सहारनपुर। कोरोना संक्रमण से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को जिला महिला अस्पताल स्थित पी-आईसीयू में मॉकड्रिल हुई। मरीज को एंबुलेंस से उतारकर तीसरी मंजिल पर बने पी-आईसीयू तक ले जाने और इलाज देने में सात मिनट का समय लगा।
मॉकड्रिल के लिए रवि नाम के युवक को मरीज बनाया गया था। रवि को 108 एंबुलेंस के जरिए जिला महिला अस्पताल के गेट पर ले जाया गया। यहां पहले से स्वास्थ्यकर्मी स्ट्रेचर लिए हुए मरीज के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। मरीज को एंबुलेंस से उतारकर स्ट्रेचर पर लिटाकर स्वास्थ्यकर्मी दौड़ते हुए रैंप के जरिए तीसरी मंजिल पर बने पी-आईसीयू पहुंचे। यहां सबसे पहले डॉक्टरों ने मरीज की सामान्य जांच, जैसे ऑक्सीजन का स्तर, बुखार, ब्लड प्रेशर आदि की जांच की। इसके बाद मरीज को बेड पर ले जाया गया। यहां मौजूद अपर निदेशक डॉ. ब्रिजेश राठौर, जिला महिला अस्पताल के सीएमएस आरपी सिंह सुमन और पी-आईसीयू के नोडल डॉ. प्रवीण कुमार की मौजूदगी में मरीज को ऑक्सीजन दी गई। मरीज को एंबुलेंस से उतारकर बेड पर लिटाकर इलाज देने में सात मिनट का समय लगा। अपर निदेशक ने स्वास्थ्यकर्मियों से अन्य उपकरण भी चलवाकर देखे। डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि पूर्व में हुई मॉकड्रिल की तुलना में सोमवार की मॉकड्रिल अच्छी रही, जिसका रेस्पांस समय सात मिनट रहा, जो बहुत अच्छा है। उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका मकसद चिकित्सकों और कर्मियों को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रखना है।

जिला महिला अस्पताल में मॉकड्रिल करते चिकित्सक- फोटो : SAHARANPUR