UP: सहारनपुर में पनप रहीं आतंकी जड़ें जैश से लेकर अलकायदा तक सक्रिय, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी
सहारनपुर में हाल के वर्षों में जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और अलकायदा से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया है। जांच में कई नेटवर्क की सक्रियता के संकेत मिले हैं।
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सहारनपुरजिले में जिस तरीके से एक के बाद एक आतंकी संगठनों के सदस्य पकड़े जा रहे हैं यहां की आबोहवा के लिए ठीक नहीं है। कभी जैश-ए-मोहम्मद, कभी हिजबुल मुजाहिदीन तो कभी अलकायदा से जुड़े आतंकी यहां मिल रहे हैं। इससे यह आशंका प्रबल हो रही है कि आतंकी संगठनों के सदस्य यहां पर सक्रिय हैं, जिनकी जड़ें अंदर ही अंदर पनप रही हैं।
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पिछले सप्ताह पकड़ा गया डॉ. आदिल सहारनपुर में रहकर खतरनाक मंसूबे पाले हुए था। आदिल की गिरफ्तारी के बाद से ही खुफिया एजेंसियां सक्रिय हुई और एक के बाद एक अभी कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। आदिल जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा 22 फरवरी 2019 को यूपी एटीएस व पुलिस की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देवबंद के मोहल्ला खानकाह क्षेत्र की नाज मंजिल से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कश्मीर निवासी शाहनवाज और आकिब मलिक को गिरफ्तार किया था।
मार्च 2025 में सहारनपुर एटीएस ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी उल्फत हुसैन उर्फ मोहम्मद सैफुल इस्लाम उर्फ अफजल उर्फ परवेज उर्फ हुसैन मलिक को पकड़ा था। वह गांव फजलाबाद, जिला पुंछ जम्मू कश्मीर का निवासी है। आतंकी उल्फत हुसैन हिजबुल मुजाहिदीन का सक्रिय सदस्य रह चुका था। वर्ष 1999 से 2000 तक पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर में ट्रेनिंग भी ले चुका था। अगस्त 2023 में मुरादाबाद के मूढ़ापांडे थानाक्षेत्र के गांव गुलड़िया निवासी अहमद रजा उर्फ शाहरुख उर्फ मोहिउद्दीन पुत्र फिरासत हुसैन को गिरफ्तार किया था। वह हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा था।
तीतरों के पापड़ी निवासी बिलाल को कुछ दिन पहले एटीएस ने गिरफ्तार किया था। आदिल पर आरोप है कि वह अलकायदा से जुड़ा हुआ है और बड़े स्तर पर आतंकी हमले की साजिश रच रहा था।
14 मार्च 2022 को यूपी एटीएस ने दारुल उलूम चौक स्थित नजमी मंजिल में छापा मारकर कमरा नंबर 19 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े इनामुलक हक को गिरफ्तार किया था। एटीएस ने बताया था कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त है वह फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल के माध्यम से जिहाद से संबंधित वीडियो आदि सामग्री प्रसारित कर लोगों को जिहाद के लिए प्रेरित करता था।
जमात-ए-मुजाहिदीन
12 दिसंबर 2024 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और पुलिस की टीम ने देवबंद के दारुल उलूम क्षेत्र में छापा मारकर दो रोहिंग्या को पकड़ा था। जांच में सामने आया था कि म्यांमार (बर्मा) निवासी खलीलुल्लाह और रजीबुल्लाह बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-मुजाहिदीन के सदस्य के संपर्क में थे। इसके अलावा अगस्त 2008 में सहारनपुर के हकीकतनगर में रह रहे पाकिस्तानी जासूस इकबाल भट्टी उर्फ देवराज को गिरफ्तार किया था, जो पटियाला से पकड़ा गया था।