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Saharanpur: प्रधान के बेटे की पीट-पीटकर हत्या, रेफर स्लिप के चक्कर में सही समय पर नहीं मिला उपचार

Fri, 04 Oct 2024 12:10 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Fri, 04 Oct 2024 12:10 AM IST
सार

जमीन के विवाद में 28 साल के सुमित की जान चली गई। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। 

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Saharanpur: Pradhan's son beaten to death, referral slip not treated at right time
सुमित का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नागल के कपासा गांव में प्रधान के बेटे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। परिजनों ने जिला अस्पताल और पुलिस लाइन में हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष के सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
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कपासा गांव में पिछले काफी समय से ग्राम प्रधान पूनम देवी और सतीश पक्ष के बीच आवासीय जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। बुधवार को ग्राम प्रधान पूनम घर पर पड़ोस की रहने वाली राजदुलारी और अंगूरी के साथ बातचीत कर रही थी। इसी दौरान सतीश उनके घर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। तब पड़ोसियों ने समझा-बुझाकर उसे घर भेज दिया था। कुछ देर बाद ही वह कई अन्य साथियों के साथ लाठी-डंडे लेकर आया और जानलेवा हमला कर दिया। इसमें प्रधान पुत्र 28 वर्षीय सुमित समेत विशाल, मोनू, राजदुलारी और अंगूरी घायल हो गए थे।
 
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उधर, सतीश पक्ष ने भी मारपीट का आरोप लगाया था। घायल सुमित को दोपहर बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बृहस्पतिवार सुबह उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पता चलने पर नागल और जनकपुरी पुलिस भी अस्पताल में आ पहुंची। इलाज ठीक नहीं होने और दूसरे पक्ष के लोगों पर कार्रवाई न होने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। यहीं नहीं कुछ लोग पुलिस लाइन में पहुंचे। जहां पर कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी से मिले। इसके बाद पुलिस ने दूसरे पक्ष के सतीश, अनुज, विकास, रविंद्र, अमित, अर्जुन और सूरज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
 
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समय पर मिल जाता उपचार तो बच जाती जान
परिजनों का आरोप है कि झगड़े के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को दो से तीन घंटे तक थाने में बैठाए रखा। सुमित की हालत को देखते हुए पुलिस ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया था। वहीं परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि सुमित को अस्पताल में भर्ती करने में देरी हुई है। भर्ती करने के लिए रेफर स्लिप मांगी गई। उसके बाद ही उसका उपचार शुरू हो पाया। समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती। सुमित का एक साल का बच्चा है। सुमित खेतीबाड़ी करता था।
 

ये बोले एसपी
नागल के कपासा गांव में दो पक्षों के बीच जमीन के विवाद को लेकर झगड़ा हो गया था। प्रधान पक्ष की तरफ से आई तहरीर पर दूसरे पक्ष के सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के लिए टीम गठित कर दी है। गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है। सुमित को थाने में नहीं बैठाया गया था। 
- सागर जैन, एसपी देहात
 
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