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सहारनपुर: अचानक बढ़ा तापमान, गेहूं की फसल के लिए प्रतिकूल
Thu, 09 Feb 2023 12:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 09 Feb 2023 12:39 AM IST
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गेहूं की फसल
सहारनपुर। अचानक तापमान बढ़ने से जहां लोगों को ठंड से राहत मिली है, वहीं यह गेहूं की खेती के लिए प्रतिकूल रहेगा। फरवरी माह में गत वर्ष के मुकाबले तापमान इस बार करीब पांच से छह डिग्री सेल्सियस अधिक है। दिन का तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बढ़ा हुआ तापमान गेहूं की फसल के लिए नुकसानदेह साबित होगा। ऐसे में किसान भी अपनी फसल को लेकर चिंतित होने लगे हैं।
जनपद में 1.12 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की खेती है। गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए इस समय तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास होना चाहिए। जनपद में जनवरी महीने तक तो तापमान ठीक रहा, लेकिन फरवरी की शुरूआत से ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने लगी। इसके चलते कृषि वैज्ञानिकों से लेकर किसानों तक की पेशानी पर पसीना आ गया है। छह फरवरी को तो दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुुंच गया। बढ़े तापमान के चलते गेहूं की फसल पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है। किसानों का मानना है कि यदि इसी प्रकार तापमान में वृद्धि हुई तो गेहूं की उत्पादकता में कमी आएगी। खासतौर पर गेहूं की पछेती फसल में काफी नुकसान हो सकता है।
बोले किसान-- -
अचानक बढ़ा तापमान गेहूं की फसल के लिए काफी नुकसानदेह साबित होगा। इस समय तापमान कम रहना चाहिए था, तभी गेहूं का उत्पादन अच्छा होता है। बढ़ते तापमान की वजह से फसल में कीटों के प्रकोप बढ़ने की भी आशंका है।-- - मोहम्मद कादिर, गांव पहाड़पुर।
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फरवरी माह में बढ़े तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अभी थोड़ी ठंड की आवश्यकता है, बढ़े तापमान से गेहूं की फसल की उत्पादकता कम होने की आशंका है, साथ ही इससे गेहूं की फसल पर बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।-- - मेहरबान, गांव नन्हेड़ा बुड्ढाखेड़ा
अचानक बढ़े तापमान का गेहूं की उत्पादकता पर विपरीत असर पड़ेगा। खासतौर पर गेहूं की पछेती फसल पर इसका असर अधिक रहेगा। फरवरी में तापमान में खासी वृद्घि हुई है। किसान अपने फसल में हल्की नमी अवश्य बनाए रखें।-- - डॉ. आईके कुशवाहा, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र।
एक नजर में फरवरी महीने का तापमान
दिनांक वर्ष 2022 वर्ष 2023
एक फरवरी 14.0 19.5
दो फरवरी 14.0 23.0
तीन फरवरी 12.5 18.0
चार फरवरी 12.0 20.8
पांच फरवरी 18.0 22.5
छह फरवरी 19.5 26.5
सात फरवरी 21.0 25.2
नोट:तापमान डिग्री सेल्सियस में।
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जनपद में 1.12 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की खेती है। गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए इस समय तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास होना चाहिए। जनपद में जनवरी महीने तक तो तापमान ठीक रहा, लेकिन फरवरी की शुरूआत से ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने लगी। इसके चलते कृषि वैज्ञानिकों से लेकर किसानों तक की पेशानी पर पसीना आ गया है। छह फरवरी को तो दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुुंच गया। बढ़े तापमान के चलते गेहूं की फसल पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है। किसानों का मानना है कि यदि इसी प्रकार तापमान में वृद्धि हुई तो गेहूं की उत्पादकता में कमी आएगी। खासतौर पर गेहूं की पछेती फसल में काफी नुकसान हो सकता है।
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बोले किसान
अचानक बढ़ा तापमान गेहूं की फसल के लिए काफी नुकसानदेह साबित होगा। इस समय तापमान कम रहना चाहिए था, तभी गेहूं का उत्पादन अच्छा होता है। बढ़ते तापमान की वजह से फसल में कीटों के प्रकोप बढ़ने की भी आशंका है।
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फरवरी माह में बढ़े तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अभी थोड़ी ठंड की आवश्यकता है, बढ़े तापमान से गेहूं की फसल की उत्पादकता कम होने की आशंका है, साथ ही इससे गेहूं की फसल पर बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।
अचानक बढ़े तापमान का गेहूं की उत्पादकता पर विपरीत असर पड़ेगा। खासतौर पर गेहूं की पछेती फसल पर इसका असर अधिक रहेगा। फरवरी में तापमान में खासी वृद्घि हुई है। किसान अपने फसल में हल्की नमी अवश्य बनाए रखें।
एक नजर में फरवरी महीने का तापमान
दिनांक वर्ष 2022 वर्ष 2023
एक फरवरी 14.0 19.5
दो फरवरी 14.0 23.0
तीन फरवरी 12.5 18.0
चार फरवरी 12.0 20.8
पांच फरवरी 18.0 22.5
छह फरवरी 19.5 26.5
सात फरवरी 21.0 25.2
नोट:तापमान डिग्री सेल्सियस में।