Saharanpur News: तीन जिलों में 14500 नमूनों से चलेगा मिट्टी की सेहत का पता,
सहारनपुर फसलों में लगातार रसायनिक उर्वरक डाले जाने के कारण जमीन की उपजाऊ क्षमता कम हो रही है।
विस्तार
सहारनपुर फसलों में लगातार रसायनिक उर्वरक डाले जाने के कारण जमीन की उपजाऊ क्षमता कम हो रही है। कहीं मिट्टी में पोटाश की कमी है तो कहीं जैविक कॉर्बन की मात्रा नहीं के बराबर है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में मिट्टी की उपजाऊ क्षमता जांचने के लिए कृषि विभाग ने तीनों जिलों से 14500 नमूने लिए गए हैं। इसमें सबसे अधिक 6600 नमूने सहारनपुर जिले से लिए गए हैं।
दरअसल, कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में तीनों जिलों की मिट्टी के अंदर जैविक कॉर्बन की कमी आई है, जिस कारण न अच्छे से फसल हो पा रही और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी खत्म होती जा रही है। ऐसे में कृषि विभाग की तरफ से सहारनपुर जिले के 11 ब्लॉक के 66 गांवों में सर्वे कर 6600 नमूने लिए गए हैं।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
प्रयोगशाला में मिट्टी के अंदर जैविक कॉर्बन, फास्फोरस, नाइट्रोजन, मैंगनीज और पोटाश आदि की मात्रा कितनी है। इसके अलावा मिट्टी के जलधारण की क्षमता, पीएच वैल्यू, ईसी की मात्रा और अम्लीयता आदि की जांच होगी।
कुछ ऐसी है 2022-23 की रिपोर्ट
सहारनपुर :
ऑर्गेनिक कार्बन
नमूने काफी कम कम मध्यम हाई
6683 1132 4578 883 90
फास्फोरस :
6683 849 4776 823 169
पोटेशियम :
6683 104 733 5552 304
मुजफ्फरनगर :
ऑर्गेनिक कार्बन
4641 262 2156 2161 62
फास्फोरस :
4641 112 1854 2634 36
पोटेशियम :
4641 29 748 3831 33
शामली :
ऑर्गेनिक कार्बन
3623 1240 2020 353 0
फास्फोरस :
3623 1231 2036 356 0
पोटेशियम :
3623 382 630 2611 0
नोट: इसके अलावा जिंक, कॉपर, आयरन, सल्फर समेत अन्य पोषक तत्वों की मात्रा भी मानक के अनुरूप नहीं मिली थी।
तीनों जिलों में मिट्टी की उपजाऊ क्षमता जांचने के लिए 14500 नमूने लिए गए हैं। जिनकी जांच का काम शुरू कर दिया गया है। मार्च माह तक इसे पूरा कर दिया जाएगा, जिससे खरीफ सीजन से पहले किसानों को यह जानकारी दी जा सके कि उनकी मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है। - पवन कुमार विश्वकर्मा, सहायक निदेशक मृदा परीक्षण/कल्चर प्रयोगशाला सहारनपुर