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कड़ाके की ठंड में ठहरा जनजीवन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 22 Jan 2016 01:05 AM IST
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सर्दी का सितम लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बृहस्पतिवार को पारा न्यूनतम 0.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अभी तक का यह सबसे कम तापमान रहने की वजह से बृहस्पतिवार का दिन सीजन का सबसे ठंडा रहा। कोहरे की वजह से जनजीवन ठहर गया है।
सर्दी से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहे। बाजारों में अन्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखने को मिली। सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी हीटर और आग पर हाथ तापते हुए दिखे।
पिछले तीन दिनों से कड़ाके की सर्दी चरम पर है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 1.08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो कि बुधवार को घटकर मात्र 01 डिग्री सेल्सियस रह गया था। बृहस्पतिवार को पारा और नीचे चला गया, जो कि .8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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ऐसे में अभी तक बृहस्पतिवार के दिन को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन कहा जा सकता है। बुधवार की रात से ही कोहरा छा गया था। बृहस्पतिवार की तड़के मौसम में कोहरा और शीतलहर का असर था, जिसकी वजह से लोग कांप उठे।
सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाजारों में अन्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखी गई। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में भी ज्यादातर कर्मचारी ठंड की वजह से हीटर और अलाव पर हाथ सेकते मिले। कॉलेजों में भी उपस्थित छात्रों की संख्या काफी कम हो गई है।
किसानों को राहत
मौसम में ठंड बढ़ने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को तैयार करने के लिए ठंड का होना बेहद जरूरी है।
देवबंद में नगरपालिका के चेयरमैन माविया अली ने बताया कि नगर के करीब दो दर्जन से अधिक चयनित स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। ठंड का प्रकोप भले ही बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से रैन बसेरा नहीं बनाया गया है।
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सर्दी से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहे। बाजारों में अन्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखने को मिली। सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी हीटर और आग पर हाथ तापते हुए दिखे।
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पिछले तीन दिनों से कड़ाके की सर्दी चरम पर है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 1.08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो कि बुधवार को घटकर मात्र 01 डिग्री सेल्सियस रह गया था। बृहस्पतिवार को पारा और नीचे चला गया, जो कि .8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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ऐसे में अभी तक बृहस्पतिवार के दिन को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन कहा जा सकता है। बुधवार की रात से ही कोहरा छा गया था। बृहस्पतिवार की तड़के मौसम में कोहरा और शीतलहर का असर था, जिसकी वजह से लोग कांप उठे।
सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाजारों में अन्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखी गई। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में भी ज्यादातर कर्मचारी ठंड की वजह से हीटर और अलाव पर हाथ सेकते मिले। कॉलेजों में भी उपस्थित छात्रों की संख्या काफी कम हो गई है।
किसानों को राहत
मौसम में ठंड बढ़ने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को तैयार करने के लिए ठंड का होना बेहद जरूरी है।
देवबंद में नगरपालिका के चेयरमैन माविया अली ने बताया कि नगर के करीब दो दर्जन से अधिक चयनित स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। ठंड का प्रकोप भले ही बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से रैन बसेरा नहीं बनाया गया है।