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देवबंद सीट को लेकर सपा-रालोद गठबंधन में खींचतान
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सहारनपुर। सपा-रालोद गठबंधन में जनपद की देवबंद सीट को लेकर कश्मकश जारी है। जिले की हॉट सीट मानी जाने वाली देवबंद विधानसभा से दोनों ही दल टिकट की मांग कर रहे हैं। प्रत्याशी तय करने के लिए दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेता मंथन कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस सीट पर जल्द ही गठबंधन के प्रत्याशी की तस्वीर साफ हो जाएगी। टिकट के दावेदार अपने आकाओं की शरण में हैं।
सपा-रालोद गठबंधन में जिले की सात विधानसभा सीट में से सपा पांच विधानसभा सीटों बेहट, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, नकुड़ और गंगोह पर अपने प्रत्याशी तय कर कर उन्हें चुनाव चिन्ह दे चुके है। इनकी घोषणा होना बाकी है। गठबंधन में रालोद शुरु से ही दो सीट देवबंद और रामपुर मनिहारान की मांग कर रहा है। इसमें से सुरक्षित रामपुर मनिहारान सीट पर कांग्रेस छोड़ कर सपा में आए इमरान मसूद के समर्थक विवेककांत को प्रत्याशी घोषित किया गया है, जो रालोद के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़े़ंगे। अभी तक महत्वपूर्ण मानी जाने वाली देवबंद विधानसभा सीट पर गठबंधन की ओर से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। दोनों ही पार्टी यहां से अपनी दावेदारी कर रही हैं। सपा की ओर से पूर्व मंत्री राजेंद्र राणा के बेटे कार्तिकेय राणा की दावेदारी पुख्ता मानी जा रही है। दो दिनों से यह भी चर्चा रही कि उन्हें पार्टी का चुनाव चिह्न भी मिल गया है। शुक्रवार को कार्तिकेय राणा के नामांकन पत्र दाखिल करने की पूरी तैयारी थी, लेकिन बताया गया है कि पार्टी हाईकमान ने फिलहाल उन्हें नामांकन पत्र जमा करने से अभी मना किया है। रालोद की ओर से पूर्व विधायक मनोज चौधरी की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है, जो हाल में ही भाजपा छोड़कर रालोद में शामिल हुए थे। मनोज चौधरी का कहना है कि अभी तक गठबंधन की ओर से देवबंद सीट से किसी को चुनाव चिह्न नहीं दिया गया है। रालोद जिलाध्यक्ष राव केसर का कहना है कि देवबंद सीट पर गठबंधन में रालोद की शुरू से ही मांग है। हमारा अभी भी पूरा दावा इस सीट पर है। प्रत्याशी को लेकर गठबंधन में कश्मकश जारी है। उनका कहना है कि जल्द यहां की तस्वीर साफ हो जाएगी। दोनों पार्टी के नेता इस पर विचार विमर्श कर रहे हैं।
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सपा-रालोद गठबंधन में जिले की सात विधानसभा सीट में से सपा पांच विधानसभा सीटों बेहट, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, नकुड़ और गंगोह पर अपने प्रत्याशी तय कर कर उन्हें चुनाव चिन्ह दे चुके है। इनकी घोषणा होना बाकी है। गठबंधन में रालोद शुरु से ही दो सीट देवबंद और रामपुर मनिहारान की मांग कर रहा है। इसमें से सुरक्षित रामपुर मनिहारान सीट पर कांग्रेस छोड़ कर सपा में आए इमरान मसूद के समर्थक विवेककांत को प्रत्याशी घोषित किया गया है, जो रालोद के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़े़ंगे। अभी तक महत्वपूर्ण मानी जाने वाली देवबंद विधानसभा सीट पर गठबंधन की ओर से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। दोनों ही पार्टी यहां से अपनी दावेदारी कर रही हैं। सपा की ओर से पूर्व मंत्री राजेंद्र राणा के बेटे कार्तिकेय राणा की दावेदारी पुख्ता मानी जा रही है। दो दिनों से यह भी चर्चा रही कि उन्हें पार्टी का चुनाव चिह्न भी मिल गया है। शुक्रवार को कार्तिकेय राणा के नामांकन पत्र दाखिल करने की पूरी तैयारी थी, लेकिन बताया गया है कि पार्टी हाईकमान ने फिलहाल उन्हें नामांकन पत्र जमा करने से अभी मना किया है। रालोद की ओर से पूर्व विधायक मनोज चौधरी की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है, जो हाल में ही भाजपा छोड़कर रालोद में शामिल हुए थे। मनोज चौधरी का कहना है कि अभी तक गठबंधन की ओर से देवबंद सीट से किसी को चुनाव चिह्न नहीं दिया गया है। रालोद जिलाध्यक्ष राव केसर का कहना है कि देवबंद सीट पर गठबंधन में रालोद की शुरू से ही मांग है। हमारा अभी भी पूरा दावा इस सीट पर है। प्रत्याशी को लेकर गठबंधन में कश्मकश जारी है। उनका कहना है कि जल्द यहां की तस्वीर साफ हो जाएगी। दोनों पार्टी के नेता इस पर विचार विमर्श कर रहे हैं।
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