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हटेंगी पांवधोई पर कब्जा कर बनाई गईं दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:15 AM IST
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दुकाने हटाने काे कहते डीएम आैर एसएसपी।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में पांवधोई नदी पर कब्जा कर बनाई गई दर्जनों दुकानें जल्द हटाई जाएंगी। बुधवार को डीएम पीके पांडेय ने मौके पर पहुंचकर दुकानदारों को अपने लिए कहीं अलग व्यवस्था कर लेने को कहा।
अमर उजाला ने आठ फरवरी 2018 के संस्करण में सहारनपुर में संकट में हैं जीवनदायिनी रहीं नदियों का जीवन समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें पांवधोई नदी पर कब्जा कर बनाई गई दुकानों को प्रमुखता से उठाया गया था।
पांवधोई नदी सहारनपुर की गंगा कही जाती है, जिसका स्थानीय स्तर पर धार्मिक महत्व भी है। नदी का उद्गम शंकलापुरी स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पास है। शहर में घुसने से पहले नदी का पानी अविरल है, जिसमें तमाम तरह के जलीय जीव पनप और पल रहे हैं।
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मगर शहर में एंट्री करते ही नदी में नाले और सीवर डलने की वजह से वह पूरी तरह दूषित हो रही है। इतना ही नहीं, नदी के तट पर जगह-जगह अतिक्रमण और स्थाई कब्जे हैं। धोबीघाट से नदी के ढमोला नदी में गिरने तक नदी के दोनों साइड दीवारें बनाई गई हैं, जिनपर जाल तक लगे हैं।
मगर इसके बावजूद लोगों ने पिलर खड़े कर पक्की दुकानें बना ली हैं। जिनकी संख्या तीन दर्जन से अधिक है। दालमंडी पुल से राकेश टाकीज तक नदी पर कब्जा कर दुकानें, मकान और धार्मिक स्थल तक बनाए गए हैं।
वर्ष 2013 में भारी बारिश की वजह से नदी उफान पर आई थी, जिसकी वजह से कब्जाधारी मुसीबत में आ गए थे। अमर उजाला ने आठ फरवरी 2018 के संस्करण में पांवधोई नदी पर हुए कब्जों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
बुधवार को डीएम पीके पांडेय नदी पर हुए कब्जों को देखने पहुंचे। उन्होंने दुकानदारों को फटकार लगाते हुए अन्य जगह व्यवस्था कर लेने को कहा। दुकानदारों का कहना था कि उन्हें यह दुकानें नगर निगम ने अलॉट की हैं।
ऐसे में डीएम ने कहा कि नगर नगम के अधिकारियों से बात करो, मगर नदी से अतिक्रमण जरूर हटेगा। डीएम के साथ एसएसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह समेत अनेक अधिकारी भी रहे।
नगर निगम ने कैसे बेच दी नदी
दुकानदारों ने डीएम पीके पांडेय को बताया कि नगर निगम ने उन्हें यह दुकानें अलॉट की हुई हैं। नगर निगम बाकायदा किराया तक वसूलता है। उधर, नगर निगम के संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद ने बताया कि दालमंडी पुल के पास पुराने जमाने से फड़े लगाए जा रहे हैं। उनको फड़े की जगह नगर निगम के द्वारा आवंटित की गई हैं या नहीं इसकी जांच की जाएगी।
ढमोला नदी पर चिह्नित किया जा रहा अतिक्रमण
प्रशासन ढमोला नदी पर हुए अतिक्रमण को भी चिह्नित करने में जुटा है। पिछले करीब एक सप्ताह से चिह्नीकरण की कार्रवाई चल रही है। हालांकि अतिक्रमण का चिह्नीकरण वर्ष 2013 में भी हुआ था। तब 152 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए थे। मगर प्रशासन अतिक्रमण हटाने से पहले एक बार फिर से चिह्नीकरण करा रहा है।
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बुधवार को हम पुराने शहर में बनाई जा रही सड़क को देखने गए थे। इस दौरान पांवधोई पर हुए अतिक्रमण को भी देखा। नदी पर हुए स्थाई अतिक्रमण की जांच कराई जा रही है। पहले चरण में हम अस्थाई रूप से हुए कब्जों को हटवाएंगे।
पीके पांडेय, डीएम।
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अमर उजाला ने आठ फरवरी 2018 के संस्करण में सहारनपुर में संकट में हैं जीवनदायिनी रहीं नदियों का जीवन समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें पांवधोई नदी पर कब्जा कर बनाई गई दुकानों को प्रमुखता से उठाया गया था।
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पांवधोई नदी सहारनपुर की गंगा कही जाती है, जिसका स्थानीय स्तर पर धार्मिक महत्व भी है। नदी का उद्गम शंकलापुरी स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पास है। शहर में घुसने से पहले नदी का पानी अविरल है, जिसमें तमाम तरह के जलीय जीव पनप और पल रहे हैं।
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मगर शहर में एंट्री करते ही नदी में नाले और सीवर डलने की वजह से वह पूरी तरह दूषित हो रही है। इतना ही नहीं, नदी के तट पर जगह-जगह अतिक्रमण और स्थाई कब्जे हैं। धोबीघाट से नदी के ढमोला नदी में गिरने तक नदी के दोनों साइड दीवारें बनाई गई हैं, जिनपर जाल तक लगे हैं।
मगर इसके बावजूद लोगों ने पिलर खड़े कर पक्की दुकानें बना ली हैं। जिनकी संख्या तीन दर्जन से अधिक है। दालमंडी पुल से राकेश टाकीज तक नदी पर कब्जा कर दुकानें, मकान और धार्मिक स्थल तक बनाए गए हैं।
वर्ष 2013 में भारी बारिश की वजह से नदी उफान पर आई थी, जिसकी वजह से कब्जाधारी मुसीबत में आ गए थे। अमर उजाला ने आठ फरवरी 2018 के संस्करण में पांवधोई नदी पर हुए कब्जों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
बुधवार को डीएम पीके पांडेय नदी पर हुए कब्जों को देखने पहुंचे। उन्होंने दुकानदारों को फटकार लगाते हुए अन्य जगह व्यवस्था कर लेने को कहा। दुकानदारों का कहना था कि उन्हें यह दुकानें नगर निगम ने अलॉट की हैं।
ऐसे में डीएम ने कहा कि नगर नगम के अधिकारियों से बात करो, मगर नदी से अतिक्रमण जरूर हटेगा। डीएम के साथ एसएसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह समेत अनेक अधिकारी भी रहे।
नगर निगम ने कैसे बेच दी नदी
दुकानदारों ने डीएम पीके पांडेय को बताया कि नगर निगम ने उन्हें यह दुकानें अलॉट की हुई हैं। नगर निगम बाकायदा किराया तक वसूलता है। उधर, नगर निगम के संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद ने बताया कि दालमंडी पुल के पास पुराने जमाने से फड़े लगाए जा रहे हैं। उनको फड़े की जगह नगर निगम के द्वारा आवंटित की गई हैं या नहीं इसकी जांच की जाएगी।
ढमोला नदी पर चिह्नित किया जा रहा अतिक्रमण
प्रशासन ढमोला नदी पर हुए अतिक्रमण को भी चिह्नित करने में जुटा है। पिछले करीब एक सप्ताह से चिह्नीकरण की कार्रवाई चल रही है। हालांकि अतिक्रमण का चिह्नीकरण वर्ष 2013 में भी हुआ था। तब 152 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए थे। मगर प्रशासन अतिक्रमण हटाने से पहले एक बार फिर से चिह्नीकरण करा रहा है।
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बुधवार को हम पुराने शहर में बनाई जा रही सड़क को देखने गए थे। इस दौरान पांवधोई पर हुए अतिक्रमण को भी देखा। नदी पर हुए स्थाई अतिक्रमण की जांच कराई जा रही है। पहले चरण में हम अस्थाई रूप से हुए कब्जों को हटवाएंगे।
पीके पांडेय, डीएम।