Saharanpur: सहजानंद महाराज ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कड़े शब्दों में की निंदा
अखिल भारतीय संत संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहजानंद महाराज ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। वह मंगलवार को शाकंभरी सिद्धपीठ सहारनपुर पहुंचे थे।
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सिद्धपीठ शांकभरी देवी स्थित शंकराचार्य आश्रम प्रभारी एवं अखिल भारतीय संत संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहजानंद महाराज ने स्वामी प्रसाद मौर्य का हिंदू धर्म को लेकर दिया गया बयान दुर्भाग्यपूर्ण है और वह कड़े शब्दों में इसकी निंदा करते हैं।
शंकराचार्य आश्रम में अमर उजाला से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए बयान कि हिंदू धर्म है ही नहीं है ये बयान बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म (सनातन धर्म) सबसे पुराना है, जो अनादि काल से चला आ रहा है। हिंदू धर्म से पहले तो कोई भी धर्म नहीं है।
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उन्होंने कहा कि उनके इस बेतुके बयान को लेकर जगह-जगह उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं और इनकी जांच हो। राजनेताओं द्वारा दिए गए बयानों को लेकर आगामी 2024 में इनका क्या परिणाम रहेगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में इस पार्टी का तो बिल्कुल सफाया निश्चित है, जो कुछ थोड़ा बहुत हिंदू वर्ग इस पार्टी से जुड़ा है वह भी इनका साथ छोड़कर भाजपा की तरफ चल जाएगा। इनके इस बयान को लेकर उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी संज्ञान लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य की बयान देने के पीछे मास्टरमाइंड कोई और है जो इनको इस तरह की बयानबाजी के लिए उकसा रहा है। उनकी पार्टी का कोई भी अन्य नेता इनके बारे में नहीं बोल रहा है। सब इनका व्यक्तिगत ब्यान कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। पार्टी में कोई व्यक्तिगत नहीं होता। पार्टी अध्यक्ष का मुख्य होता है, इनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।
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उन्होंने कहा की विपक्षी दल बौखला गए है, क्योंकि चुनाव में इनका सूपड़ा साफ होने वाला है। भाजपा की डबल इंजन के शासनकाल में चारों ओर विकास की गंगा बह रही है और गुंडागर्दी, अपहरण एवम अन्य सभी गलत कार्यों पर विराम लग गया है सब सुरक्षित है।
पहले भी दे चुके हैं बेतुके बयान
स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिन्दुओं को लेकर इस तरह का बयान दिया हो ये पहला वाक्या नहीं है। इससे पूर्व भी उन्होंने रामचरित मानस में कुछ पंक्तियों को हटाने की मांग, साधु संतों को लेकर इनके विवादित बोल को लेकर भी ये काफी चर्चा में रहे थे। वहीं कुछ समय पूर्व में एक सम्मेलन के दौरान एक शख्स ने उनके उपर जूता भी उछाल दिया था लेकिन बाद में इनके कार्यकर्ताओं ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट भी की थी।