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Saharanpur News: विवि से 10,308 रुपये निर्धारित है बीएससी गृह विज्ञान की सालाना फीस

Thu, 19 Jan 2023 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Thu, 19 Jan 2023 12:23 AM IST
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The annual fee of BSC Home Science is fixed at Rs 10,308 from the university.
सहाारनपुर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय ने बीएससी गृह विज्ञान (स्ववित्तपोषित) पाठ्यक्रम की सालाना फीस 10,308 रुपये निर्धारित की है, लेकिन शिक्षण संस्थान 15 से 17 हजार रुपये तक सालाना वसूल रहे हैं। जिसे लेकर विद्यार्थियों को आपत्ति है। मुजफ्फरनगर के एक कॉलेज से करीब 20 छात्राएं अतिरिक्त शुल्क लेने के चलते पढ़ाई छोड़ चुकी हैं।
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पढ़ाई छोड़ चुकी छात्राओं का आरोप है कि दाखिले के दौरान उनको 11,081 रुपये फीस बताई गई थी, लेकिन दाखिला होने के बाद 4,100 रुपये की और मांग की जा रही है। यानी एक साल की फीस करीब 15,000 रुपये ली जा रही है। यहां सहारनपुर में भी कुछ महाविद्यालयों में बीएससी गृह विज्ञान, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के रूप में है। यहां के महाविद्यालयों में सालाना 17,000 रुपये तक फीस ली जा रही है। इस लिहाज से उक्त पाठ्यक्रम की तीन साल की फीस 51,000 रुपये हुई। जेवी जैन कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर वकुल बंसल ने बताया कि स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षकों और अन्य स्टाफ की भर्ती अलग से की जाती है। इनके लिए शासन से वेतन नहीं आता है। महाविद्यालय विद्यार्थियों से ली गई फीस से ही उक्त शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन देते हैं।
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बीएससी गृह विज्ञान (स्ववित्तपोषित) की फीस
सेमेस्टर-------निर्धारित फीस
पहले सेमेस्टर - 4,184
दूसरे सेमेस्टर - 1,930
तीसरे सेमेस्टर - 2,014
चौथे सेमेस्टर - 2,180
कुल---------10,308
यह भी है फीस में अंतर की वजह
विश्वविद्यालय ने सालाना फीस 10,308 रुपये निर्धारित किए हैं, लेकिन महाविद्यालयों के लिए इसी फीस के साथ पाठ्यक्रम का संचालन करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। क्योंकि स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के लिए अलग से शिक्षक और कर्मचारी रखे जाते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कॉलेज में 60 सीट हैं और उनसे निर्धारित शुल्क लिया जाए तो एक साल का पैसा छह लाख रुपये से अधिक इकट्ठा होता है, जिससे शिक्षकों का वेतन निकल सकता है, लेकिन यदि सीट पूरी न भरी जाए और पांच या 10 ही दाखिले हों तो साल में 50 हजार से एक लाख रुपये इकट्ठा होंगे, जिनसे शिक्षकों का वेतन निकालना मुश्किल है। ऐसे में महाविद्यालय शुल्क बढ़ा देते हैं।
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विश्वविद्यालय ने बीएससी गृह विज्ञान स्वत्तिपोषित की सालाना फीस 10,308 रुपये निर्धारित किए हैं। यानी तीन साल तक प्रत्येक वर्ष इतनी फीस दिया जाना निर्धारित है। यदि महाविद्यालय इसके अतिरिक्त फीस ले रहे हैं तो इसकी जवाबदेही उनकी है। वह विद्यार्थियों को बताएं कि किन चीजों के लिए अतिरिक्त शुल्क ले रहे हैं। क्योंकि हो सकता है महाविद्यालय अपने यहां विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की एवज में अतिरिक्त शुल्क ले रहे हों।
- वीरेंद्र कुमार मौर्य, कुलसचिव, मां शाकंभरी विश्वविद्यालय।
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