फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Schools will be buzzing with students who are bored with online studies

छात्र-छात्राओं का ठहराव और शिक्षकों से समन्वय होगा स्थापित

Tue, 29 Mar 2022 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 11:12 PM IST
विज्ञापन
Schools will be buzzing with students who are bored with online studies
छुटमलपुर के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा के पढ़ रहे छात्र-छात्राएं। - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कोविड संक्रमण काल में छात्र-छात्राओं का भविष्य स्मार्ट फोन पर पढ़ाई में सिमट कर रह गया था। दो साल कोविड संक्रमण की बंदिशें खत्म होने के बाद अब एक नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। ऐसे में अब स्कूल, कॉलेज छात्र-छात्राओं की चहलकदमी से गुलजार होंगे। स्कूलों में शिक्षकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित होगा और एकाकीपन दूर होगा। सभी विद्यार्थियों को अब ऑफलाइन पढ़ाई करने से नए अनुभव मिलेंगे। कोरोना संक्रमण के बाद शिक्षा के स्तर में बदलाव पर शिक्षकों और छात्रों से बातचीत...
विज्ञापन

ऑनलाइन पढ़ाई से शैक्षिक स्तर गिरा
- ऑनलाइन पढ़ाई से स्वास्थ्य और शिक्षा में गिरावट आई। मुखिया के स्मार्ट फोन पर कोर्स पूरा करने को विवश होना पड़ता था। करीब 35 से 40 फीसदी बच्चे स्मार्ट फोन नहीं होने के कारण पढ़ाई में पिछड़ रहे थे। ग्रामीण
विज्ञापन

अंचलों के बच्चों का मानसिक और बौद्धिक स्तर सुधारने के लिए शिक्षकों को मेहनत करनी होगी। स्कूल नियमित आने से अनुशासन और संवाद बढ़ेगा।
-सचिन भारद्वाज शिक्षक एसआर पब्लिक स्कूल गागलहेड़ी
स्कूलों में व्यावहारिक ज्ञान में होगी वृद्धि
-कोरोना और फिर ओमिक्रॉन के खतरा टलने के बाद स्कूलों में ऑफलाइन शिक्षा मिलने से छात्र-छात्राओं में व्यावहारिक ज्ञान में बढ़ोतरी होगी। संसाधनों की कमी भी दूर होगी और शिक्षकों से रूबरू होकर कोर्स की हर उलझन दूर करने का मौका मिलेगा। आंखों का संपर्क, संवाद और समन्वय बनने से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। स्कूलों के मैदानों पर छात्र-छात्राओं की उछल कूद उनके स्वास्थ्य और शारीरिक विकास के लिए अनुकूल होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बृजेश शर्मा (मुख्यमंत्री सम्मान पुरस्कृत शिक्षक)
सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटर कॉलेज जंधेड़ा समसपुर
जमीन पर बदलाव दिखेगा
-शिक्षा के स्तर में पहली अप्रैल से जमीन पर बदलाव स्कूलों में दिखेगा। निर्धारित पाठ्यक्रम के साथ स्कूलों में मासिक टेस्ट प्रक्रिया से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। लर्निंग गैप खत्म होगा और शत-प्रतिशत ठहराव होने से नई-नई जानकारियां मिलेंगी। ज्ञान बढ़ेगा। स्कूलों की रौनक पहले की तरह लौटेगी।
- शिक्षिका अंजली, प्राथमिक विद्यालय छुटमलपुर नंबर 2
बच्चों की जुबानी
देवबंद के देहरादून पब्लिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले वासू वर्मा, ंसाक्षी सिंघल, गंगोह की वंशिका कहते है शत-प्रतिशत स्कूल खुलने से उन्हें अच्छा लग रहा है। स्कूलों के किताबी ज्ञान के साथ अन्य जानकारियां मिलती

है। स्मार्ट फोन के झंझट खत्म होने से आंखों को आराम मिलेगा।
स्कूलों में लागू होगी निपुण भारत योजना
एक अप्रैल से स्कूलों में निपुण भारत योजना लागू होगी। कक्षा एक से तीन तक के बच्चों की भाषा और गणित पर विशेष फोकस रहेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। पहली बार अरली चाइल्ड केयर एजुकेशन (ईसीपीई) के माध्यम से कम उम्र के बच्चों को गांव-गांव में प्रशिक्षित किया जाएगा।
- अंबरीष कुमार
बीएसए, सहारनपुर

शिक्षिका अंजली।

शिक्षिका अंजली।- फोटो : SAHARANPUR

शिक्षक सचिन भारद्वाज

शिक्षक सचिन भारद्वाज- फोटो : SAHARANPUR

शिक्षक बृजेश शर्मा ।

शिक्षक बृजेश शर्मा ।- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed