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Saharanpur News: एसआईटी ने एनआईए को सौंपी जाली नोटों की जांच
Sat, 12 Sep 2026 01:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:08 AM IST
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सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने के मामले में एनआईए ने जांच और तेज कर दी है। अब एसआईटी ने भी जाली नोट जांच में जुटाए साक्ष्यों की केस डायरी एनआईए को सौंप दी है। इस केस डायरी से एनआईए को जांच करने में जाली नोटों के स्रोतों और आरोपियों तक पहुंचने में काफी मदद मिलेगी।
29 अगस्त को पंजाब नेशनल बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने 17.29 करोड़ के जाली मिलने मामले में तीन प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला सामने आने के बाद शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी। डीआईजी अभिषेक सिंह के आदेश पर एसएसपी अभिनंदन सिंह सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी के साथ क्राइम ब्रांच भी आरोपियों तक पहुंचने और साक्ष्य जुटाने में लगी थी।
जांच के दौरान दर्ज किए गए बयान, बरामदगी का विवरण सामने आए तथ्य व अन्य साक्ष्यों की केस डायरी में शामिल किया गया है। कागजी कार्रवाई करने के बाद अब एसआईटी ने केस डायरी एनआईए को सौंप दी है। एजेंसी इन तथ्यों को अपनी जांच के निष्कर्षों के साथ मिलाकर देखेगी। इससे जांच में सामने आए नए बिंदुओं की पहचान होने की संभावना है। एनआईए का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि नकली नोटों का नेटवर्क किस स्तर तक फैला है और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था। संदिग्ध लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं।
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29 अगस्त को पंजाब नेशनल बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने 17.29 करोड़ के जाली मिलने मामले में तीन प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला सामने आने के बाद शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी। डीआईजी अभिषेक सिंह के आदेश पर एसएसपी अभिनंदन सिंह सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी के साथ क्राइम ब्रांच भी आरोपियों तक पहुंचने और साक्ष्य जुटाने में लगी थी।
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जांच के दौरान दर्ज किए गए बयान, बरामदगी का विवरण सामने आए तथ्य व अन्य साक्ष्यों की केस डायरी में शामिल किया गया है। कागजी कार्रवाई करने के बाद अब एसआईटी ने केस डायरी एनआईए को सौंप दी है। एजेंसी इन तथ्यों को अपनी जांच के निष्कर्षों के साथ मिलाकर देखेगी। इससे जांच में सामने आए नए बिंदुओं की पहचान होने की संभावना है। एनआईए का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि नकली नोटों का नेटवर्क किस स्तर तक फैला है और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था। संदिग्ध लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं।
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