उफान पर बरसाती नदियां: शाकंभरी देवी मंदिर में जाने से श्रद्धालुओं को रोका, दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा
Saharanpur Flood News : बरसाती नदियों के उफान पर आने से श्रद्धालुओं को शाकंभरी देवी मंदिर में जाने से रोक दिया गया है। वहीं, दर्जनों गांवों का संपर्क भी टूट गया है।
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पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद शनिवार की सुबह शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली सभी बरसाती नदियों में पानी आ गया। दोपहर के समय जलस्तर बढ़ने से नदियां पूरे उफान आ गईं।
वहीं, शाकंभरी देवी में खोल (नदी) में पानी आने पर पुलिस ने अलर्ट जारी करते हुए श्रद्धालुओं को बाबा भूरादेव मंदिर से वापस करना शुरू कर दिया। माइक से अनाउंसमेंट कर पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को नदी की तरफ जाने से मना करते रहे हैं।
उधर, सिद्ध पीठ में दर्शनों के लिए पहले से गए हुए श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया। इसके अलावा बरसाती नदियों में पानी के चलते क्षेत्र के दर्जनों गांव का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। बेहट-शाकंभरी देवी व बेहट-बिहारीगढ़ रूट भी बंद रहने से बसों का संचालन बंद रहा।
यमुना का जलस्तर बढ़ा
पहाड़ों पर हो रही बरसात से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में हथिनी कुंड बैराज से पूर्वी यमुना और पश्चिमी यमुना नहरों को फिर से बंद कर दिया गया है। पीछे से आ रहे पानी को बैराज में लगातार सीधा यमुना में छोड़ा जा रहा है। बैराज के नियमों के अनुसार, 80 हजार क्यूसेक से अधिक पानी होने पर दोनों नहरों को बंद कर पानी सीधा छोड़ा जाता है। दोपहर 12 बजे 2.40 लाख से अधिक क्यूसेक पानी लगातार यमुना में चल रहा था। ऐसे में शामली, बागपत और दिल्ली में फिर से बाढ़ के हालात बन सकते हैं।
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हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी से लगातार चल रहा पानी
सुबह 9 बजे 1,47,857 क्यूसेक
10 बजे 2,09,042 क्यूसेक
11 बजे 2,23,054 क्यूसेक
दोपहर 12 बजे 2,40,825 क्यूसेक
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