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शिक्षामित्र बोले, नौकरी दो या दे दो मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 15 Sep 2015 11:57 PM IST
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उच्च न्यायालय द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद करने के बाद से शिक्षामित्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। न्यायालय के आदेश के विरोध में शिक्षामित्रों ने दूसरे दिन भी स्कूलों में तालाबंदी कर शहर में जगह-जगह मानव श्रृंखला बनाकर जाम लगाया।
घंटाघर चौक पर गाड़ियों में तोड़फोड़ का भी प्रयास किया गया। बाद में प्रशासनिक अफसरों और सांसद को ज्ञापन देकर इच्छा मृत्यु की मांग की।
सुबह करीब 11 बजे समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र गांधी पार्क पहुंचे। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप और उप्र शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश से शिक्षामित्रों को आघात पहुंचा है।
जिसके कारण शिक्षामित्र आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। गांधी पार्क से शिक्षामित्र घंटाघर चौक पहुंचे। यहां गाड़ियों में तोड़फोड़ का प्रयास किया। इसके बाद जीपीओ रोड और दीवानी कचहरी पर जाम लगाते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां मानव श्रृंखला बनाकर करीब एक घंटे तक जाम लगाए रखा।
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शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट राजेश गुप्ता मौके पहुंचे और राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन लेकर बामुश्किल जाम खुलवाया।
जिला मुख्यालय के बाद शिक्षामित्र दिल्ली रोड स्थित सांसद राघव लखन पाल शर्मा के आवास पहुंचे। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने सांसद आवास पर भी जाम लगाकर आक्रोश जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन सांसद को देकर शिक्षामित्रों के हित में सुप्रीम कोर्ट में काउंटर दाखिल कराने की मांग की।
इस दौरान संजय शर्मा, मंसूर अहमद, रविंद्र पंवार, तालिब हसन, मो. वसीम आदि ने भी संबोधित किया। जनक सिंह, कुलदीप, संदीप, इंदुबाला, ऊषा शर्मा, ममता, रजनीबाला, अमजद, सुरेंद्र, नीलम, अमित, विजय सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
जाम लगाते समय बेहोश हुए शिक्षामित्र
सहारनपुर। शिक्षामित्रों की ओर से शहर में जाम लगाने के दौरान कई शिक्षामित्र बेहोश होकर रास्ते पर ही गिर पड़े। कोर्ट रोड पर शिक्षामित्र राजबीर सिंह इच्छा मृत्यु की मांग करते समय बेहोश होकर गिर पड़ा। वहीं सांसद आवास पर शिक्षामित्र संगठन की जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप और शिक्षामित्र दीपा बेहोश होकर गिर पड़ी। तीनों को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दोपहर तक जाम रहा पूरा शहर
सहारनपुर। शिक्षामित्रों के विरोध-प्रदर्शन के कारण सुबह से लेकर अपराह्न तक पूरा शहर जाम रहा। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने घंटाघर से लेकर कोर्ट रोड, जिला मुख्यालय, सांसद आवास आदि पर जाम लगाया। इसके चलते पूरे शहर में जाम की स्थिति बनी रही। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिक्षकों से मारपीट होते होते बची
शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन स्कूलों के शिक्षकों पर भी भारी पड़ा। जनपद के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाना चाहा तो शिक्षामित्रों ने विरोध जताते हुए स्कूलों पर जबरन तालाबंदी करा दी। इसके चलते कुछ स्कूलों में शिक्षक और शिक्षामित्रों में मारपीट होते होते बची।
रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेंगे
शिक्षामित्रों की कार्यप्रणाली की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन को भेजकर अवगत कराया जाएगा।
-बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए, सहारनपुर।
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घंटाघर चौक पर गाड़ियों में तोड़फोड़ का भी प्रयास किया गया। बाद में प्रशासनिक अफसरों और सांसद को ज्ञापन देकर इच्छा मृत्यु की मांग की।
सुबह करीब 11 बजे समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र गांधी पार्क पहुंचे। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप और उप्र शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश से शिक्षामित्रों को आघात पहुंचा है।
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जिसके कारण शिक्षामित्र आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। गांधी पार्क से शिक्षामित्र घंटाघर चौक पहुंचे। यहां गाड़ियों में तोड़फोड़ का प्रयास किया। इसके बाद जीपीओ रोड और दीवानी कचहरी पर जाम लगाते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां मानव श्रृंखला बनाकर करीब एक घंटे तक जाम लगाए रखा।
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शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट राजेश गुप्ता मौके पहुंचे और राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन लेकर बामुश्किल जाम खुलवाया।
जिला मुख्यालय के बाद शिक्षामित्र दिल्ली रोड स्थित सांसद राघव लखन पाल शर्मा के आवास पहुंचे। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने सांसद आवास पर भी जाम लगाकर आक्रोश जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन सांसद को देकर शिक्षामित्रों के हित में सुप्रीम कोर्ट में काउंटर दाखिल कराने की मांग की।
इस दौरान संजय शर्मा, मंसूर अहमद, रविंद्र पंवार, तालिब हसन, मो. वसीम आदि ने भी संबोधित किया। जनक सिंह, कुलदीप, संदीप, इंदुबाला, ऊषा शर्मा, ममता, रजनीबाला, अमजद, सुरेंद्र, नीलम, अमित, विजय सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
जाम लगाते समय बेहोश हुए शिक्षामित्र
सहारनपुर। शिक्षामित्रों की ओर से शहर में जाम लगाने के दौरान कई शिक्षामित्र बेहोश होकर रास्ते पर ही गिर पड़े। कोर्ट रोड पर शिक्षामित्र राजबीर सिंह इच्छा मृत्यु की मांग करते समय बेहोश होकर गिर पड़ा। वहीं सांसद आवास पर शिक्षामित्र संगठन की जिलाध्यक्ष अंजू कश्यप और शिक्षामित्र दीपा बेहोश होकर गिर पड़ी। तीनों को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दोपहर तक जाम रहा पूरा शहर
सहारनपुर। शिक्षामित्रों के विरोध-प्रदर्शन के कारण सुबह से लेकर अपराह्न तक पूरा शहर जाम रहा। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने घंटाघर से लेकर कोर्ट रोड, जिला मुख्यालय, सांसद आवास आदि पर जाम लगाया। इसके चलते पूरे शहर में जाम की स्थिति बनी रही। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिक्षकों से मारपीट होते होते बची
शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन स्कूलों के शिक्षकों पर भी भारी पड़ा। जनपद के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाना चाहा तो शिक्षामित्रों ने विरोध जताते हुए स्कूलों पर जबरन तालाबंदी करा दी। इसके चलते कुछ स्कूलों में शिक्षक और शिक्षामित्रों में मारपीट होते होते बची।
रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेंगे
शिक्षामित्रों की कार्यप्रणाली की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन को भेजकर अवगत कराया जाएगा।
-बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए, सहारनपुर।