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सूर्य ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट रहे बंद
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गंगोह में मंगलवार को सूर्य ग्रहण के कारण बंद पड़ा मार्किट
- फोटो : SAHARANPUR
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गंगोह/चिलकाना (सहारनपुर)। मंगलवार को सूर्य ग्रहण के दौरान जहां मंदिरों के कपाट बंद रहे, वहीं कुछ लोगों ने अपनी दुकानें तक बंद रखी। अनेक स्थानों पर भजन-कीर्तन के अलावा दान-पुण्य भी किया गया।
गंगोह में सूर्य ग्रहण शुरू होते ही धर्म प्रेमी लोगों द्वारा धार्मिक मान्यता के अनुसार अपने कारोबार बंद कर दिए तथा अपने घरों को चले गए। पीठ बाजार स्थित बाला जी मार्केट पूरी तरह बंद रही। इसके अलावा कई जगह दुकानें बंद रही। नगर एवं क्षेत्र के सभी मंदिरों पर मंगलवार तड़के ताले लटक गए थे, जो ग्रहण समाप्त होने के बाद ही खुल पाए।
चिलकाना बस स्टैंड स्थित देवी बाला सुंदरी मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुभाष शर्मा ने बताया कि सुबह करीब चार बजे सूतक शुरू हो गया था, जो शाम साढे़ पांच बजे के बाद संपन्न हुआ। सूतक के दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। ग्रहण के दौरान अनेक श्रद्धालु मंदिरों में आए, लेकिन कपाट बंद देकर बाहर से ही पूजा-अर्चना कर लौट गए। गांव पटनी, सीकरी, पठेड़ बरथाकायस्थ, चौरी मंडी, दानतपुर, अहाड़ी, धौलाहेडी आदि गांवों में भी मंदिरों के कपाट बंद रहे। मंदिरों के बाहर ही पूजा अर्चना की गई। ग्रहण के दौरान लोगों ने अपने घरों में ही भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना की तथा मंत्रों का जाप किया। चिलकाना के श्री हनुमान मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध शर्मा ने बताया कि ग्रहण के पश्चात स्नान ध्यान के बाद भगवान को स्नान कराया जाएगा तथा उनके वस्त्र बदलकर भगवान की आरती की जाएगी।
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गंगोह में सूर्य ग्रहण शुरू होते ही धर्म प्रेमी लोगों द्वारा धार्मिक मान्यता के अनुसार अपने कारोबार बंद कर दिए तथा अपने घरों को चले गए। पीठ बाजार स्थित बाला जी मार्केट पूरी तरह बंद रही। इसके अलावा कई जगह दुकानें बंद रही। नगर एवं क्षेत्र के सभी मंदिरों पर मंगलवार तड़के ताले लटक गए थे, जो ग्रहण समाप्त होने के बाद ही खुल पाए।
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चिलकाना बस स्टैंड स्थित देवी बाला सुंदरी मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुभाष शर्मा ने बताया कि सुबह करीब चार बजे सूतक शुरू हो गया था, जो शाम साढे़ पांच बजे के बाद संपन्न हुआ। सूतक के दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। ग्रहण के दौरान अनेक श्रद्धालु मंदिरों में आए, लेकिन कपाट बंद देकर बाहर से ही पूजा-अर्चना कर लौट गए। गांव पटनी, सीकरी, पठेड़ बरथाकायस्थ, चौरी मंडी, दानतपुर, अहाड़ी, धौलाहेडी आदि गांवों में भी मंदिरों के कपाट बंद रहे। मंदिरों के बाहर ही पूजा अर्चना की गई। ग्रहण के दौरान लोगों ने अपने घरों में ही भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना की तथा मंत्रों का जाप किया। चिलकाना के श्री हनुमान मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध शर्मा ने बताया कि ग्रहण के पश्चात स्नान ध्यान के बाद भगवान को स्नान कराया जाएगा तथा उनके वस्त्र बदलकर भगवान की आरती की जाएगी।

चिलकाना में मंदिर का बंद पड़ा कपाट- फोटो : SAHARANPUR

यमुना नदी के कोठड़ा घाट से ली गई सूर्य ग्रहण की तस्वीर।- फोटो : SAHARANPUR
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