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Saharanpur News: यमुना में अपनी जमीन बता नाव संचालन रुकवाया
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चिलकाना में यमुना नदी को नाव से पार करते ग्रामीण
पुलिस हस्तक्षेप के बाद शुरु हो सका नाव का संचालन
चिलकाना। यमुना नदी में अस्थाई पुल टूटने के बाद नदी में आवागमन के लिए चलाई गई नाव को कुछ लोगों ने नदी की भूमि को अपनी बताते हुए बंद करा दिया। इसके चलते चार घंटे तक नाव का संचालन बंद रहा। पुलिस हस्तक्षेप के बाद नाव का संचालन शुरू हो सका। नाव बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाव संचालन के लिए दोनों पक्षों में शनिवार को बैठक होगी।
उप्र तथा हरियाणा की सीमा पर बहने वाली यमुना पर आवागमन के लिए ग्रामीणों द्वारा सीमेंट के पाइप का अस्थाई पुल बनाया गया था। अस्थाई पुल बुधवार को यमुना में आए तेज बहाव के पानी के कारण टूट गया था। पुल टूटने से सीमा पर आवागमन बंद हो गया था। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने नदी में नाव लगाकर लोगों को इधर से उधर भेजने का काम शुरू कर दिया था। शुक्रवार की सुबह छह बजे गांव आल्हनपुर के कुछ लोगों ने नाव को यह कहकर बंद करा दिया, कि नदी में स्थित भूमि उनकी है। नाव बंद होने के बाद नदी के दोनों किनारों पर छात्रों, बीमार लोगों, किसानों सहित सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। गांव सौंधेबास के संदीप, प्रवीन, नीरज, शौकीन, प्रमोद, मोंटू, पितांबर आदि का कहना था कि नदी में लोग इसी रास्ते से आते जाते हैं। इसलिए रास्ता बंद करने का कोई औचित्य नहीं है।
नाव बंद होने की सूचना पर पठेड पुलिस चौकी इंचार्ज धीरसिंह मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों को समझाया। सुबह करीब 10 बजे नाव का संचालन पुनः शुरू हो सका। पुलिस ने दोनों पक्षों को शनिवार को अपनी अपनी अपनी बात रखने के लिए राजी कर लिया।
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उधर एसडीएम सदर किंशूक श्रीवास्तव ने कहा कि किसी को भी रास्ता रोकने का अधिकार नहीं है। ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। चिलकाना पुलिस को निर्देश दे दिया गया है कि ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उसका तत्काल निस्तारण करा दें तथा नदी में आवागमन के लिए नाव चलाने की व्यवस्था सुचारू करें। रास्ता रोकने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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चिलकाना। यमुना नदी में अस्थाई पुल टूटने के बाद नदी में आवागमन के लिए चलाई गई नाव को कुछ लोगों ने नदी की भूमि को अपनी बताते हुए बंद करा दिया। इसके चलते चार घंटे तक नाव का संचालन बंद रहा। पुलिस हस्तक्षेप के बाद नाव का संचालन शुरू हो सका। नाव बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाव संचालन के लिए दोनों पक्षों में शनिवार को बैठक होगी।
उप्र तथा हरियाणा की सीमा पर बहने वाली यमुना पर आवागमन के लिए ग्रामीणों द्वारा सीमेंट के पाइप का अस्थाई पुल बनाया गया था। अस्थाई पुल बुधवार को यमुना में आए तेज बहाव के पानी के कारण टूट गया था। पुल टूटने से सीमा पर आवागमन बंद हो गया था। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने नदी में नाव लगाकर लोगों को इधर से उधर भेजने का काम शुरू कर दिया था। शुक्रवार की सुबह छह बजे गांव आल्हनपुर के कुछ लोगों ने नाव को यह कहकर बंद करा दिया, कि नदी में स्थित भूमि उनकी है। नाव बंद होने के बाद नदी के दोनों किनारों पर छात्रों, बीमार लोगों, किसानों सहित सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। गांव सौंधेबास के संदीप, प्रवीन, नीरज, शौकीन, प्रमोद, मोंटू, पितांबर आदि का कहना था कि नदी में लोग इसी रास्ते से आते जाते हैं। इसलिए रास्ता बंद करने का कोई औचित्य नहीं है।
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नाव बंद होने की सूचना पर पठेड पुलिस चौकी इंचार्ज धीरसिंह मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों को समझाया। सुबह करीब 10 बजे नाव का संचालन पुनः शुरू हो सका। पुलिस ने दोनों पक्षों को शनिवार को अपनी अपनी अपनी बात रखने के लिए राजी कर लिया।
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उधर एसडीएम सदर किंशूक श्रीवास्तव ने कहा कि किसी को भी रास्ता रोकने का अधिकार नहीं है। ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। चिलकाना पुलिस को निर्देश दे दिया गया है कि ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उसका तत्काल निस्तारण करा दें तथा नदी में आवागमन के लिए नाव चलाने की व्यवस्था सुचारू करें। रास्ता रोकने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

चिलकाना में यमुना नदी को नाव से पार करते ग्रामीण