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पुलिस प्रशासन को पास करनी होगी चुनावी परीक्षा
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 01 Oct 2015 12:44 AM IST
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जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा और पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव के सामने पुलिस प्रशासन की चुनावी परीक्षा होगी। इस इम्तिहान में यह आंका जाएगा कि गहन अति संवेदनशील, अति संवेदनशील और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए चुनाव संपन्न कराने में सक्षम है या नहीं।
इसके साथ ही यह भी समीक्षा होगी कि चुनाव के दौरान सियासी दलों के टकराव, आपसी रंजिश के मामलों से कानून व्यवस्था की चुनौती से लेकर मतदान के दौरान किसी भी क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव या बवाल होने की स्थिति में पुलिस टीमें कितनी अलर्ट रह पाएंगी और ऐसे मामलों में निपटने की रणनीति क्या बनाई गई है। इसी इम्तिहान से पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरपी यादव, नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह यादव से लेकर अन्य तमाम अधिकारी देर रात तक अपने अपने होमवर्क में जुटे रहे।
एसएसपी आरपी यादव ने देर रात तक पुलिस लाइन स्थित यातायात विभाग कार्यालय में बैठकर पहले चरण के मतदान केंद्र, उनके मतदेय स्थलों से लेकर उनकी संवेदनशीलता के स्तर पर समीक्षा की। इसमें संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस फोर्स तैनात करने की प्लानिंग से लेकर वीडियोग्राफी की जरूरत तक के बारे में मंथन किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव में हुई घटनाओं के बारे में भी नए कप्तान ने फीडबैक लेकर उससे करीब दस से बीस फीसदी अधिक संवेदनशीलता मानते हुए रणनीति बनाने पर जोर दिया।
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90 मतदान केंद्रों पर होगा पुलिस का कड़ा इम्तिहान
- पंचायत चुनाव में सियासी स्तर के टकराव से लेकर सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने जैसी स्थिति को आंकते हुए पहले चरण में पुलिस प्रशासन के लिए 90 मतदान केंद्रों पर चुनाव बड़ा इम्तिहान होगा। दरअसल, पहले चरण में 358 मतदान केंद्रों के 858 मतदेय स्थलों पर नौ अक्टूबर को चुनाव किया जाना है। पुलिस प्रशासन की ओर से इनमें से 35 मतदान केंद्रों को गहन अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। यहां वीडियोग्राफी से भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा 30 मतदान केंद्र अति संवेदनशील और 25 मतदान केंद्र संवेदनशील होंगे। कुल 95 मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स और अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था करनी होगी।
सीमा से सटे राज्यों पर भी रहेगी सतर्कता
सहारनपुर की सीमा से सटे हरियाणा और उत्तराखंड राज्यों से शराब, अवैध हथियार या फिर चुनाव के लिए गुपचुप तरीके से अन्य सामान की तस्करी के मामलों में भी अधिक सतर्कता बरती जाएगी। इसके लिए एसएसपी ने बुधवार को ही दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात को आंका। बता दें कि हरियाणा के यमुनानगर, अंबाला से लेकर अन्य जिलों से बड़े स्तर पर जिले में अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा सियासी लाभ के लिए उम्मीदवार या समर्थकों को अप्रत्यक्ष रूप से अगवा कर पड़ोसी राज्यों में ले जाने के मामलों पर भी निगरानी रखी जाएगी। मतदान के दिन सीमाएं भी सील रहेंगी।
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इसके साथ ही यह भी समीक्षा होगी कि चुनाव के दौरान सियासी दलों के टकराव, आपसी रंजिश के मामलों से कानून व्यवस्था की चुनौती से लेकर मतदान के दौरान किसी भी क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव या बवाल होने की स्थिति में पुलिस टीमें कितनी अलर्ट रह पाएंगी और ऐसे मामलों में निपटने की रणनीति क्या बनाई गई है। इसी इम्तिहान से पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरपी यादव, नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह यादव से लेकर अन्य तमाम अधिकारी देर रात तक अपने अपने होमवर्क में जुटे रहे।
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एसएसपी आरपी यादव ने देर रात तक पुलिस लाइन स्थित यातायात विभाग कार्यालय में बैठकर पहले चरण के मतदान केंद्र, उनके मतदेय स्थलों से लेकर उनकी संवेदनशीलता के स्तर पर समीक्षा की। इसमें संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस फोर्स तैनात करने की प्लानिंग से लेकर वीडियोग्राफी की जरूरत तक के बारे में मंथन किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव में हुई घटनाओं के बारे में भी नए कप्तान ने फीडबैक लेकर उससे करीब दस से बीस फीसदी अधिक संवेदनशीलता मानते हुए रणनीति बनाने पर जोर दिया।
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90 मतदान केंद्रों पर होगा पुलिस का कड़ा इम्तिहान
- पंचायत चुनाव में सियासी स्तर के टकराव से लेकर सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने जैसी स्थिति को आंकते हुए पहले चरण में पुलिस प्रशासन के लिए 90 मतदान केंद्रों पर चुनाव बड़ा इम्तिहान होगा। दरअसल, पहले चरण में 358 मतदान केंद्रों के 858 मतदेय स्थलों पर नौ अक्टूबर को चुनाव किया जाना है। पुलिस प्रशासन की ओर से इनमें से 35 मतदान केंद्रों को गहन अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। यहां वीडियोग्राफी से भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा 30 मतदान केंद्र अति संवेदनशील और 25 मतदान केंद्र संवेदनशील होंगे। कुल 95 मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स और अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था करनी होगी।
सीमा से सटे राज्यों पर भी रहेगी सतर्कता
सहारनपुर की सीमा से सटे हरियाणा और उत्तराखंड राज्यों से शराब, अवैध हथियार या फिर चुनाव के लिए गुपचुप तरीके से अन्य सामान की तस्करी के मामलों में भी अधिक सतर्कता बरती जाएगी। इसके लिए एसएसपी ने बुधवार को ही दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात को आंका। बता दें कि हरियाणा के यमुनानगर, अंबाला से लेकर अन्य जिलों से बड़े स्तर पर जिले में अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है। इसके अलावा सियासी लाभ के लिए उम्मीदवार या समर्थकों को अप्रत्यक्ष रूप से अगवा कर पड़ोसी राज्यों में ले जाने के मामलों पर भी निगरानी रखी जाएगी। मतदान के दिन सीमाएं भी सील रहेंगी।