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नगर निगम ने मवीं खुर्द में प्रदेश का पहला गो अंत्येष्टि स्थल बनाया
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सहारनपुर। मवीं खुर्द स्थित गो अंत्येष्टि स्थल
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर । नगर निगम ने मवीं खुर्द में 2.18 बीघा भूमि पर गो अंत्येष्टि स्थल तैयार किया है। अधिकारियों का दावा है कि यह प्रदेश का पहला गोवंश अंत्येष्टि स्थल है। इसके बाद नगर में मृत गोवंश को दफनाने के लिए लोगों को इधर-उधर नहीं भटकना होगा।
गोवंश को लेकर सरकार भी संवेदनशील है। यही वजह है कि प्रदेश के साथ ही सहारनपुर शहर में भी नगर निगम ने कान्हा उपवन के नाम से गोशाला तैयार की है। मगर अभी तक मृत गोवंश को दफनाने की व्यवस्था पूरे जनपद में नहीं थी। नगर निगम ने इस कमी को दूर करने के लिए अंत्येष्टि स्थल का निर्माण किया। निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव ने बताया अंत्येष्टि स्थल मवीं खुर्द में तालाब के किनारे नगर निगम की भूमि खसरा संख्या 71/4 पर तैयार किया। 2.18 बीघा भूमि पर चहारदीवार बनाई है, इसकी लंबाई 46 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर है। निगम अधिकारियों का दावा है कि प्रदेश के किसी भी नगर निगम में गो अंत्येष्टि स्थल नहीं है।
योजनाबद्ध तरीके से होगी अंत्येष्टि
अंत्येष्टि स्थल परिसर में मृत गोवंश को एक सिरे से दफनाया जाएगा। मृत गोवंश को दफनाने का पूरा चक्र अंत्येष्टि स्थल परिसर में चलेगा। सबसे बाद में आने वाले गोवंश का नंबर उसी स्थल पर आएगा, जहां पहला मृत गोवंश दफनाया था। इतने दिनों में पहले गोवंश का शरीर पूरी तरह नष्ट हो जाएगा।
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प्राइवेट लोगों से लिया जाएगा चार्ज
यदि किसी व्यक्ति के गोवंश की मौत हो जाती है तो उसे केवल नगर निगम को सूचना देनी होगी। आधा से एक घंटे में नगर निगम की टीम वाहन लेकर मौके पर पहुंचा करेगी। नगर निगम मृत गोवंश को उठाने का इतना चार्ज लेगा, जो मृत गोवंश के उठान से लेकर दफनाने तक पर खर्च होगा। उठान के बाद मृत गोवंश को दफनाने की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम की होगी।
जितना महत्वपूर्ण गोवंश को बचाना है, उतना ही जरूरी गोवंश की मृत्यु हो जाने के बाद उसको सम्मान के साथ दफनाना भी है। नगर निगम सहारनपुर प्रदेश का पहला नगर निगम है, जिसने गो अंत्येष्टि स्थल बनाया है। अब मृत गोवंश को दफनाने के लिए लोगों को भटकना नहीं होगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त, सहारनपुर नगर निगम।
गोवंश का पालन-पोषण केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में रहा है। नगर निगम सहारनपुर ने काफी पहले सोच लिया था कि गो अंत्येष्टि स्थल बनाया जाए, जिससे मृत गोवंश को सम्मान के साथ दफनाया जा सके और यह कार्य नगर निगम सहारनपुर ने कर दिखाया है। - संजीव वालिया, महापौर, सहारनपुर नगर निगम।
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गोवंश को लेकर सरकार भी संवेदनशील है। यही वजह है कि प्रदेश के साथ ही सहारनपुर शहर में भी नगर निगम ने कान्हा उपवन के नाम से गोशाला तैयार की है। मगर अभी तक मृत गोवंश को दफनाने की व्यवस्था पूरे जनपद में नहीं थी। नगर निगम ने इस कमी को दूर करने के लिए अंत्येष्टि स्थल का निर्माण किया। निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव ने बताया अंत्येष्टि स्थल मवीं खुर्द में तालाब के किनारे नगर निगम की भूमि खसरा संख्या 71/4 पर तैयार किया। 2.18 बीघा भूमि पर चहारदीवार बनाई है, इसकी लंबाई 46 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर है। निगम अधिकारियों का दावा है कि प्रदेश के किसी भी नगर निगम में गो अंत्येष्टि स्थल नहीं है।
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योजनाबद्ध तरीके से होगी अंत्येष्टि
अंत्येष्टि स्थल परिसर में मृत गोवंश को एक सिरे से दफनाया जाएगा। मृत गोवंश को दफनाने का पूरा चक्र अंत्येष्टि स्थल परिसर में चलेगा। सबसे बाद में आने वाले गोवंश का नंबर उसी स्थल पर आएगा, जहां पहला मृत गोवंश दफनाया था। इतने दिनों में पहले गोवंश का शरीर पूरी तरह नष्ट हो जाएगा।
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प्राइवेट लोगों से लिया जाएगा चार्ज
यदि किसी व्यक्ति के गोवंश की मौत हो जाती है तो उसे केवल नगर निगम को सूचना देनी होगी। आधा से एक घंटे में नगर निगम की टीम वाहन लेकर मौके पर पहुंचा करेगी। नगर निगम मृत गोवंश को उठाने का इतना चार्ज लेगा, जो मृत गोवंश के उठान से लेकर दफनाने तक पर खर्च होगा। उठान के बाद मृत गोवंश को दफनाने की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम की होगी।
जितना महत्वपूर्ण गोवंश को बचाना है, उतना ही जरूरी गोवंश की मृत्यु हो जाने के बाद उसको सम्मान के साथ दफनाना भी है। नगर निगम सहारनपुर प्रदेश का पहला नगर निगम है, जिसने गो अंत्येष्टि स्थल बनाया है। अब मृत गोवंश को दफनाने के लिए लोगों को भटकना नहीं होगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त, सहारनपुर नगर निगम।
गोवंश का पालन-पोषण केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में रहा है। नगर निगम सहारनपुर ने काफी पहले सोच लिया था कि गो अंत्येष्टि स्थल बनाया जाए, जिससे मृत गोवंश को सम्मान के साथ दफनाया जा सके और यह कार्य नगर निगम सहारनपुर ने कर दिखाया है। - संजीव वालिया, महापौर, सहारनपुर नगर निगम।

सहारनपुर। मवीं खुर्द स्थित गो अंत्येष्टि स्थल- फोटो : SAHARANPUR