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Saharanpur News: मोहंड में फिर दरका पहाड़, पुराने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर आया मलबा
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- पिछले 25 दिन से बंद पड़ा है सड़क मार्ग
- लोनिवि ने बृहस्पतिवार को ही खोला था रास्ता, रात में फिर आया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
छुटमलपुर(सहारनपुर)। पुराने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बृहस्पतिवार रात फिर से पहाड़ दरकने से भारी मलबा सड़क पर आ गया। इससे एक बार फिर से सड़क मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। पिछले 26 दिन से यह रास्ता बंद पड़ा है। रास्ता बंद होने से मोहंड और सोढ़ीनगर की आबादी को देहरादून जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
बता दें, कि तीस अगस्त को भारी बारिश के बीच पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरककर दिल्ली-देहरादून सड़क मार्ग पर आ गया था। इसमें बड़ी संख्या में भारी भरकम पेड़ भी आ गए थे। 25 दिन की मशक्कत के बाद लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने चार जेसीबी मशीनों और आधा दर्जन डंपरों तथा ट्रैक्टर ट्रॉलियों की मदद से बृहस्पतिवार सुबह रास्ता बहाल कर दिया था, लेकिन रात में फिर शिवालिक पहाड़ियों में हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद उसी स्थान पर मलबा नीचे आ गया।
वन विभाग की मोहंड रेंज के वन क्षेत्राधिकारी लव सिंह का कहना है कि शिवालिक क्षेत्र में मिट्टी के कच्चे पहाड़ हैं। ऐसे में यहां से लगातार मिट्टी सड़क पर आ रही है। पहले भी कर्मचारी जितने मलबे को हटाते थे उससे ज्यादा ऊपर से पहाड़ दरकने से फिर नीचे आ जाता था। अब फिर से रात मलबा आने से एक बार फिर से रास्ता बंद हो गया है। इससे गश्त भी प्रभावित हो रही है।
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मोहंड निवासी पूर्व प्रधान गुलसनव्वर, अलाउद्दीन, बुरहान अहमद, मोहम्मद गुलफाम, इरशाद अहमद, शमशाद, ओमप्रकाश, मुकेश कुमार ने बताया कि दो जगह आगे भी पहाड़ से मलबा आया हुआ है हालांकि वहां से निकलने का रास्ता है। उनका कहना है कि दोनों गांवों से लोग रोज मजदूरी, पढ़ने और अन्य कामों से देहरादून जाते हैं। रास्ता बंद होने से उन्हें वाया गणेशपुर होकर जाने में 14 किमी अतिरिक्त चलना पड़ रहा है।
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लोनिवि द्वारा हाल ही में मलबा हटा कर रास्ता खुलवाया गया था। पहाड़ से मलबा आने पर फिर से रास्ता बंद होने की जानकारी मिली है। अब दोबारा टीम भेज कर रास्ता बहाल कराने का काम किया जाएगा।
धर्मेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
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- लोनिवि ने बृहस्पतिवार को ही खोला था रास्ता, रात में फिर आया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
छुटमलपुर(सहारनपुर)। पुराने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बृहस्पतिवार रात फिर से पहाड़ दरकने से भारी मलबा सड़क पर आ गया। इससे एक बार फिर से सड़क मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। पिछले 26 दिन से यह रास्ता बंद पड़ा है। रास्ता बंद होने से मोहंड और सोढ़ीनगर की आबादी को देहरादून जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
बता दें, कि तीस अगस्त को भारी बारिश के बीच पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरककर दिल्ली-देहरादून सड़क मार्ग पर आ गया था। इसमें बड़ी संख्या में भारी भरकम पेड़ भी आ गए थे। 25 दिन की मशक्कत के बाद लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने चार जेसीबी मशीनों और आधा दर्जन डंपरों तथा ट्रैक्टर ट्रॉलियों की मदद से बृहस्पतिवार सुबह रास्ता बहाल कर दिया था, लेकिन रात में फिर शिवालिक पहाड़ियों में हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद उसी स्थान पर मलबा नीचे आ गया।
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वन विभाग की मोहंड रेंज के वन क्षेत्राधिकारी लव सिंह का कहना है कि शिवालिक क्षेत्र में मिट्टी के कच्चे पहाड़ हैं। ऐसे में यहां से लगातार मिट्टी सड़क पर आ रही है। पहले भी कर्मचारी जितने मलबे को हटाते थे उससे ज्यादा ऊपर से पहाड़ दरकने से फिर नीचे आ जाता था। अब फिर से रात मलबा आने से एक बार फिर से रास्ता बंद हो गया है। इससे गश्त भी प्रभावित हो रही है।
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मोहंड निवासी पूर्व प्रधान गुलसनव्वर, अलाउद्दीन, बुरहान अहमद, मोहम्मद गुलफाम, इरशाद अहमद, शमशाद, ओमप्रकाश, मुकेश कुमार ने बताया कि दो जगह आगे भी पहाड़ से मलबा आया हुआ है हालांकि वहां से निकलने का रास्ता है। उनका कहना है कि दोनों गांवों से लोग रोज मजदूरी, पढ़ने और अन्य कामों से देहरादून जाते हैं। रास्ता बंद होने से उन्हें वाया गणेशपुर होकर जाने में 14 किमी अतिरिक्त चलना पड़ रहा है।
लोनिवि द्वारा हाल ही में मलबा हटा कर रास्ता खुलवाया गया था। पहाड़ से मलबा आने पर फिर से रास्ता बंद होने की जानकारी मिली है। अब दोबारा टीम भेज कर रास्ता बहाल कराने का काम किया जाएगा।
धर्मेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग