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Saharanpur News: फर्जीवाड़े के लिए जीएसटी पोर्टल पर दर्शाई 7.84 लाख की चीनी खरीद
Sat, 04 Apr 2026 12:56 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 04 Apr 2026 12:56 AM IST
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सहारनपुर। राज्य कर विभाग की जांच में जीएसटी फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के दौरान पता चला कि फर्जीवाड़े को जीएसटी पोर्टल पर दर्शाने के लिए 7.84 लाख की चीनी खरीद दिखाई गई, जबकि वास्तविकता में नहीं खरीदी गई। इस मामले में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
राज्य कर संभाग-ए के सहायक आयुक्त पवन ने तहरीर देकर बताया कि जीएसटी में पंजीकृत फर्म हमजा होजरी जनता रोड खुर्द की जांच तीन फरवरी 2026 को की गई। जांच में पाया गया कि फर्म अपने घोषित पते पर संचालित नहीं हो रही थी और करीब छह माह पहले ही वहां से काम बंद कर दिया गया था। बाद में फर्म का संचालन खुर्द इंडस्ट्रियल एरिया ढमोला में किया जाना पाया गया।
जांच के दौरान फर्म की प्रोपराइटर शाहीन के पति सद्दाम हुसैन ने स्वीकार किया कि फर्म का पूरा संचालन वही करते हैं, जबकि शाहीन केवल नाम मात्र की स्वामिनी है। उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी आईडी, पासवर्ड और बैंक खातों का नियंत्रण दिल्ली और नोएडा की दो अन्य फर्मों के एकाउंटेंट्स के पास हैं, जो खरीद-बिक्री के बिल और रिटर्न अपने स्तर से संचालित करते हैं।
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विभागीय जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 7.84 करोड़ रुपये की चीनी खरीद जीएसटी पोर्टल पर दर्शाई गई, जबकि वास्तविकता में कोई चीनी प्राप्त नहीं हुई। इसके बावजूद करीब 39.21 लाख रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया।
चीनी मिलों से सत्यापन में बिक्री दर्शाई गई, लेकिन परिवहन से जुड़ी कई बिल्टियां फर्जी पाई गईं। ट्रांसपोर्टर ने भी कई बिल्टियों को अपनी कंपनी की न मानते हुए फर्जीवाड़े की पुष्टि की। जांच में यह भी सामने आया कि हमजा होजरी के जरिए बालाजी ट्रेडर्स, गाजियाबाद को फर्जी बिक्री दर्शाई गई।
पूरे प्रकरण में शाहीन, सद्दाम हुसैन, दिल्ली और नोएडा की फर्मों के एकाउंटेंट्स, एक कारोबारी और एक अन्य फर्म मालिक की संलिप्तता पाई गई है। इस मामले में जनकपुरी पुलिस ने शाहीन, सद्दाम हुसैन, मनीष, मोहित, गौतम राजकुमार, चेतन चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
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राज्य कर संभाग-ए के सहायक आयुक्त पवन ने तहरीर देकर बताया कि जीएसटी में पंजीकृत फर्म हमजा होजरी जनता रोड खुर्द की जांच तीन फरवरी 2026 को की गई। जांच में पाया गया कि फर्म अपने घोषित पते पर संचालित नहीं हो रही थी और करीब छह माह पहले ही वहां से काम बंद कर दिया गया था। बाद में फर्म का संचालन खुर्द इंडस्ट्रियल एरिया ढमोला में किया जाना पाया गया।
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जांच के दौरान फर्म की प्रोपराइटर शाहीन के पति सद्दाम हुसैन ने स्वीकार किया कि फर्म का पूरा संचालन वही करते हैं, जबकि शाहीन केवल नाम मात्र की स्वामिनी है। उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी आईडी, पासवर्ड और बैंक खातों का नियंत्रण दिल्ली और नोएडा की दो अन्य फर्मों के एकाउंटेंट्स के पास हैं, जो खरीद-बिक्री के बिल और रिटर्न अपने स्तर से संचालित करते हैं।
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विभागीय जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 7.84 करोड़ रुपये की चीनी खरीद जीएसटी पोर्टल पर दर्शाई गई, जबकि वास्तविकता में कोई चीनी प्राप्त नहीं हुई। इसके बावजूद करीब 39.21 लाख रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया।
चीनी मिलों से सत्यापन में बिक्री दर्शाई गई, लेकिन परिवहन से जुड़ी कई बिल्टियां फर्जी पाई गईं। ट्रांसपोर्टर ने भी कई बिल्टियों को अपनी कंपनी की न मानते हुए फर्जीवाड़े की पुष्टि की। जांच में यह भी सामने आया कि हमजा होजरी के जरिए बालाजी ट्रेडर्स, गाजियाबाद को फर्जी बिक्री दर्शाई गई।
पूरे प्रकरण में शाहीन, सद्दाम हुसैन, दिल्ली और नोएडा की फर्मों के एकाउंटेंट्स, एक कारोबारी और एक अन्य फर्म मालिक की संलिप्तता पाई गई है। इस मामले में जनकपुरी पुलिस ने शाहीन, सद्दाम हुसैन, मनीष, मोहित, गौतम राजकुमार, चेतन चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।