
1980 20
1984 15
1989 9
1991 17
1996 57
1998 13
1999 12
2004 14
2009 15
2014 15
2019 12
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1971 से 2019 तक के 48 साल के इतिहास में यह चुनाव ऐसा था जब पांच, 10 या 15 नहीं, बल्कि 57 प्रत्याशी चुनावी दंगल में उतरे थे। इसमें नौ प्रत्याशी राजनीति दलों के थे तो 48 प्रत्याशी निर्दलीय थे। इस चुनाव में भाजपा से लेकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा की साख दांव पर लगी थी। हालांकि भाजपा की तरफ से मैदान में उतरे नकली सिंह ने 235811 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। दूसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी की तरफ से रशीद मसूद रहे थे। कुल मतदान 709458 हुआ था। वोट प्रतिशत की बात करें तो 48 साल में ऐसा दूसरी बार हुआ था जब इतना कम वोट प्रतिशत रहा था। वर्ष 1971 में 46.36 प्रतिशत और 1996 में 59.17 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि इस अवधि में सबसे अधिक मतदान 2014 में 74.24 प्रतिशत हुआ था। इसमें भाजपा के राघव लखनपाल ने जीत हासिल की थी।
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21 प्रत्याशी नहीं छू सके थे 200 का भी आंकड़ा
1996 में हुए चुनाव में न केवल प्रत्याशियों की संख्या रिकॉर्डतोड़ थी, बल्कि एक और रिकॉर्ड टूटा था। इस साल पहली बार ऐसा हुआ था कि 21 प्रत्याशी 200 वोट का आंकड़ा भी नहीं छू सके थे। सबसे कम 52 वोट निर्दलीय प्रत्याशी को मिले थे, जबकि जनता पार्टी के प्रत्याशी भी मात्र 82 वोट पर सिमट गए थे।
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केवल एक महिला प्रत्याशी थी मैदान में
1997 के चुनाव में कुल प्रत्याशियों की संख्या 57 थी, जिसमें मात्र एक महिला प्रत्याशी थीं। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और 497 वोट मिले थे। जातिगत संख्या देखें तो इसमें मुस्लिम प्रत्याशियों की संख्या 18 थी।
कब-कब कितने प्रत्याशी रहे मैदान में
साल प्रत्याशी
1971 4
1977 7
1980 20
1984 15
1989 9
1991 17
1996 57
1998 13
1999 12
2004 14
2009 15
2014 15
2019 12