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कहीं लटके ताले और कहीं अधर में पड़ा है निर्माण

Fri, 19 Nov 2021 11:09 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 11:09 PM IST
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Somewhere the locks are hanging and somewhere the construction is lying in the balance
दलहेड़ी गांव में अधर में लटका सामुदायिक शौचालय का कार्य - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में बनाए गए सामुदायिक शौचालय शोपीस बनकर रह गए हैं। कहीं सामुदायिक शौचालयों पर ताले लटके हैं तो कहीं पर कार्य अधर में लटका है। इसको लेकर ग्रामीणों में भी रोष व्याप्त है।
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जिले में स्वच्छ भारत मिशन के पहले चरण में 884 ग्राम पंचायतों में घरों में 2.20 लाख शौचालय बनाए गए थे। प्रत्येक शौचालय पर 12 हजार का खर्च आया था। कुल 264 करोड़ रुपया पहले चरण में खर्च हुआ है। दूसरे चरण में कूड़ा प्रबंधन के इंतजाम कराने के अलावा स्वच्छता की प्रति जागरूकता अभियान चले। अब तीसरे चरण में 37 करोड़ की लागत से 884 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। इनमें करीब 800 शौचालय बनकर पूरी तरह तैयार हो गए हैं, लेकिन अधिकांश इलाकों में इन पर ताले लटके हुए हैं और कहीं पर निर्माण कार्य ही बीच में पड़ा है, जबकि इन शौचालयों को स्वयं सहायता समूहों के हैंडओवर किया जाना है, लेकिन कुछ ही शौचालय संचालित हो पाए हैं और बाकी शोपीस बनकर रह गए।
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पैसा पूरा निकाला, मगर नहीं बना शौचालय
ग्राम बाल्लू में सामुदायिक शौचालय का निर्माण का कार्य अधर में लटका पड़ा है। शराफत अली, ताहिर, जाबिर, तहसील, जावेद, महताब आजम का कहना है कि सरकार से आवंटित धनराशि की संपूर्ण निकासी ग्राम पंचायत द्वारा कर ली गई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। सार्वजनिक शौचालय के निर्माण में देरी होने के कारण महिलाओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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नहीं खुला दरवाजा
नागल निवासी अमरीश कश्यप का कहना है कि उनके गांव में सामुदायिक शौचालय बनाया गया है, जिसका कार्य काफी समय पूर्व पूरा हो गया, लेकिन आज तक शौचालय का दरवाजा नहीं खुला है। टोपरी निवासी राजेंद्र कुमार, घानाखंड़ी निवासी सतीश का कहना है कि उनके यहां निर्माण कार्य अधर में लटका है।
स्वयं सहायता समूहों करनी है देखरेख
सामुदायिक शौचालय की देखरेख व सफाई व्यवस्था स्वयं सहायता समूहों के सदस्य करेंगे। शासन के निर्देशानुसार 650 शौचालय स्वयं सहायता समूहों को सौंप दिए गए हैं। रख-रखाव और सफाई के लिए उनको पैसा भी मिल चुका हैं, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में शौचालयों का प्रयोग पूरी तरह नहीं हो रहा है।
संचालित होंगे सभी शौचालयों: डीपीआरओ
जिले में घरों में बनाए गए शौचालय पूरी तरह प्रयोग में है। बड़ी संख्या में सामुदायिक शौचालय बन गए हैं और संचालित किए जा रहा हैं, जिन जगहों पर बंद पड़े हैं, उनको भी जल्द संचालित कराया जाएगा। ग्रामीणों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

- आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी

गांव बालू में सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य को पूरा कराने को प्रदर्शन करते ग्रामीण

गांव बालू में सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य को पूरा कराने को प्रदर्शन करते ग्रामीण- फोटो : SAHARANPUR

ग्राम बालू में अधर में लटका सामुदायिक शौचालय का कार्य

ग्राम बालू में अधर में लटका सामुदायिक शौचालय का कार्य- फोटो : SAHARANPUR

नागल में सामुदायिक शौचालय पर लगे ताले

नागल में सामुदायिक शौचालय पर लगे ताले- फोटो : SAHARANPUR

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