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हरियाणा के बराबर हो प्रदेश में गन्ना मूल्य
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सहारनपुर। हरियाणा के बराबर गन्ना मूल्य दिलाने सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त लोकेश एम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गन्ने में शुगर रिकवरी हरियाणा से भी अधिक है।
सोमवार को मंडलायुक्त को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में चीनी उत्पादन में नंबर एक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। जबकि हरियाणा सरकार में 362 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य है। उत्तर प्रदेश के गन्ने में हरियाणा से अधिक शुगर रिकवरी है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सारा गन्ना उत्पादक क्षेत्र हरियाणा की सीमा से लगता हुआ है। ऐसे में किसानों की समझ में यह नहीं आ रहा है कि रिकवरी कम होने के बावजूद हरियाणा में उत्तर प्रदेश से अधिक गन्ना मूल्य क्यों है। जबकि हरियाणा में सिंचाई के लिए उत्तर प्रदेश से सस्ती बिजली भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि 15 दिनों में गन्ना मूल्य भुगतान कराया जाएगा। ऐसा नहीं होने पर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज भी मिलेगा। प्रदेश का गन्ना किसान आज तक भी वादा पूरा होने के इंतजार में है। इस दौरान किसान चिंतक प्रीतम चौधरी, भाकियू के मंडल महासचिव अरुण राणा और महानगर अध्यक्ष मुकेश तोमर, उमर, ओमपाल, आजम तोमर आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को मंडलायुक्त को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में चीनी उत्पादन में नंबर एक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। जबकि हरियाणा सरकार में 362 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य है। उत्तर प्रदेश के गन्ने में हरियाणा से अधिक शुगर रिकवरी है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सारा गन्ना उत्पादक क्षेत्र हरियाणा की सीमा से लगता हुआ है। ऐसे में किसानों की समझ में यह नहीं आ रहा है कि रिकवरी कम होने के बावजूद हरियाणा में उत्तर प्रदेश से अधिक गन्ना मूल्य क्यों है। जबकि हरियाणा में सिंचाई के लिए उत्तर प्रदेश से सस्ती बिजली भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि 15 दिनों में गन्ना मूल्य भुगतान कराया जाएगा। ऐसा नहीं होने पर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज भी मिलेगा। प्रदेश का गन्ना किसान आज तक भी वादा पूरा होने के इंतजार में है। इस दौरान किसान चिंतक प्रीतम चौधरी, भाकियू के मंडल महासचिव अरुण राणा और महानगर अध्यक्ष मुकेश तोमर, उमर, ओमपाल, आजम तोमर आदि मौजूद रहे।
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