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ब्रहमलीन बाबा बंसी वाले की विरासत को लेकर चल रहे विवाद पर लगा विराम
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बाबा बंसी वाले की विरासत को लेकर चल रहे विवाद पर लगा विराम
सरसावा (सहारनपुर)। ब्रह्मलीन बाबा बंसी वाले की विरासत को लेकर गांव सोराना में चल रहे विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है। प्रबुद्ध लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई और दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर दर्ज कराए मुकदमों को भी वापस लेने के लिए शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
प्रसिद्ध संत बाबा बंसी वाले के ब्रह्मलीन होने के बाद से ही कुछ अनुयायियों में बाबा जी के अस्थि विसर्जन को लेकर चल रहा विवाद एक माह बाद थम गया है। बता दें कि प्रसिद्ध संत बाबा बंसी वाले बीते माह सात जुलाई को ब्रह्मलीन हो गए थे। आठ जुलाई को यमुना नदी के घाट पर बाबा के निकटस्थ रविंद्र शर्मा तथा विनय चौधरी ने संयुक्त रूप से बाबाजी का अंतिम संस्कार तथा अन्य क्रियाएं की, लेकिन नौ जुलाई को बाबाजी की अस्थियां एकत्र करने को लेकर विवाद हो गया था। रविंद्र शर्मा पक्ष ने बाबा जी की अस्थियां एकत्र कर गांव सोराना में बाबा बंसी वाले के ब्रह्मलीन गुरु कुटी वाले बाबा की समाधि के बगल में ही बाबा बंसी वाले की अस्थियों को धरती की गोद में समाहित कर समाधि का निर्माण करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी थी।
वहीं बाबा बंसी वाले के सेवक तथा संयुक्त रूप से उनका अंतिम संस्कार करने वाले विनय चौधरी ने अन्नपूर्णा आश्रम हरिद्वार के ट्रस्टियों के साथ अंतिम संस्कार स्थल पर बाबाजी के शरीर की राख को 21 ताम्र कलश में भरकर हरिद्वार ले जाकर गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया था, लेकिन 14 जुलाई को बाबा जी की शोकसभा को लेकर गांव के हनुमान मंदिर में आयोजित बैठक में दोनों पक्षों में गर्मागर्मी हो गई थी जो बढ़कर मारपीट के बाद हिंसक संघर्ष तक जा पहुंची थी और दोनों पक्षों के 12 लोग घायल भी हो गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमे भी पंजीकृत कराए थे। तभी से ही कुछ प्रबुद्ध लोग दोनों पक्षों में समझौता कराने के प्रयास में लगे थे जो सोमवार को फलीभूत हो गया तथा प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में रविंद्र शर्मा तथा विनय चौधरी पक्ष के बीच तय हो गया कि भविष्य में कोई भी पक्ष बाबा जी के नाम को लेकर अशिष्ट भाषा का प्रयोग नहीं करेगा। साथ ही दोनों पक्ष एक दूसरे पर थोपे गए मुकदमे भी वापस लेंगे। प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए।
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इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी नकुड़ अरविंद सिंह पुंडीर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है कि दोनों पक्षों में विवाद थम गया है। हालांकि अभी तक उनके पास शपथ पत्र नहीं पहुंचे हैं। पुलिस जांच कार्रवाई में जुटी है। यदि दोनों पक्ष विवाद खत्म करने पर सहमत हो जाते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुकदमा समाप्त करने की कार्रवाई कानूनी पहलुओं को देखने के बाद ही होगी।
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सरसावा (सहारनपुर)। ब्रह्मलीन बाबा बंसी वाले की विरासत को लेकर गांव सोराना में चल रहे विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है। प्रबुद्ध लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई और दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर दर्ज कराए मुकदमों को भी वापस लेने के लिए शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
प्रसिद्ध संत बाबा बंसी वाले के ब्रह्मलीन होने के बाद से ही कुछ अनुयायियों में बाबा जी के अस्थि विसर्जन को लेकर चल रहा विवाद एक माह बाद थम गया है। बता दें कि प्रसिद्ध संत बाबा बंसी वाले बीते माह सात जुलाई को ब्रह्मलीन हो गए थे। आठ जुलाई को यमुना नदी के घाट पर बाबा के निकटस्थ रविंद्र शर्मा तथा विनय चौधरी ने संयुक्त रूप से बाबाजी का अंतिम संस्कार तथा अन्य क्रियाएं की, लेकिन नौ जुलाई को बाबाजी की अस्थियां एकत्र करने को लेकर विवाद हो गया था। रविंद्र शर्मा पक्ष ने बाबा जी की अस्थियां एकत्र कर गांव सोराना में बाबा बंसी वाले के ब्रह्मलीन गुरु कुटी वाले बाबा की समाधि के बगल में ही बाबा बंसी वाले की अस्थियों को धरती की गोद में समाहित कर समाधि का निर्माण करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी थी।
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वहीं बाबा बंसी वाले के सेवक तथा संयुक्त रूप से उनका अंतिम संस्कार करने वाले विनय चौधरी ने अन्नपूर्णा आश्रम हरिद्वार के ट्रस्टियों के साथ अंतिम संस्कार स्थल पर बाबाजी के शरीर की राख को 21 ताम्र कलश में भरकर हरिद्वार ले जाकर गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया था, लेकिन 14 जुलाई को बाबा जी की शोकसभा को लेकर गांव के हनुमान मंदिर में आयोजित बैठक में दोनों पक्षों में गर्मागर्मी हो गई थी जो बढ़कर मारपीट के बाद हिंसक संघर्ष तक जा पहुंची थी और दोनों पक्षों के 12 लोग घायल भी हो गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमे भी पंजीकृत कराए थे। तभी से ही कुछ प्रबुद्ध लोग दोनों पक्षों में समझौता कराने के प्रयास में लगे थे जो सोमवार को फलीभूत हो गया तथा प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में रविंद्र शर्मा तथा विनय चौधरी पक्ष के बीच तय हो गया कि भविष्य में कोई भी पक्ष बाबा जी के नाम को लेकर अशिष्ट भाषा का प्रयोग नहीं करेगा। साथ ही दोनों पक्ष एक दूसरे पर थोपे गए मुकदमे भी वापस लेंगे। प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए।
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इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी नकुड़ अरविंद सिंह पुंडीर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है कि दोनों पक्षों में विवाद थम गया है। हालांकि अभी तक उनके पास शपथ पत्र नहीं पहुंचे हैं। पुलिस जांच कार्रवाई में जुटी है। यदि दोनों पक्ष विवाद खत्म करने पर सहमत हो जाते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुकदमा समाप्त करने की कार्रवाई कानूनी पहलुओं को देखने के बाद ही होगी।