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आतंकियों की तलाश में तेज होगा सर्च ऑपरेशन
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सहारनपुर। दिल्ली में आतंकियों के पकड़े जाने के बाद जनपद पुलिस सतर्क हो गई है। क्योंकि, इन आतंकियों के साथियों के उत्तर प्रदेश में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। इसको देखते हुए जनपद में सर्च ऑपरेशन को तेज किया जाएगा। क्योंकि, जिले में पहले कई आतंकी गतिविधियां सामने आ चुकी हैं।
एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने खुफिया तंत्र को पूरी तरह सतर्क रहने निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रत्येक थाना स्तर पर पुलिस की स्पेशल टीमों के जरिए अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध को चिह्नित कर पूछताछ करने के निर्देश दिए। क्योंकि, जिले में पूर्व में कई बार आतंकी गतिविधियां सामने आ चुकी हैं। देवबंद के अलावा जनपद के अन्य क्षेत्रों से संदिग्ध पकड़े जा चुके हैं, जबकि अन्य राज्यों और जनपदों की पुलिस ने यहां से आतंकी भी पकड़े हैं। इसको लेकर जिला पुलिस सतर्क हो गई है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस निगरानी कर रही है। समस्त थाना प्रभारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
जिले में सामने आई प्रमुख गतिविधियां
--- छह माह पूर्व थाना कुतुबशेर क्षेत्र की एकता कॉलोनी में वर्षों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी पिता-पुत्र को एटीएस ने पकड़ा था।
-- दो वर्ष पूर्व देवबंद से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाहनवाज तेली निवासी कुलगाम (जम्मू-कश्मीर) और आकिब अहमद मलिक निवासी पुलवामा की गिरफ्तारी हुई।
-- सितंबर 2015 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीमों ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बाहर से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख को दबोचा।
-- 2010 में पाकिस्तानी जासूस शाहिद उर्फ इकबाल भट्टी को पटियाला पुलिस ने हकीकतनगर से गिरफ्तार किया, जो देवराज सहगल के नाम से यहां रह रहा था।
-- 2005 में अयोध्या में हुए बम विस्फोट में तीतरो निवासी डॉ. इरफान को पकड़ा गया।
-- 2001 में आतंकी गतिविधियों के चलते मुफ्ती इसरार को पकड़ा गया।
-- 1994 में तीन ब्रिटिश नागरिकों को बंधक बनाकर आतंकियों ने खाताखेड़ी में रखा था। इन्हें छुड़ाने के लिए हुई मुठभेड़ में इंस्पेक्टर ध्रुवलाल की मौत हा गई थी।
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-- 1991 में लक्ष्मी सिनेमा में बम फटा था, जिसमें करीब दस लोग मरे थे, उस समय घटना में आतंकियों का हाथ बताया गया था।
-- किफायत उल्लाह उर्फ जाफर अहमद उर्फ अताउरर्हमान उर्फ अल उल्लाह मोहल्ला कस्साबान सरसावा का रहने वाला था, जो बाद में जम्मू-कश्मीर चला गया था, फिर आतंकी संगठन हूजी का चीफ बना था।
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एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने खुफिया तंत्र को पूरी तरह सतर्क रहने निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रत्येक थाना स्तर पर पुलिस की स्पेशल टीमों के जरिए अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध को चिह्नित कर पूछताछ करने के निर्देश दिए। क्योंकि, जिले में पूर्व में कई बार आतंकी गतिविधियां सामने आ चुकी हैं। देवबंद के अलावा जनपद के अन्य क्षेत्रों से संदिग्ध पकड़े जा चुके हैं, जबकि अन्य राज्यों और जनपदों की पुलिस ने यहां से आतंकी भी पकड़े हैं। इसको लेकर जिला पुलिस सतर्क हो गई है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस निगरानी कर रही है। समस्त थाना प्रभारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
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जिले में सामने आई प्रमुख गतिविधियां
--- छह माह पूर्व थाना कुतुबशेर क्षेत्र की एकता कॉलोनी में वर्षों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी पिता-पुत्र को एटीएस ने पकड़ा था।
-- दो वर्ष पूर्व देवबंद से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाहनवाज तेली निवासी कुलगाम (जम्मू-कश्मीर) और आकिब अहमद मलिक निवासी पुलवामा की गिरफ्तारी हुई।
-- सितंबर 2015 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीमों ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बाहर से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख को दबोचा।
-- 2010 में पाकिस्तानी जासूस शाहिद उर्फ इकबाल भट्टी को पटियाला पुलिस ने हकीकतनगर से गिरफ्तार किया, जो देवराज सहगल के नाम से यहां रह रहा था।
-- 2005 में अयोध्या में हुए बम विस्फोट में तीतरो निवासी डॉ. इरफान को पकड़ा गया।
-- 2001 में आतंकी गतिविधियों के चलते मुफ्ती इसरार को पकड़ा गया।
-- 1994 में तीन ब्रिटिश नागरिकों को बंधक बनाकर आतंकियों ने खाताखेड़ी में रखा था। इन्हें छुड़ाने के लिए हुई मुठभेड़ में इंस्पेक्टर ध्रुवलाल की मौत हा गई थी।
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-- 1991 में लक्ष्मी सिनेमा में बम फटा था, जिसमें करीब दस लोग मरे थे, उस समय घटना में आतंकियों का हाथ बताया गया था।
-- किफायत उल्लाह उर्फ जाफर अहमद उर्फ अताउरर्हमान उर्फ अल उल्लाह मोहल्ला कस्साबान सरसावा का रहने वाला था, जो बाद में जम्मू-कश्मीर चला गया था, फिर आतंकी संगठन हूजी का चीफ बना था।