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जेल जाकर एसआईटी ने दर्ज किए आरोपियों के बयान

Fri, 12 Mar 2021 11:19 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Mar 2021 11:19 PM IST
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SIT went to jail and recorded the statements of the accused
जेल जाकर एसआईटी ने दर्ज किए आरोपियों के बयान
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सहारनपुर। शराब फैक्टरी से टैक्स चोरी के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के एसआईटी ने जिला कारागार पहुंचकर बयान दर्ज किए। विवेचना कर रही लखनऊ एसआईटी इस प्रकरण से जुड़े लोगों सहित आरोपियों के भी बयान दर्ज करने के अलावा साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। इस हाईप्रोफाइल मामले को लेकर शासन भी गंभीर है। आबकारी के सात अधिकारियों को निलंबित तक किया जा चुका है।
कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित दि कोऑपरेटिव कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शराब फैक्टरी से फर्जी बिल्टी और फर्जी बारकोड के जरिये शराब निकालने में 100 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी हुई। इसका खुलासा एसटीएफ की टीम ने तीन दिन तक सहारनपुर से लेकर उन्नाव में शराब के गोदाम तक निगरानी करने के बाद छापा मारकर किया था। इसकी रिपोर्ट सहायक आबकारी आयुक्त मेरठ मोहम्मद आरिफ जमील की तरफ से कोतवाली देहात में दर्ज कराई गई थी। मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था।
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वहीं, बीते एक सप्ताह से एसआईटी लखनऊ से आईपीएस देवरंजन वर्मा के नेतृत्व में टीम विवेचना के लिए सहारनपुर आई हुई है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को एसआईटी ने जिला कारागार पहुंचकर आठों बंदियों के बयान दर्ज कए। आरोपियों से कई बिंदुओं पर पूछताछ की गई। इसके अलावा दो अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए गए हैं, जो शराब फैक्टरी से जुड़े हैं।
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अजय जायसवाल ने बना रखा था सिंडिकेट
सहारनपुर। टपरी स्थित शराब फैक्टरी से उन्नाव के ठेकेदार अजय जायसवाल के गोदाम पर टैक्स चोरी की शराब भेजी जा रही थी। इसी कारण देहात कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में अजय जायसवाल को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने उन्नाव जाकर भी पड़ताल की, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें भी सामने आई हैं। पता चला है कि अजय जायसवाल ने शराब बिक्री का पूरा सिंडिकेट बना रखा था। उसने करीब 200 लोगों को जोड़कर गिरोह बनाया था, जो शराब की दुकानों के आवंटन में आवेदन करते थे। ऐसी करीब 15 से ज्यादा दुकानें अजय जायसवाल के सहयोगियों के नाम पर थीं। इन सभी को अजय के गोदाम से ही शराब की सप्लाई की जा रही थी। लिहाजा एसआईटी को सहारनपुर में विवेचना पूरी करने के बाद उन्नाव में भी कई दिन तक तफ्तीश में लगाने होंगे।

जीपीएस लोकेशन से होगा मिलान
एसआईटी ने शराब फैक्टरी से शराब लेकर निकलने वाले वाहनों का ब्यौरा जुटा लिया और इनकी जीपीएस लोकेशन भी निकलवाई है। यह पता चला है कि 650 से 700 बार फैक्टरी से शराब के वाहनों की निकासी हुई। इसके साथ ही शराब फैक्टरी के कर्मियों द्वारा जारी बारकोड, शराब की सप्लाई और बिक्री से प्राप्त भुगतान का मिलान किया जाएगा। ताकि यह निर्धारण हो सके कि कुल कितनी टैक्स चोरी शराब फैक्टरी से हो रही थी।
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