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सहारनपुर: यहां मिला स्टेगोडॉन हाथी का 50 लाख साल पुराना जबड़ा, विशेषज्ञ हैं उत्साहित, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Sun, 09 Oct 2022 12:41 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Sun, 09 Oct 2022 12:41 AM IST
सार

डॉ. उमर सैफ ने बताया कि शिवालिक में सहंसरा गंगा क्षेत्र स्टेगोडॉन हाथियों का गढ़ रहा है। यहां करीब 30 लाख साल तक यह हाथी रहे, जो लाखों साल पहले विलुप्त हो गए।

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Saharanpur: the jaw of Stegodon elephant 50 lakh-year-old found from closet Bahalolpur
फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सहारनपुर में कोठरी बहलोलपुर ग्राम पंचायत स्थित जैव विविधता पार्क के बीच से होकर बह रही सहंसरा गंगा से विलुप्त हो चुके स्टेगोडॉन हाथी का 50 लाख साल से अधिक पुराना जबड़ा मिला है। जबड़े को फिलहाल सहंसरा गंगा किनारे स्थित प्राकृतिक इतिहास शोध एवं संरक्षण केंद्र में रखा गया है। दो साल पहले भी सहारनपुर में स्टेगोडॉन हाथी का जबड़ा मिल चुका है।

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हिमालयन इंस्टीट्यूट की विंग हिमालयन नेचुरल हिस्ट्री रिसर्च एंड कंजरवेशन सेंटर के निदेशक डॉ. उमर सैफ ने बताया कि शिवालिक में सहंसरा गंगा क्षेत्र स्टेगोडॉन हाथियों का गढ़ रहा है। यहां करीब 30 लाख साल तक यह हाथी रहे, जो लाखों साल पहले विलुप्त हो गए। उन्होंने बताया कि स्टेगोडॉन प्राचीन यूनानी शब्द स्टेगो टू कवर शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है छत वाला दांत। यह हाथियों की विलुप्त प्रजाति है। उन्होंने बताया कि यह जबड़ा सेंटर फॉर वाटर पीस की शोधकर्ता सारा हनीफ को पिछले सप्ताह सहंसरा गंगा के भीतर से ही मिला है।
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इससे पहले साल जून 2020 में भी स्टेगोडॉन हाथी का जबड़ा बादशाहीबाग रेंज से मिल चुका है। उस समय वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी देहरादून के वैज्ञानिकों ने उस जबड़े को 50 लाख साल से अधिक पुराना माना था। सहारनपुर वन वृत्त और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया की ओर से छह महीने तक कराए गए विशेष सर्वेक्षण के दौरान यह जीवाश्म मिला था। तब तत्कालीन वन संरक्षक वीके जैन ने पत्रकारों से वार्ता में दावा किया गया था कि हाथी का इतना पुराना जीवाश्म उत्तर प्रदेश में पहली बार मिला है।
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शुतुरमुर्ग का 25 हजार साल पुराना अंडा मिला
सहंसरा गंगा क्षेत्र से ही शुतुरमुर्ग का अंडा भी मिला है। डॉ. उमर सैफ ने बताया कि पूर्व में राजस्थान और मध्य प्रदेश में शुतुरमुर्ग के अंडे मिले हैं। कार्बन डेटिंग में उनकी उम्र करीब 25 हजार साल आंकी गई थी। उन्होंने सहंसरा गंगा के तट से मिले उक्त अंडे की आयु भी 25,000 साल तक मानी है। उन्होंने बताया कि अंडा सहंसरा गंगा के तट से ईवा को मिला है। उक्त अंडे को भी सहंसरा गंगा किनारे बने सेंटर में रखवाया गया है।

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सहंसरा से ही मिला 38 करोड़ साल पुराना जीवाश्म
सहंसरा गंगा के बेसिन से एक और जीवाश्म मिला है, जिसके 38 करोड़ साल पुराना होने का दावा किया जा रहा है। हिमालयन इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक डॉ. उमर सैफ का दावा है कि जीवाश्म लेट डिवानियन से कार्बोनिफेरस कॉल के समय मिलने वाले हाइडनोसेरस नाम के बहुकोशिकीय जीव का है, जो 38 करोड़ साल तक पुराना है। उन्होंने बताया कि सहंसरा नदी का क्षेत्र अपने भीतर कई रहस्य छिपाए हुए है, जिसके बेसिन से लगातार अलग अलग जीवों के जीवाश्म और अंडे मिलते रहे हैं।

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