{"_id":"6a67b69a96c536b7bf0e3c52","slug":"surge-in-water-levels-at-shakambhari-khol-pilgrims-stopped-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-180489-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: शाकंभरी खोल में पानी का उफान, रोके गए श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: शाकंभरी खोल में पानी का उफान, रोके गए श्रद्धालु
Tue, 28 Jul 2026 01:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 28 Jul 2026 01:20 AM IST
विज्ञापन
शाकंभरी(सहारनपुर)। शिवालिक पहाड़ियों और मैदानी क्षेत्रों में सुबह हुई मूसलाधार बारिश के बाद सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी के शाकंभरी खोल (नदी) में अचानक जलस्तर बढ़ जाने से श्रद्धालुओं का आवागमन रोक दिया गया। प्रशासन और पुलिस की सतर्कता के चलते समय रहते श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया।
सोमवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर सुबह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल मार्ग से मां शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए जा रहे थे। सुबह लगभग 10:30 बजे शिवालिक पहाड़ियों में बारिश और नदी में जलस्तर बढ़ने का अलर्ट मिला। इस पर पुलिस ने सिद्धपीठ में सायरन बजवाकर श्रद्धालुओं को सतर्क करते हुए श्रद्धालुओं को भूरादेव पर ही रोक दिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया। करीब 11 बजे शाकंभरी खोल में तेज बहाव के साथ पानी आ गया, जिससे नदी पार का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। नदी में आए तेज बहाव के कारण श्रद्धालु जहां थे वहीं रुक गए। सिद्धपीठ परिसर और भूरादेव दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, लेकिन प्रशासन ने किसी को भी आगे नहीं जाने दिया।
जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी सूबे सिंह और तहसीलदार विजय कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने भूरादेव पर रुके श्रद्धालुओं से सिद्धपीठ की ओर न जाने की अपील की, जिसके बाद अधिकांश श्रद्धालु लौट गए। तहसीलदार विजय कुमार सिंह ने बताया कि मौसम सामान्य होने तक आना टाल दें और नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही श्रद्धालुओं को मां शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए जाने की अनुमति दी जाएगी।
विज्ञापन
उधर, सिद्धपीठ मंदिर व्यवस्थापक राणा आदित्य प्रताप सिंह ने भी श्रद्धालुओं ने अपील की है। उन्होंने कहा कि 28 एवं 29 जुलाई को सिद्धपीठ की यात्रा को टाल कर मौसम साफ होने के बाद ही मां के दर्शनों को आएं।
-- मिर्जापुर। शिवालिक पहाड़ियों में बारिश होने के बाद मिर्जापुर क्षेत्र की बरसाती नदियों में भी पानी आ गया हालांकि मैदानी क्षेत्र में बारिश नहीं हुई। शाहपुर गाड़ा, नौगांवा, बादशाही बाग, खुवासपुर आदि गांवों की नदियों में भी पानी आ गया परंतु रास्ता बाधित नहीं हुआ। खुवासपुर नदी में ग्रामीणों काे जरूर एक घंटे तक रुके रहना पड़ा।
विज्ञापन
सोमवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर सुबह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल मार्ग से मां शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए जा रहे थे। सुबह लगभग 10:30 बजे शिवालिक पहाड़ियों में बारिश और नदी में जलस्तर बढ़ने का अलर्ट मिला। इस पर पुलिस ने सिद्धपीठ में सायरन बजवाकर श्रद्धालुओं को सतर्क करते हुए श्रद्धालुओं को भूरादेव पर ही रोक दिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया। करीब 11 बजे शाकंभरी खोल में तेज बहाव के साथ पानी आ गया, जिससे नदी पार का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। नदी में आए तेज बहाव के कारण श्रद्धालु जहां थे वहीं रुक गए। सिद्धपीठ परिसर और भूरादेव दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, लेकिन प्रशासन ने किसी को भी आगे नहीं जाने दिया।
विज्ञापन
जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी सूबे सिंह और तहसीलदार विजय कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने भूरादेव पर रुके श्रद्धालुओं से सिद्धपीठ की ओर न जाने की अपील की, जिसके बाद अधिकांश श्रद्धालु लौट गए। तहसीलदार विजय कुमार सिंह ने बताया कि मौसम सामान्य होने तक आना टाल दें और नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही श्रद्धालुओं को मां शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए जाने की अनुमति दी जाएगी।
विज्ञापन
उधर, सिद्धपीठ मंदिर व्यवस्थापक राणा आदित्य प्रताप सिंह ने भी श्रद्धालुओं ने अपील की है। उन्होंने कहा कि 28 एवं 29 जुलाई को सिद्धपीठ की यात्रा को टाल कर मौसम साफ होने के बाद ही मां के दर्शनों को आएं।