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Saharanpur News: सिविल बार एसोसिएशन में नरेश कुमार की सदस्यता समाप्ति सही
Sat, 03 Oct 2026 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:24 AM IST
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देवबंद। सिविल बार एसोसिएशन देवबंद के अधिवक्ता नरेश कुमार की सदस्यता समाप्त करने की कार्यकारिणी की कार्रवाई को सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स सहारनपुर ने वैध मानते हुए स्वीकार कर लिया है।
सहायक रजिस्ट्रार ने शिकायतकर्ता और संस्था की ओर से प्रस्तुत प्रार्थनापत्र, आख्या, प्रति आख्या और कार्यालय पत्रावली में उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद यह आदेश जारी किया है। सहायक रजिस्ट्रार के आदेश के अनुसार नरेश कुमार ने 23 अप्रैल 2026 को शिकायत प्रस्तुत कर सिविल बार एसोसिएशन देवबंद द्वारा उनकी सदस्यता समाप्त किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद संस्था से आख्या मांगी गई।
संस्था की ओर से बताया गया कि पांच दिसंबर 2025 की जनरल हाउस बैठक में बार विरोधी गतिविधियों में शामिल सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया था। इसके बाद छह अप्रैल 2026 को कार्यकारिणी की बैठक में विचार-विमर्श के बाद नरेश कुमार को बार से निष्कासित कर उनकी सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि सदस्यता समाप्त किए जाने के बाद नरेश कुमार ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के समक्ष प्रार्थनापत्र दिया था। बार काउंसिल की ओर से पहले निष्कासन के विरुद्ध एकपक्षीय स्थगन आदेश जारी किया गया, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
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इसके बाद संबंधित प्रार्थनापत्र पर संज्ञान न दिए जाने के कारण प्रकरण समाप्त कर दिया गया। सहायक रजिस्ट्रार ने संस्था की पंजीकृत नियमावली की धारा 5 (य) का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई पदाधिकारी या सदस्य संस्था के हित के विरुद्ध कार्य में लिप्त पाया जाता है तो साधारण सभा बहुमत से उसकी सदस्यता समाप्त कर सकती है। वहीं, अधिवक्ता नरेश कुमार का कहना है कि वह सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय में जल्द ही अपना पत्र रखेंगे।
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सहायक रजिस्ट्रार ने शिकायतकर्ता और संस्था की ओर से प्रस्तुत प्रार्थनापत्र, आख्या, प्रति आख्या और कार्यालय पत्रावली में उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद यह आदेश जारी किया है। सहायक रजिस्ट्रार के आदेश के अनुसार नरेश कुमार ने 23 अप्रैल 2026 को शिकायत प्रस्तुत कर सिविल बार एसोसिएशन देवबंद द्वारा उनकी सदस्यता समाप्त किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद संस्था से आख्या मांगी गई।
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संस्था की ओर से बताया गया कि पांच दिसंबर 2025 की जनरल हाउस बैठक में बार विरोधी गतिविधियों में शामिल सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया था। इसके बाद छह अप्रैल 2026 को कार्यकारिणी की बैठक में विचार-विमर्श के बाद नरेश कुमार को बार से निष्कासित कर उनकी सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि सदस्यता समाप्त किए जाने के बाद नरेश कुमार ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के समक्ष प्रार्थनापत्र दिया था। बार काउंसिल की ओर से पहले निष्कासन के विरुद्ध एकपक्षीय स्थगन आदेश जारी किया गया, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
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इसके बाद संबंधित प्रार्थनापत्र पर संज्ञान न दिए जाने के कारण प्रकरण समाप्त कर दिया गया। सहायक रजिस्ट्रार ने संस्था की पंजीकृत नियमावली की धारा 5 (य) का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई पदाधिकारी या सदस्य संस्था के हित के विरुद्ध कार्य में लिप्त पाया जाता है तो साधारण सभा बहुमत से उसकी सदस्यता समाप्त कर सकती है। वहीं, अधिवक्ता नरेश कुमार का कहना है कि वह सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय में जल्द ही अपना पत्र रखेंगे।