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Saharanpur News: किसानों के 343 करोड़ रुपये दबाए बैठीं चीनी मिलें
Mon, 23 Jan 2023 11:40 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 23 Jan 2023 11:40 PM IST
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सहारनपुर। शासन-प्रशासन के तमाम प्रयास किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। जनपद की चीनी मिलों पर 343.29 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। इनमें से 47.79 करोड़ रुपये गांगनौली चीनी मिल पर गत सीजन का गन्ना मूल्य भी शामिल है।
समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने के चलते जनपद के किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में देवबंद चीनी मिल ही समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कर रही है। अन्य पांच चीनी मिलों पर 343.29 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हो गए हैं। हालांकि गांगनौली चीनी मिल को छोड़कर अन्य सभी मिलों ने मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का भुगतान करना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद देवबंद के अलावा अन्य सभी चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य बकाया है।
गन्ना क्रय अधिनियम के अनुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान होने पर बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का भी प्रावधान है। इसके बावजूद किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान ही हो पा रहा है और न ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज मिल रहा है। ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर विभिन्न किसान संगठन ज्ञापन से लेकर धरना प्रदर्शन तक कर रहे हैँ।
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गांव बिडवी के प्रगतिशील किसान सुधीर कुमार, सहजवा के बिट्टू नंबरदार सहित अन्य किसानों का कहना है कि यदि सरकार किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करा पा रही है तो बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज दिलाया जाए।
जल्द भुगतान कराना प्राथमिकता
सभी चीनी मिलों को बकाया भुगतान करने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। गन्ना मूल्य भुगतान कराना विभाग की प्राथमिकता है। भुगतान करने में कोताही बरतने वाली मिलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-- डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी।
चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (करोड़) में
मिल बकाया
गांगनौली 172.35
शेरमऊ 22.38
गागलहेड़ी 51.14
नानौता 32.59
सरसावा 17.37
नोट: गन्ना विभाग के 23 जनवरी की आंकड़ों के अनुसार।
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समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने के चलते जनपद के किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में देवबंद चीनी मिल ही समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कर रही है। अन्य पांच चीनी मिलों पर 343.29 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हो गए हैं। हालांकि गांगनौली चीनी मिल को छोड़कर अन्य सभी मिलों ने मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का भुगतान करना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद देवबंद के अलावा अन्य सभी चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य बकाया है।
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गन्ना क्रय अधिनियम के अनुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान होने पर बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का भी प्रावधान है। इसके बावजूद किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान ही हो पा रहा है और न ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज मिल रहा है। ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर विभिन्न किसान संगठन ज्ञापन से लेकर धरना प्रदर्शन तक कर रहे हैँ।
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गांव बिडवी के प्रगतिशील किसान सुधीर कुमार, सहजवा के बिट्टू नंबरदार सहित अन्य किसानों का कहना है कि यदि सरकार किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करा पा रही है तो बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज दिलाया जाए।
जल्द भुगतान कराना प्राथमिकता
सभी चीनी मिलों को बकाया भुगतान करने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। गन्ना मूल्य भुगतान कराना विभाग की प्राथमिकता है। भुगतान करने में कोताही बरतने वाली मिलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (करोड़) में
मिल बकाया
गांगनौली 172.35
शेरमऊ 22.38
गागलहेड़ी 51.14
नानौता 32.59
सरसावा 17.37
नोट: गन्ना विभाग के 23 जनवरी की आंकड़ों के अनुसार।