Saharanpur News: मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में समाहित हुए महाविद्यालय की भूमि और भवन
राजकीय महाविद्यालय पुवांरका का मामला, महाविद्यालय की जगह बन गया विश्वविद्यालय परिसर
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सहारनपुर के पुवांरका स्थित राजकीय महाविद्यालय की भूमि और भवनों का विश्वविद्यालय में विलय हो जाने के बाद महाविद्यालय खत्म कर दिया गया है। यहां वर्तमान में स्नातक तृतीय वर्ष के विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिनके अंक पत्र आदि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए जाएंगे।
क्षेत्र में उच्च शिक्षा की जरूरत को देखते हुए शासन ने वर्ष 2000 में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की थी। लेकिन अब मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय पुवांरका में स्थापित होने की वजह से महाविद्यालय की भूमि और भवन विश्वविद्यालय में समाहित हो गए हैं। जिसके बाद वर्ष 2020-21 ने महाविद्यालय में कोई नए दाखिले भी नहीं हुए हैं।
यहां स्नातक तृतीय वर्ष के छात्र अभी भी अध्ययनरत हैं, जिनके पाठ्यक्रम चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ द्वारा संचालित हैं। यानी तीन वर्ष पूरे करने के बाद इनको अंक तालिका और डिग्री आदि सभी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए जाएंगे।
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महानगर से करीब 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस महाविद्यालय ने करीब 22 साल तक क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षित बनाने का कार्य किया है। यहां प्रत्येक वर्ष करीब 650 विद्यार्थी स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिला पाते थे। जिनमें करीब 80 फीसदी छात्राएं रहती थीं।
राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य रहे डॉ. विपिन गिरि ने बताया कि अब राजकीय महाविद्यालय की परिसर विश्वविद्यालय परिसर बन गया है। यहां फिलहाल प्रशासनिक कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यहां का स्टाफ और शिक्षक भी स्थानांतरित होकर अन्य जगहों पर चले गए हैं। यहां कुल दस शिक्षक थे, जिनमें से छह शिक्षक स्थानांतरित हो चुके हैं और अब चार ही शिक्षक कार्यरत हैं।
छह एकड़ भूमि विश्वविद्यालय में गई
महाविद्यालय के पास कुल छह एकड़ भूमि थी, जिसमें भवन, परिसर और मैदान आदि थे। अब उक्त सभी भूमि और भवन विश्वविद्यालय में गए हैं। विश्वविद्यालय ने 43 एकड़ भूमि खरीदी है और छह एकड़ महाविद्यालय की मिली है। इस प्रकार विश्वविद्यालय के पास कुल 49 एकड़ भूमि है।