फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Saharanpur News: RTI has revealed that Darul Uloom has deposited a compounding fee of 25 lakh on illegal construction

हेलीपैड बनाने का मामला: अवैध निर्माण पर दारुल उलूम ने जमा किया 25 लाख शमन शुल्क, आरटीआई में हुआ खुलासा

Tue, 20 Jul 2021 09:54 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 20 Jul 2021 09:54 PM IST
सार

आरटीआई में खुलासा हुआ है कि दारुल उलूम ने अवैध निर्माण पर 25 लाख रुपये का शमन शुल्क जमा किया है। बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने आरटीआई के तहत प्रशासन से इस संबंध में सूचना मांगी थी।

विज्ञापन
Saharanpur News: RTI has revealed that Darul Uloom has deposited a compounding fee of 25 lakh on illegal construction
दारुल उलूम देवबंद

विस्तार

दारुल उलूम परिसर में निर्माणाधीन पुस्तकालय पर हेलीपैड बनाए जाने के मामले में दारुल उलूम ने अभी तक 25 लाख रुपये का शमन शुल्क जमा किया है। बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने आरटीआई के तहत प्रशासन से इस संबंध में सूचना मांगी थी, जिसमें उन्हें यह जानकारी दी गई। 

विज्ञापन


बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने आरटीआई के तहत जनसूचना अधिकारी नियत प्राधिकारी से दारुल उलूम में कंपाउंडिंग व शमन शुल्क गणना के लिए सहयुक्त नियोजक मेरठ कार्यालय को कितने पत्र लिखे गए, कंपाउंडिंग का कितना शमन शुल्क जमा कराया गया और अवैध निर्माण पर क्या कार्रवाई की गई है के संबंध में जानकारी मांगी थी। 
विज्ञापन


वहीं 15 जुलाई को दी गई जानकारी में बताया गया कि कंपाउंडिंग और शमन शुल्क की गणना के लिए सहयुक्त नियोजक मेरठ कार्यालय को अभी तक नौ पत्र भेजे जा चुके हैं। दारुल उलूम में बिना मानचित्र के निर्माण कार्यों पर अग्रिम धनराशि के रूप में अभी तक 25 लाख रुपये का शमन शुल्क जमा कराया जा चुका है, साथ ही यह भी बताया गया कि संस्था में अवैध निर्माण पर आरबीओ एक्ट 1958 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विकास त्यागी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के बार-बार पत्र लिखे जाने के बावजूद भी सहयुक्त नियोजक मेरठ कार्यालय के द्वारा अभी तक गणना न किया जाना खेद का विषय है। इस संबंध में शासन को अवगत कराया जाएगा। 


गौरतलब है कि विकास त्यागी ने दारुल उलूम में निर्माणाधीन पुस्तकालय और हेलीपैड सहित अन्य निर्माण कार्यों को अवैध बताते हुए जांच की मांग की थी। जिसके बाद शासन ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में हेलीपैड बनाने की कोई पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन पुस्तकालय के अन्य निर्माण कार्यों की कंपाउंडिंग कराई गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed