{"_id":"60a00bc58ebc3e86a71951ef","slug":"students-become-online-helpers-through-social-media-platform-saharanpur-news-mrt53848590","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना से जंग: सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से छात्र बने ऑनलाइन मददगार, 250 से ज्यादा लोगों की कर चुके मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना से जंग: सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से छात्र बने ऑनलाइन मददगार, 250 से ज्यादा लोगों की कर चुके मदद
Fri, 21 May 2021 06:54 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 May 2021 06:54 PM IST
सार
कोरोना महामारी के चलते कुछ छात्रों ने ऑनलाइन मदद के लिए एक पहल की है। ये छात्र ऐसे लोगों की मदद कर रहे हैं, जिनके परिजनों को ऑक्सीजन, दवाएं या अन्य किसी भी जरूरत के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ऋष्य गुप्ता।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना काल में ऑनलाइन मदद करने का भी एक प्रयोग हुआ है। ऐसा ही प्रयोग स्टुडोमेट्रिक्स प्लेटफार्म से जुड़े छात्रों द्वारा किया गया है। ये उन लोगों की मदद कर रहे हैं, जिनके परिजनों को ऑक्सीजन, दवाएं या अन्य किसी भी जरूरत के लिए परेशान होना पड़ रहा है। देशभर के अनेक शहरों के छात्र-छात्राओं को जोड़कर वालंटियर्स बनाया है, जो जरूरतमंद के मैसेज आने पर उनको आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
विज्ञापन
इस प्लेटफार्म से सहारनपुर के राघवपुरम निवासी अंश गर्ग बतौर डायरेक्टर जुड़े हुए हैं। अंश दिल्ली रोड स्थित प्राइवेट विद्यालय में कक्षा 12 के छात्र हैं। अंश ने बताया कि इस प्लेटफार्म के फाउंडर गाजियाबाद निवासी फलित सिजि रिया हैं, जिन्होंने एक साल पूर्व यह प्लेटफार्म बनाया, जिसमें उनके अलावा मेरठ से अवनी सिंह और ऋष्य गुप्ता को डायरेक्टर बनाया गया। इसके बाद छोटे शहरों में रहने वाले छात्रों को इससे जोड़ा गया।
विज्ञापन
साथ ही कोरोना महामारी को देखते हुए लोगों की मदद करने का प्रयास शुरू किया और करीब दो सप्ताह से कोविड-19 सहायता केंद्र अभियान शुरू किया है। इस ऑनलाइन सहायता केंद्र से 200 से ज्यादा छात्र छात्राएं जुड़े हुए हैं, जो शिफ्टों में कार्य करते हैं। दिल्ली, कोलकाता, गोवा, चेन्नई, नोएडा, पानीपत, हैदराबाद, मेरठ, सहारनपुर व अन्य शहरों में यह युवा कई कोरोना पीड़ितों एवं उनकी जरूरत के अनुसार मदद पहुंचा चुके हैं। लोगों की मदद के लिए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर वालंटियर्स बनाए हैं। ये देश के हर कोने में 24 घंटे मदद के लिए तैयार रहते हैं।
विज्ञापन
250 से ज्यादा लोगों की मदद
अंश गर्ग ने बताया कि इस प्लेटफार्म के जरिये लोगों को ऑक्सीजन सिलिंडर कहां से मिल रहा है, प्लाज्मा डोनर की जानकारी आदि दी जाती है। ग्वालियर, गोवा और चेन्नई से दो दिन पहले ही मैसेज आया कि ऑक्सीजन सिलिंडर कहां से मिलेगा, तो उनको सही जगह की जानकारी उपलब्ध कराई गई।