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शौचालयों से निकलने वाले सीवेज का होगा निस्तारण
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सहारनपुर। शहर में शौचालयों के सेफ्टी टैंक से निकलने वाला सीवेज (तरल अपशिष्ट) अब खुले में नहीं डाला जाएगा। नगर निगम सीवेज को एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) के जरिए निस्तारित कर पानी को अलग कर सिंचाई के लायक बनाएगा, जबकि ठोस अपशिष्ट का प्रयोग खाद बनाने में किया जाएगा।
अभी तक ज्यादातर लोगों ने घरों में अपने निजी शौचालयों के सेफ्टी टैंकों के पाइप नालों और नालियों में डाले हुए हैं तो कई लोग सेफ्टी टैंकों की सफाई कराते हैं। सफाई में निकलने वाले सीवेज को नदी और नालों में डाल दिया जाता है। इस वजह से भी नदियां और हवा दूषित होती है, मगर अब ऐसा नहीं होगा। शहर में 25 केएलडी (किलो लीटर पर डे) की क्षमता का एफएसटीपी का निर्माण मल्हीपुर रोड स्थित एसटीपी प्लांट परिसर में हो रहा है, जो दो से तीन महीने में पूर्ण हो जाएगा।
ऐसे इकट्ठा होगा सीवेज
घरों के सेफ्टी टैंक खाली कराने के लिए नगर निगम के टोल फ्री नंबर पर कॉल करनी होगी। नगर निगम की गाड़ी सेफ्टी टैंक से सीवेज निकालकर एफएसटीपी पहुंचाएगी। टैंक खाली करने के लिए शुल्क निर्धारित होगा। सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के सीवेज को भी ऐसे ही निस्तारित किया जाएगा। एफएसटीपी चालू होने के बाद यदि कोई निजी टैंकर सीवेज को खुले में डालेगा तो भारी जुर्माना लगेगा। निजी टैंकर वालों को भी सीवेज एफएसटीपी को ही देना होगा।
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----- शहर में शौचालय
सामुदायिक शौचालय -- 31
सार्वजनिक शौचालय -- 26
पिंक शौचालय ----- 01
निर्माणाधीन शौचालय -- 10
घरों में शौचालय ----- करीब एक लाख
---- वर्जन
25 केएलडी के एफएसटीपी का निर्माण एसटीपी परिसर में चल रहा है। निर्माण जल्द ही पूर्ण कराकर नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। -- वेदपाल सिंह, सहायक अभियंता, जल निगम।
----- वर्जन
जल निगम द्वारा एफएसटीपी तैयार किया जा रहा है। यह अच्छा कदम है, जो वायु और जल प्रदूषण को रोकने में मददगार साबित होगा। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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अभी तक ज्यादातर लोगों ने घरों में अपने निजी शौचालयों के सेफ्टी टैंकों के पाइप नालों और नालियों में डाले हुए हैं तो कई लोग सेफ्टी टैंकों की सफाई कराते हैं। सफाई में निकलने वाले सीवेज को नदी और नालों में डाल दिया जाता है। इस वजह से भी नदियां और हवा दूषित होती है, मगर अब ऐसा नहीं होगा। शहर में 25 केएलडी (किलो लीटर पर डे) की क्षमता का एफएसटीपी का निर्माण मल्हीपुर रोड स्थित एसटीपी प्लांट परिसर में हो रहा है, जो दो से तीन महीने में पूर्ण हो जाएगा।
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ऐसे इकट्ठा होगा सीवेज
घरों के सेफ्टी टैंक खाली कराने के लिए नगर निगम के टोल फ्री नंबर पर कॉल करनी होगी। नगर निगम की गाड़ी सेफ्टी टैंक से सीवेज निकालकर एफएसटीपी पहुंचाएगी। टैंक खाली करने के लिए शुल्क निर्धारित होगा। सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के सीवेज को भी ऐसे ही निस्तारित किया जाएगा। एफएसटीपी चालू होने के बाद यदि कोई निजी टैंकर सीवेज को खुले में डालेगा तो भारी जुर्माना लगेगा। निजी टैंकर वालों को भी सीवेज एफएसटीपी को ही देना होगा।
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----- शहर में शौचालय
सामुदायिक शौचालय -- 31
सार्वजनिक शौचालय -- 26
पिंक शौचालय ----- 01
निर्माणाधीन शौचालय -- 10
घरों में शौचालय ----- करीब एक लाख
---- वर्जन
25 केएलडी के एफएसटीपी का निर्माण एसटीपी परिसर में चल रहा है। निर्माण जल्द ही पूर्ण कराकर नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। -- वेदपाल सिंह, सहायक अभियंता, जल निगम।
----- वर्जन
जल निगम द्वारा एफएसटीपी तैयार किया जा रहा है। यह अच्छा कदम है, जो वायु और जल प्रदूषण को रोकने में मददगार साबित होगा। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।