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Saharanpur News: किसान की हालत गंभीर, एक अधिकारी समेत तीन पर लगाए संगीन आरोप
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सुलतानपुर में पीड़ित किसान के घर गमगीन परिजन। संवाद
- फोटो : संवाद
चिलकाना (सहारनपुर)। जमीन की पैमाइश एवं कब्जे के विरोध में आग से जलकर घायल हुए किसान की हालत गंभीर बनी हुई है। उनका दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। किसान का वीडियो जारी हुआ है, जिसमें प्रशासन के एक अधिकारी समेत तीन लोगों पर संगीन आरोप लगाए। साथ ही किसान ने खुद तेल डालकर आग लगाना भी स्वीकार किया है। उधर, पीड़ित परिवार ने आत्मदाह करने एवं अन्न, जल त्यागने की चेतावनी दी है।
दरअसल, सुल्तानपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास रहने वाले सरदार वेद प्रकाश का जमीन का विवाद करीब 10 साल से जैन मंदिर समिति से चल रहा है। शनिवार को एसडीएम सदर अंकुर वर्मा, जैन समाज के लोगों और पुलिस बल के साथ विवादित जमीन पर जैन पक्ष को कब्जा दिलाने पहुंचे थे। एसडीम के पहुंचते ही सीमेंट के पिलर भी मौके पर पहुंचे। सरदार वेद प्रकाश ने जमीन पर पिलर लगाने से करने से मना किया।
आरोप है कि परिवार के लोगों के आसपास पुलिस तैनात कर दी। उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया गया। घर की दो महिलाओं को पुलिस ने घर से उठाकर थाने भिजवा दिया। वेद प्रकाश ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज पिलखनी में गंभीर हालत में बयान में आरोप लगाया था कि एक अधिकारी समेत तीन लोग इस पूरे घटनाक्रम के दोषी हैं। किसान वेदप्रकाश जिंदगी के लिए जूझ रहा है। दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। करीब 90 फीसदी शरीर जला हुआ है।
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- परिवार के लोगों का मेडिकल कराकर पिलाया जूस
सरदार वेदप्रकाश के परिवार की महिलाओं तथा अन्य लोगों ने शनिवार से घर में चूल्हा भी नहीं चलाया है। सभी लोग भूखे, प्यासे बैठे हैं। रविवार को एडीएम प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी ने परिवार के लोगों का मेडिकल कराया। उसके बाद सभी को जूस पिलाया। नायाब तहसीलदार प्रशांत अवस्थी व पुलिस भी घर पहुंची। परिवार को सांत्वना दी। वेद प्रकाश के भाई की पत्नी विनोद ने कुछ लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। जमीनी का विवाद अदालत में चलने के बावजूद दूसरे पक्ष को कब्जा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
विनोद ने बताया कि धारा 80 के चलते तहसील कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है। इस जमीन की फाइलें मंडलायुक्त कार्यालय में लंबित हैं, जिस कारण प्रशासन को कोई कार्यवाही करने का अधिकार भी नहीं है।
- आज पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से मिलेंगे
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े किसान नेता वेदप्रकाश के घर पहुंचे। भाकियू के राष्ट्रीय सचिव चौधरी विनय ने परिवार को हरसंभव मदद के लिए आश्वस्त किया। कहा कि सोमवार को पूरे घटनाक्रम को मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, डीआईजी और एसएसपी के समक्ष रखा जाएगा। इस घटनाक्रम में जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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दरअसल, सुल्तानपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास रहने वाले सरदार वेद प्रकाश का जमीन का विवाद करीब 10 साल से जैन मंदिर समिति से चल रहा है। शनिवार को एसडीएम सदर अंकुर वर्मा, जैन समाज के लोगों और पुलिस बल के साथ विवादित जमीन पर जैन पक्ष को कब्जा दिलाने पहुंचे थे। एसडीम के पहुंचते ही सीमेंट के पिलर भी मौके पर पहुंचे। सरदार वेद प्रकाश ने जमीन पर पिलर लगाने से करने से मना किया।
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आरोप है कि परिवार के लोगों के आसपास पुलिस तैनात कर दी। उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया गया। घर की दो महिलाओं को पुलिस ने घर से उठाकर थाने भिजवा दिया। वेद प्रकाश ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज पिलखनी में गंभीर हालत में बयान में आरोप लगाया था कि एक अधिकारी समेत तीन लोग इस पूरे घटनाक्रम के दोषी हैं। किसान वेदप्रकाश जिंदगी के लिए जूझ रहा है। दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। करीब 90 फीसदी शरीर जला हुआ है।
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- परिवार के लोगों का मेडिकल कराकर पिलाया जूस
सरदार वेदप्रकाश के परिवार की महिलाओं तथा अन्य लोगों ने शनिवार से घर में चूल्हा भी नहीं चलाया है। सभी लोग भूखे, प्यासे बैठे हैं। रविवार को एडीएम प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी ने परिवार के लोगों का मेडिकल कराया। उसके बाद सभी को जूस पिलाया। नायाब तहसीलदार प्रशांत अवस्थी व पुलिस भी घर पहुंची। परिवार को सांत्वना दी। वेद प्रकाश के भाई की पत्नी विनोद ने कुछ लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। जमीनी का विवाद अदालत में चलने के बावजूद दूसरे पक्ष को कब्जा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
विनोद ने बताया कि धारा 80 के चलते तहसील कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है। इस जमीन की फाइलें मंडलायुक्त कार्यालय में लंबित हैं, जिस कारण प्रशासन को कोई कार्यवाही करने का अधिकार भी नहीं है।
- आज पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से मिलेंगे
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े किसान नेता वेदप्रकाश के घर पहुंचे। भाकियू के राष्ट्रीय सचिव चौधरी विनय ने परिवार को हरसंभव मदद के लिए आश्वस्त किया। कहा कि सोमवार को पूरे घटनाक्रम को मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, डीआईजी और एसएसपी के समक्ष रखा जाएगा। इस घटनाक्रम में जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।